सूर्य ग्रहण

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    फोटो गूगल सौजन्य से
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सूर्य ग्रहण क्या होता है?
सूर्य ग्रहण—जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बिच (मध्य) से होकर जाता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा आच्छादित होता है उस समय को सूर्य ग्रहण कहते है
अर्थात –अपनी कक्षा में घूमती पृथ्वी और सूरज के बिच जब चन्द्रमा आता है तब सूर्य पर ग्रहण लगता है
आज के सूर्य ग्रहण में चाँद 93% सूर्य को अपने आप में छिपा लेगा और यह सूर्य ग्रहण भारत में अन्य देशो के मुकाबले बहुत अच्छे से देखा जायेगा आज सूर्य ग्रहण के समय सूर्य एक दहकते अंगारे की तरह अंगूठी के आकर में दिखेगा यह वर्ष का अंतिम व सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण है इस ग्रहण का असर सूर्य के साथसाथ पृथ्वी पर भी देखने को मिलेगा

ज्योति शास्त्र में आज के सूर्य ग्रहण का महत्व
आज का सूर्य ग्रहण ज्योतिसो के लिए भी खास है ज्योतिसो के अनुसार आज महाग्रहण है यानि की 6 ग्रहो का एक साथ होना (सूर्य,चंद्रमा,बृहस्पति,बुध,शनि और केतु )इससे पहले इस प्रकार का सूर्य ग्रहण 5 फरवरी 1962 में हुआ था उस वक्त 7 (सात )ग्रह एक साथ थे
ज्योतिशास्त्र के अनुसार आज का ग्रहण किसी बड़ी घटना की और संकेत करता है ज्योतिसो के अनुसार 6 ग्रहो का एक साथ होना बहुत सारी प्राकृतिक आपदाओं का कारण बनेगा इसका असर सम्पूर्ण विश्व पर होगा इससे अनेको रोग,बीमारिया औरअशांति होगी ज्योतिसो के अनुसार यह ग्रहण देश दुनिय की राजनीती में भी बहुत कुछ बदल कर रख देगा
देश में कई जगहों पर पौराणिक मान्यताओं के चलते ग्रहण के12घंटे पूर्व से ही कई मठ मंदिरो के दरवाजे (किवाड़)बंद कर दिए गए है

परन्तु वैज्ञानिको के अनुसार यह एक अंधविश्वास है
आज जो सूर्य ग्रहण है वह बहुत खास है यह पुरे 57वर्ष के बाद हो रहा है यह सूर्य ग्रहण सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण है 26 दिसम्बर को यह ग्रहण सुबह 8:17 से 10:57 तक रहेगा भारत के अलग अलग हिस्सों में सूर्य ग्रहण अलग अलग समय पर दिखेगा

ज्योतिसो के अनुसार जब 1962 में जब ऐसा ही ग्रहण हुआ था तब भारत चीन का युद्ध हुआ था ब्रिटेन में उसी वर्ष सबसे भयंकर वर्फ बारी हुयी थी और क्यूबा मिसाइल संकट भी 1962 में ही हुआ था तथा अमेरिका और फ्रांस में बहुत भारी विमान हादसे हुए थे और भी अनेको घटनाये हुयी थी आज (26 दिसम्बर )को भी उसी प्रकार का सयोग बन रहा है इस लिए ज्योतिसो के मन में डर बना है 

परन्तु वैज्ञानिको का कहना है की यह एक सामान्य खगोलीय घटना है इससे कुछ भी बुरा नहीं होगा अन्य ग्रहणों की भाती ही यह भी सामान्य ग्रहण है

 

 

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गर्भवती महिलाओ के लिए  कुछ खास ध्यान रखने योग्य बाते
(1) गर्भवती महिलाये ग्रहण के समय बाहर ना निकले सूर्य ग्रहण को देखने की कोशिस ना करे इसका नकारात्मक असर होने वाले बच्चे पर पड़ता है जिससे बचा के मानसिक एवं शाररिक परेशानिया  आ सकता है

(2)कहा जाता है ग्रहण के प्रभाव से गर्भवती महिला के लिवर, स्किन और आंखों को सबसे ज्यादा हानी हो सकती है इसके साथ में गर्भ में पल रहे बच्चे को भी त्वचा(skin problems )से जुड़ी अनेको परेशानीया होने की सम्भावना रहती है

(3) ग्रहण के समय सोने (नींद)के लिए मना किया जाता है परन्तु गर्भवती महिलाये आराम (सो)कर सकती है या नींद न आये तो भक्ति (जिस भगवान को मानती है उस प्रभु की) आराधना कर सकती है

(4) अगर हो सके तो ग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाको स्नान (नहाना)करना चाहिए फिर प्रभु (भगवान) के समक्ष दीपक ( धूप-दीप)जलाये और इसके उपरांत कुछ पोस्टिक आहार (एर्जेटिक चीजें) खा ले
(5) इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर से बाहर जाने से मना किया जाता है जिससे मां और होने वाला बच्चा भी ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बच सके

 

 

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माना जाता है की ग्रहण कल में कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए परन्तु भूख बर्दास्त एक सिमा तक ही कर सकते है लेकिन बच्चे,बूढ़े,गर्भवती महिलाये,एवं बीमार वयक्ति कैसे भूखे रह सकते है तो ऐसा क्या करे की भूखे भी ना रहे और ग्रहण का डर भी ना सताए
(1) खुला पानी ना पिए– बहुत समय से किसी बर्तन में पानी रखा है और उसमे ढकन ना लगाया हो तो वह पानी नहीं पीना चाहिए ग्रहण के कारण इस पानी को पिने से (कॉस्मिक चेंज के कारण) रिऐक्शन होने की सम्भावना रहती है
(2) तेलीय भोजन न करे–ज्यादा ऑयली खाना नहीं खाये क्युकी यह पचने में मुश्किल करेगा जिसके कारण डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें और बीमारियां होगी तो ग्रहण के समय किसी भी प्रकार का ऑइली फूड एवं डीप फ्राइ फूड खाने से बचे
(3) नॉन वेज से दूर रहे — माँसाहारी भोजन का सेवन हमारे शरीर के तापमान को बढ़ाता है क्योंकि नॉन वेज में प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है और शरीर के लिए इसे पचाना  ( डाइजेस्ट) करना आसान नहीं होता है 

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