amazing benefits of holy basil

हेल्थ

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधा को पूजनी, पवित्र और देवी का स्थान प्राप्त है। इसलिए हिन्दू अपने घरो में तुलसी का पौधा लगाते है। और इसकी पूजा भी करते है। इस पौधे में सुबह जल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि जिस घर में भी तुलसी का पौधा होता है वहां पर हमेशा सुख – समृद्धि बनी रहती है।

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तुलसी क्या है

तुलसी का बोटैनिकल नाम  Ocimum tenuiflorum है।  एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है। यह झाड़ी के रूप में उगता है और 1 से 3 फुट ऊँचा होता है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ 1 से 2 इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं।

तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन (Vitamin) और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है।

क्या आप जानते हैं कि तुलसी पूजनीय होने के साथ ही औषधि के रूप में भी प्रयोग कि जाती है।

तुलसी एक रामबाण औषधि है इसका उपयोग अनेक बीमारियों में होता है। ऐसे ही तुलसी के अनगिनत फायदों के बारे में आपको बताते हैं।

1. मलेरिया में फायदेमंद

तुलसी का पौधा (Tulsi Plant) मलेरिया रोग से आराम दिलाता है। तुलसी-पत्रों का काढ़ा बनाकर सुबह, दोपहर और शाम को पीने से मलेरिया में लाभ होता है। तुलसी के पौधों को छूकर वायु में कुछ ऐसा प्रभाव उत्पन्न हो जाता है कि मलेरिया के मच्छर वहां से भाग जाते हैं, इसके पास नहीं फटकते हैं।

2. किडनी की पथरी से मुक्ति

तुलसी की पत्तियों को उबाल लें और फिर उसका जूस बनाकर रोजाना 6 महीनों तक शहद के साथ लेने से पथरी खत्म हो जाती है और शरीर से बाहर आ जाती है।

3. माइग्रेन में तुलसी है फायदेमंद 

माइग्रेन और साइनस में तुलसी का काढ़ा पीने से आराम मिलता है। यह एक प्राकृतिक तरीका है माइग्रेन से निजात पाने का अगर आपको पुराना सिर दर्द है तो एक चौथाई चम्मच तुलसी का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ रोजाना सुबह – शाम को लेने से सिर दर्द में आराम मिलता है ।  हलाकि इसमें 15 से दिनों 20 का समय लग सकता है।  

4. बात रोग को दूर करता है।

तुलसी की जड़, पत्ती, डंठल, फल और बीज को मिलाकर उसका चूर्ण बना लें फिर उसमें पुराना गुड़ मिलाकर 12 ग्राम की छोटी – छोटी गोलियां बना लें। गाय या बकरी के दूध के साथ सुबह-शाम लें गठिया व जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है।

5. टीबी रोग में लाभकारी

दमा और टीबी रोग में तुलसी बहुत लाभकारी होती है। दमा और टीबी रोजाना तुलसी का सेवन करने से नहीं होती है। दमा, कफ़ और सर्दी में शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है।

6. ब्रह्मास्त्र है कुष्ठ रोग में

रोजाना तुलसी की जड़ को पीसकर और उसे सोंठ मिलाकर पानी के साथ लेने से कुष्ठ रोग में आराम मिलता है।

7. डायबिटीज़ में लाभकारी

तुलसी से ‘ब्लड शुगर’ लेवल कम होता है।


तुलसी के अत्यधिक सेवन से नुकसान (Side Effects Of  Tulsi)

हर फ़ायदेमंद चीज़ के कुछ नुकसान भी होते हैं, तुलसी के भी हैं। हालांकि वैसे तुलसी बिना किसी साइड इफेक्ट के कई चीजों में लाभकारी होती है, लेकिन इसके अत्यधिक सेवन से कुछ परेशानियां भी हो सकती हैं:-

गर्म तासीर की होने के कारण तुलसी का अत्यधिक सेवन पेट में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही प्रयोग करें।

गर्भावस्था में तुलसी के सेवन से दूर रहना चाहिए। साथ ही जो महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान कराती हैं उन्हें भी तुलसी का सेवन सावधानी से करना चाहिए या तो नहीं करना चाहिए।

यदि आपकी कोई सर्जरी हुई है या होने वाली है तो ऐसी अवस्था में यदि आप तुलसी का सेवन नियमित करती हैं, तो तत्काल बंद कर दें। तुलसी खून पतला करती है, जिसकी वजह से सर्जरी के दौरान या बाद में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतें।

डायबिटीज़ की दवा खा रहे लोगों को तुलसी नहीं खानी चाहिए क्योंकि इससे ‘ब्लड शुगर’ लेवल कम होता है।

तुलसी में पोटेशियम की मात्रा अधिक होने के कारण यह ब्लड प्रेशर कम कर सकती है। इसलिए यदि कोई ‘लो ब्लड प्रेशर’ की दवा ले रहे हैं, उन्हें तुलसी का सेवन करना ही नहीं चाहिए और यदि कर रही हैं तो तुरंत बंद कर देना चाहिए।

अधिक मात्रा में तुलसी अदरक की चाय पीने से सीने में जलन की शिकायत हो सकती है।

गुणकारी तुलसी के इन अनगिनत गुणों को जानने के बाद आप समझ ही गई होंगी कि क्यों हम तुलसी को इतना महत्व देते हैं? धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक मानदंडों में भी इसके लाभकारी गुणों को माना गया है।

अगर बच्चे को खेलते हुए चोट लग जाती है तो उसपर तुलसी का रस लगाने से राहत मिलती है

Bottom Line

Holi Basil तुलसी पर अधिक शोध करने कि जरूरत है। जिससे प्रकृति के इस उपहार का सही उपयोग किया जा सके।

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