Beating Retreat 2021: बीटिंग रिट्रीट का आयोजन विजय चौक

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Beating Retreat 2021
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Beating Retreat 2021: बीटिंग रिट्रीट का आयोजन विजय चौक पर किया जाता है.
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देश में 26 जनवरी को 72वां गणतंत्र दिवस मनाया गया . इस दिन राजपथ पर परेड का आयोजन किया गया और अनेक राज्यों से झाकिया भी सम्मिलित हुयी थी हालांकि कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर परेड और झाकिया अन्य वर्षो से कम की गयी थी।

गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद यानी 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट (Beating Retreat) समारोह आयोजित किया जाता है। यह समारोह भारत के गणतंत्र दिवस (Republic Day) के जश्न की समाप्ति का सूचक है.

बीटिंग द रिट्रीट समारोह 29 जनवरी की शाम को मनाया जाता है.

बीटिंग रिट्रीट (Beating Retreat) असली नाम ‘वॉच सेटिंग’ है और यह सूर्य डूबने के समय मनाया जाता है. बीटिंग रिट्रीट (Beating Retreat) का आयोजन गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह के तीसरे दिन 29 जनवरी की शाम को किया जाता है. बीटिंग रिट्रीट में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन बजाते हुए मार्च करते हैं.

साथ ही बीटिंग रिट्रीट में भारतीय सेना अपनी ताकत और संस्कृति का प्रदर्शन करती हैं. बीटिंग रिट्रीट का आयोजन राष्‍ट्रपति भवन रायसीना हिल्स में किया जाता है, जिसके चीफ गेस्‍ट राष्‍ट्र‍पति होते हैं. बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम (Beating Retreat Ceremony) का समापन ‘सारे जहां से अच्‍छा’ गाने’ की धुन के साथ होता है

Beating Retreat 2021: इस साल दिखेगी ‘स्वर्णिम विजय’ रचना

इस साल बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat Ceremony) के समापन के अवसर पर पाकिस्तान पर भारत की 1971 की जीत के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष नई रचना ‘स्वर्णिम विजय’ बनाई गयी .

26 जनवरी से 29 जनवरी तक (रिपब्लिक डे से बीटिंग रिट्रीट) तक राष्ट्रपति भवन समेत सभी सरकारी भवनों की सजावट की जाती है.बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत में तीनों सेनाओं (जल सेना, वायु सेना और थल सेना) के बैंड एक साथ पारंपरिक धुन बजाते हैं।

बैंड मास्टर राष्ट्रपति के पास जाकर बैंड की विदाई की अनुमति मांगते हैं.

आखिरी में बैंड मास्टर राष्ट्रपति के पास जाकर बैंड की विदाई की अनुमति मांगते हैं. जब राष्ट्रपति की इजाजत मिल जाती है तो इसका मतलब होता है कि गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों का समापन हो गया है.

बैंड की वापसी के समय वह ‘सारे जहां से अच्छा’ की लोकप्रिय धुन बजाते हैं. शाम को ठीक 6 बजे बगलर्स रिट्रीट की धुन बजाते हैं और तिरंगे को उतार लिया जाता है.

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