‘अल्लाह हू अकबर’ नारो के साथ भड़की हिंसा, पुलिस पर पत्थरबाजी और आगजनी के बाद स्वीडन में दहशत

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‘अल्लाह हू अकबर’ नारो के साथ भड़की हिंसा, पुलिस पर पत्थरबाजी और आगजनी के बाद स्वीडन में दहशत
‘अल्लाह हू अकबर’ नारो के साथ भड़की हिंसा, पुलिस पर पत्थरबाजी और आगजनी के बाद स्वीडन में दहशत

स्वीडन (sweden) में शुक्रवार रात को अचानक लगभग 300 के करीब जुटे दंगाइयों ने मजहबी

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नारों के साथ हिंसा शुरू कर दी। जब पुलिस बीच-बचाव करने आई तो भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। टायर जलाकर आगजनी की और सड़क को जाम करने की कोशिश की।

यह घटना दक्षिणी स्वीडन (Southern sweden) के माल्मो (Malmo) शहर की है। माल्मो (Malmo) पुलिस का कहना है कि वो अभी भी दंगों को नियंत्रित करने में लगे हुए हैं। टायर जलाने के कारण पूरे क्षेत्र में धुआँ -धुआँ फ़ैल गया,

जो काफी ऊपर तक होने से दूर से ही दिखाई दे रहा था। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में नहीं है।लेकिन हम कोशिस कर रहे है जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी ।

इस हिंसा का कारण कुछ दिनों पहले फार-राइट डेनिश पार्टी के नेता Rasmus Paludan को गिरफ्तार करना तथा एवं इसके बाद धुर दक्षिणपंथियों के द्वारा कुरान जला कर प्रदर्शन करना बताया जा रहा है


दंगो की सुरुवात दंगो की सुरुवात वही से की गयी जहाँ कुरान जलाया गया। इससे पहले ‘Hard Line’ के नेता Rasmus Paludan को स्वीडन के माल्मो में बैठक में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था। उन्हें स्वीडन की सीमा से ही गिरफ्तार किया गया।

वे अक्सर इस्लाम और मुस्लिमों को लेकर दिए गए विवादों के कारण चर्चा में रहते हैं। उन पर 2 साल के लिए स्वीडन (sweden)में घुसने पर प्रतिबंध लगा था और सीमा पर अंदर घुसने का प्रयास करते वक्त उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि वो क़ानून तोड़ने आ रहे थे, इसीलिए ये कार्रवाई की गई। साथ ही बताया गया है कि उनका व्यवहार समाज के लिए ख़तरा हो सकता है।

कट्टरवाद और घृणा फैलाने के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार

उनके रैली में नहीं पहुँचने के बाद कुरान की प्रति जलाई गई। इसके बाद कट्टरवाद और घृणा फैलाने के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दक्षिणपंथी नेता ने कहा कि उन्हें 2 साल के लिए देश-निकाला दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ हत्यारों और बलात्कारियों का स्वागत किया जाता है। स्वीडन में घुसपैठियों की संख्या बढ़ने के कारण लोगों में गुस्सा है।

डेनमार्क के नेता की गिरफ्तारी पर बवाल

दरअसल, देश में प्रतिबंधित डेनमार्क की Hard Line के नेता Rasmus Paludan को मालम में मीटिंग करने की इजाजत नहीं दी गई थी तथा Rasmus Paludan को स्वीडन बॉर्डर पर रोक कर गिरफ्तार कर लिया।

प्रशासन को शक था कि उनके आने से स्वीडन (sweden) में कानून को तोड़ा जाएगा जिससे स्वीडन (sweden)  की सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचेगा।

इससे पहले भी  2019 में नार्वे में इस्लाम के ख़िलाफ़ हुई रैली में एक व्यक्ति ने कुरान जला दी थी, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया था। प्रदर्शन में लगे एक समूह के नेतृत्व कर रहे लार्स थोर्सन ने पवित्र कुरान की पुस्तक में आग लगा दी थी। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन कर रहे गुट और इस्लाम समर्थक गुट के बीच जम कर झड़प होने के बाद हालात बिगड़ गए थे।

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