Black Pepper benefits, side effects, use in hindi| kali mirch ke fayde |Health Benefits Of Black Pepper

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Black Pepper benefits, side effects, use in hindi| kali mirch ke fayde | Health Benefits Of Black Pepper | काली मिर्च के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

काली मिर्च का परिचय | Introduction of Black Pepper

भारत में ऐसा कोई घर नहीं होगा जहाँ काली मिर्च का प्रयोग नहीं होता हो। यह मसालों की रानी मानी जाती है। चाहे हम कोई भी सब्जी बनाएं। सब्जी सूखी हो या रसेदार या फिर नमकीन से लेकर सूप आदि तक, हरेक व्यंजन में काली मिर्च का प्रयोग जरूर होता है। भोजन में काली मिर्च का इस्तेमाल केवल स्वाद के लिए नहीं किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक (Black Pepper Health Benefits

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) है।

हर भारतीय किचन में आसानी से मिलने वाली काली मिर्च, सिर्फ खाने के स्वाद को ही बढ़ाने का काम नहीं करती, बल्कि सेहत को भी कई लाभ पहुंचाने में मददगार है. काली मिर्च का वैज्ञानिक नाम पाइपर निग्राम है.काली मिर्च एक अच्छी औषधि भी है। लंबे समय से आयुर्वेद में इसका औषधीय प्रयोग होता रहा है। वास्तव में काली मिर्च के औषधीय गुणों के कारण ही इसे भोजन में शामिल किया जाता है। काली मिर्च का प्रयोग रोगों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

अगर हर दिन दो से तीन काली मिर्च का सेवन किया जाये तो यह आपके शरीर के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित होंगी. इतना ही नहीं आप काली मिर्च खाने से अपनी कई बीमारियों का इलाज घर बैठे कर सकते हैं जैसे की सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर आदि में इसका सेवन लाभदायक साबित होता है।

काली मिर्च का इस्तेमाल आप कई तरीकों से कर सकते हैं। जैसे कि चाय में, सब्जी या दाल में मसाले के रूप में,या सूखी काली मिर्च भी खाई जा सकती है। जो गले दर्द जैसी समस्या से निजात दिलाने में काफी हद तक असरदार होती है।

काली मिर्च के काफी अधिक औषधीय लाभ (Kali Mirch Ke Fayde In Hindi) हैं। यह वात और कफ को नष्ट करती है और कफ तथा वायु को निकालती है। यह भूख बढ़ाती है, भोजन को पचाती है, लीवर को स्वस्थ बनाती है और दर्द तथा पेट के कीड़ों को खत्म करती है। यह पेशाब बढ़ाती है और दमे को नष्ट करती है। तीखा और गरम होने के कारण यह मुँह में लार पैदा करती है और शरीर के समस्त स्रोतों से मलों को बाहर निकाल कर स्रोतों को शुद्ध करती है। इसे प्रमाथी द्रव्यों में प्रधान माना गया है। आइए जानते हैं कि आप बीमारियों को ठीक करने के लिए काली मिर्च का उपयोग कैसे कर सकते हैं।

क्या है काली मिर्च (What is Black Pepper in Hindi?)

काली मिर्च (Marich Herb) एक औषधीय मसाला (Spice) है। इसे काली मिर्च (gol mirch)भी कहते हैं। यह दिखने में थोड़ी छोटी, गोल और काले रंग की होती है। इसका स्वाद काफी तीखा होता है। इसकी लता बहुत समय तक जीवित रहने वाली होती है। यह पान के जैसे पत्तों वाली, बहुत तेजी से फैलने वाली और कोमल लता होती है। इसकी लता मजबूत सहारे से लिपट कर ऊपर बढ़ती है।

एक वर्ष में इसकी लगभग दो उपज प्राप्त होती हैं। पहली उपज अगस्त-सितम्बर में और दूसरी मार्च-अप्रैल में। बाजारों में

दो प्रकार की मिर्च बिकती है – सफेद मिर्च और काली मरिच। कालीमिर्च की तासीर आयुर्वेद के अनुसार न शीत है और न उष्ण, लेकिन कहीं-कहीं पर इसको उष्ण तासीर का भी बताया गया है।

कुछ लोग सफेद मिर्च को काली मिर्च की एक विशेष जाति मानते हैं। कोई सहिजन (Moringa) के बीजों को ही सफेद मिर्च मान लेते हैं। सफेद मिर्च काली मिर्च (Marich Herb) का ही एक अलग रूप है।

आधे पके फलों की काली मिर्च बनती है तथा पूरे पके फलों को पानी में भिगोकर, हाथ से मसल कर ऊपर का छिल्का उतार देने से वह सफेद मिर्च बन जाती है। छिल्का हट जाने से इसकी गरम तासीर कुछ कम हो जाती है तथा गुणों में कुछ सौम्यता आ जाती है।

