खुदीराम बोस के गाँव पहुँचे अमित शाह

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खुदीराम बोस के गाँव पहुँचे अमित शाह
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खुदीराम बोस के गाँव पहुँचे अमित शाह
image by : opindia

खुदीराम बोस के गाँव पहुँचे अमित शाह (Amit Shah) “यह मेरा सौभाग्य है कि मैं महान स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस के घर की मिट्टी को अपने माथे से स्पर्श कर पाया। वह खुशी-खुशी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए बलिदान देने के लिए फाँसी पर चढ़ गए।”

पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) दो दिन के दौरे पर कोलकाता पहुँचे।

उन्‍होंने सबसे पहले कोलकाता पहुंच कर स्वामी विवेकानंद के पैतृक घर जाकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।और इसके बाद गृह मंत्री पश्चिम मिदनापुर में खुदीराम बोस के पैतृक गाँव गए और पुष्पांजलि अर्पित की।


अमित शाह (Amit Shah) ने खुदीराम बोस के पैतृक गाँव पहुंच कर उनके परिवार के सदस्यों के साथ मुलाकात की एवं उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए शाह ने कहा कि जब बोस को 1908 में अंग्रेजों द्वारा फांसी पर लटकाया जा रहा था।

तब उन्होंने ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष कर देश के युवाओं को प्रेरित किया था।

वह खुशी-खुशी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए बलिदान देने के लिए फाँसी पर चढ़ गए।” “यह मेरा सौभाग्य है कि मैं महान स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस के घर की मिट्टी को अपने माथे से स्पर्श कर पाया।

शाह ने क्षेत्रवाद की “संकीर्ण” राजनीति करने वालों की आलोचना की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah)ने कहा, “जो लोग बंगाल में संकीर्ण राजनीति कर रहे हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि खुदीराम बोस पर जितना गर्व बंगाल को है उतना ही पूरे देश को है।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जो लोग क्षेत्रवाद की राजनीति कर रहे हैं उन्हें इससे बाज आना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह,

बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने पश्चिम मिदनापुर ज़िले के बेलिजुरी गांव में एक किसान के घर पर खाना खाया। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने मिदनापुर के देवी महामाया मंदिर में पूजा की।

खुदीराम बोस के परिजन केंद्रीय गृह मंत्री से मान सम्मान पा कर बेहद खुश नजर आए। उनके परिवार के सदस्य गोपाल बसु ने कहा, “बीजेपी ने हमें सम्मान दिया है। इससे पिछली किसी भी सरकार से हमें इस तरह का सम्मान नहीं मिला । तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भी नहीं।”

इससे पहले गोपाल बसु ने कहा था, “मैं अमित शाह (Amit Shah)से कहूँगा कि खुदीराम बोस की जन्मस्थली में कोई विकास नहीं हुआ है। हम केवल युवाओं को रोजगार चाहते हैं।”

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