Air pollution : वायु प्रदूषण क्या है और वायु प्रदूषण के दुष्परिणाम

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air pollution in delhi
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वायु प्रदूषण क्या है और वायु प्रदूषण के दुष्परिणाम स्वास्थ्य पर (Air pollution Meaning in Hindi and Air Pollution Effects on Health)

Air Pollution : आजकल समाचारो की हर सुर्खियों में दिल्ली की खबरे बहुत सुनने को मिल रही है की दिल्ली के आस-पास गुड़गांव व चंडीगढ़ में बड़ी मात्रा में पराली जलाने से दिल्ली की हवा में वायु प्रदूषण

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(Air Pollution) अधिक हो गया है। इस कारण वहा के लोगो को सांस लेने में बड़ी दिक्कत हो रही है घर से बाहर निकलने पर मास्क का सहारा लेना पढ़ रहा है।

(WHO) वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन ने अपने शोध में बताया है की दिल्ली में सामान्य वायु प्रदूषण (Air Pollution) से अधिक खराब स्तिथि बन गयी है क्योंकि दिल्ली की हवा 14. 3 गुना अधिक हवा विषैली यानि प्रदूषित हो गयी है, दिल्ली के अलावा गंगा नदी के आस-पास का इलाका भी वायुप्रदूषण की चपेट में है वहा के बहुत बीमार पड़ रहे है जो की चिंता का विषय है। अब हम वायु प्रदूषण के बारे में (Air Pollution Meaning in Hindi) जान ले।

दोस्तों वायु प्रदूषण वातावरण में गंदगी व चिमनियों के धुएं, अधिक मात्रा में पराली जलाने व गाड़ियों के धुए से होता है। बहुत से राज्य में वायु प्रदूषण के कारण दम घुटने से लोगो की मृत्यु हो जाती है। इसका एक मुख्य कारण बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई व पेड़ काटना हो सकता है।

इन सब समस्याओं से बचाव करने के लिए हमे पेड़ पौधे अधिक लगाना चाहिए ताकि प्रदूषण को कुछ हद तक कम कर सके। इसके अलावा कम धुआँ फैलाये ताकि वातावरण में हम ठीक से सास ले सके। आज हम आपको वायु प्रदूषण स्वास्थ्य पर क्या बुरा प्रभाव डालता है इसके बारे में विस्तार से लेख में बतलाया गया है।

स्वास्थ्य पर प्रदूषण का प्रभाव ? (Effect of Air Pollution on Health in Hindi)

स्वास्थ्य पर प्रदूषण का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। जैसे आंखो की समस्या यानि आंखो से पानी आना, गले में दर्द होना, छींक जाना, सांस लेने में दिक्कत होना, स्मोग आदि अस्थायी दुष्परिणाम होते है। प्रदूषण बढ़ने पर एलर्जी होना, सांसो संबंधित समस्याए होना।

इसके अलावा बहुत सी स्वास्थ्य समस्या होने लगती है जिसकी गिनती खत्म नहीं होती है। वायु प्रदूषण (Air Pollution) के कारण कैंसर की समस्या लोगो में अधिक बड़ी है क्योंकि बाहर काम करने वाले, शिशु अधिक शिकार होते है। विश्व संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया में 60 लाख लोग मौत की चपेट में आ जाते है। (और पढ़े – बादाम के फायदे आंखो के लिए)

वायु प्रदूषण से किन बीमारियों का जोखिम अधिक रहता है ? (What Diseases Does Air Pollution Cause in Hindi)

वायु प्रदूषण (Air Pollution) होने कारण सबसे पहले तो सांस लेने में परेशानी होने लगती है। जिस कारण स्वस्थ व्यक्ति बीमार पड़ जाता है। कई राज्यों में अस्पतालों में प्रदूषण से पीड़ित लोग भर्ती अधिक हो रही है। क्योंकि वातारण इतना विषैला हो गया है की मनुष्य की क्या बात करे जीव जंतु भी सुरक्षित नहीं है। वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगो को अनेको बीमारियों का जोखिम हो सकता है।

वायु प्रदूषण का शरीर बहुत बुरा असर पड़ता है। कुछ अध्ययनो में बताया गया है की वायु प्रदूषण ह्रदय रोग का जोखिम अधिक रहता है। क्योंकि वायु प्रदूषण वातावरण में इस कदर प्रसरित है जिसका असर भोजन पर पड़ता है और भोजन दूषित हो जाता है ,इस दूषित भोजन को खाने पर शरीर को नुकसान करता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण बढ़ने पर हार्टफेल, कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्या अधिक बढ़ जाती है। 

हृदय रोग का जोखिम बढ़ने के कारण डायबिटीज, मोटापा होता है। इसलिए वायु प्रदूषण अगर आपके शहर में अधिक है, तो आपको बाहर का कुछ भी नहीं खाना चाहिए। बल्कि घर का खाना चाहिए। ताकि इन समस्याओं को बढ़ने से रोक सके।
कई विकसित देशो में वायु प्रदूषण के बढ़ने पर हार्ट की समस्या में बढ़ोतरी तो होती है।

लेकिन कुछ हद तक इस पर रोकथाम किया गया है। इसके अलावा हवा जहरीली होने कारण फेफड़ो को बहुत नुकसान होता है। बहुत से फेफड़ो की बीमारी की चपेट में आ जाते है। केवल सिगरेट के धुएं से फेफड़े नहीं ख़राब होते बल्कि दूषित हवा फेफड़े में जाने से रोग का जोखिम कारण बन सकता है।

जिन लोगो को अस्थमा की समस्या है उनके के लिए वायु प्रदूषण खतरनाक तो होता ही है। किंतु जहरीली हवा में सांस लेने से कमजोर प्रतिशा प्रणाली के लोग अस्थमा के शिकार हो जाते है ,जैसा की आप जानते है धुल मिट्टी, गंदी हवा अस्थमा रोग को आमंत्रित करता है।

प्रदूषण से बचाव कैसे करे ? (Prevention of Air Pollution in Hindi)

  • प्रदूषण से बचाव करने के लिए कुछ निम्न तरीके उपयोग कर सकते है। ताकि आप प्रदूषण से अपनी सुरक्षा कर पाए।
  • धूम्रपान, सिगरेट के धुएं आदि के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
  • वातवरण में प्रदूषण को कम करने के लिए सभी को पेड़ लगाना चाहिए। ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।
  • लोगो को पैदल चलने, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन साधनों से आने-जाने को बढ़ावा देना जरूरी है।
  • बगीचे और पार्को में रोजाना व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा भरी वाहनों से लगी सड़को पर ना टहला करे।
  • अधिक प्रदूषण बढ़ने पर घर से केवल जरुरी काम हो, तो बाहर निकले। किंतु मास्क का उपयोग करना न भूले।
  • इसके अलावा छोटे शिशु, अस्थमा के मरीज, फेफड़ो के मरीज को बाहर जाने से रोके।
  • घर के भीतर बायोमास जलाने से बचे।
  • भोजन में विटामिन सी और ए युक्त भोजन का आहार करना चाहिए।
  • ऐसे हाइवे पर अधिक ना जाये जहा वाहनों और गाड़ियों की भीड़ लगी हो।
  • अगर बच्चो को स्कूल छोड़ने जा रहे है, उनको मास्क लगाकर लेकर जाये।

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