काली मिर्च के औषधीय प्रयोग से लाभ Black Pepper Benefits and Uses in Hindi

काली मिर्च का भोजन में प्रयोग (Kali Mirch Ke Fayde In Hindi) करने से भी आपको बहुत लाभ मिलता है। उदाहरण के लिए, ठंड के दिनों में बनाए जाने वाले सभी पकवानों में काली मिर्च का उपयोग किया जाता है ताकि ठंड और गले की बीमारियों से रक्षा हो सके। काली मिर्च नपुंसकता, रजोरोध यानी मासिक धर्म के न आने, चर्म रोग, बुखार तथा कुष्ठ रोग आदि में लाभकारी है। आँखों के लिए यह विशेष हितकारी होती है। जोड़ों का दर्द, गठिया, लकवा एवं खुजली आदि में काली मिर्च में पकाए तेल की मालिश करने से बहुत लाभ होता है। विभिन्न रोगों में इसका उपयोग Kali Mirch Ke Fayde In Hindi | Health Benefits Of Black Pepper

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए

काली मिर्च का सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें पाइपरिन नामक तत्त्व होता है जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ने से रोकने में फायदेमंद माना जाता है। साथ ही साथ ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में रखने में लाभदायक साबित हो सकता है।

सर्दी रहे दूर

काली मिर्च का सेवन करने से सर्दी के मौसम में होने वाली खांसी और जुकाम से आपको राहत मिलती है. साथ ही इसके सेवन से आपका गला भी साफ रहता है. इतना ही नहीं कई लोगों को जुकाम के कारण बाल झड़ने की समस्या हो जाती है, इससे भी आपको आराम मिलता है.काली मिर्च अनेकों तत्वों से भरपूर होती है जो शरीर को फायदा पहुँचाती है। इसमें एक पेपरिन महत्वपूर्ण कंपाउंड पाया जाता है। जो सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों को ठीक करने में काफी हद तक लाभदायक हो सकता है। इसलिए आप काली मिर्च का सेवन अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

वजन को नियंत्रण में करने के लिए

माना जाता है कि वजन को नियंत्रण करने में काली मिर्च का सेवन लाभदायक होता है। काली मिर्च में एंटीओबेसिटी जैसे अनेक तत्त्व होते हैं। जो भूख को कंट्रोल करने में लाभदायक होते हैं। इसलिए आप काली मिर्च का सेवन मसाले या किसी भी अन्य रूप में जरूर करें। ताकि आपके वजन को ये नियंत्रण में रखने में लाभदायक साबित हो सके।

टेंशन होती है दूर

काली मिर्च में पिपराइन मौजूद होती है और उसमें एंटी-डिप्रेसेंट के गुण होते है. जिस कारण काली मिर्च लोगों की टेंशन और डिप्रेशन को दूर करने में मदद करती है. पुराने लोग काली मिर्च के सेवन को काफी तरजीह देते थे.

पेट के लिए अत्यधिक फायदेमंद होता है काली मिर्च का सेवन

यदि आप अपने भोजन में रोजाना काली मिर्च का इस्तेमाल करते हैं तो ये काफी तक फायदेमंद साबित हो सकता है। काली मिर्च में पाइपरिन नामक तत्त्व पाया जाता है जो भोजन को पचाने में लाभदायक होता है। इसके साथ ही काली मिर्च में अनेकों तत्त्व पाए जाते हैं जो की काइमोट्रिप्सिन, पैंक्रियाटिक लाइपेज की गतिविधियों को शरीर में बढ़ावा देते हैं। जिससे कि हमारा पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम होता है

सर्दी-खांसी और जुकाम को ठीक करने में फायदेमंद होती है काली मिर्च

माना जाता है कि काली मिर्च को आप सर्दी-खांसी और जुकाम को ठीक करने के लिए मेडिसिन की तरह भी खा सकते हैं। काली मिर्च अनेकों तत्वों से भरपूर होती है जो शरीर को फायदा पहुँचाती है। इसमें एक पेपरिन महत्वपूर्ण कंपाउंड पाया जाता है। जो सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों को ठीक करने में काफी हद तक लाभदायक हो सकता है। इसलिए आप काली मिर्च का सेवन अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

स्किन के लिए

काली मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट्स जैसे तत्त्व पाए जाते हैं जो स्किन के लिए अच्छे माने जाते हैं। ये त्वचा को स्वस्थ भी रखते हैं साथ ही साथ कील-मुहासें जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में भी लाभदायक साबित होते हैं। इसका सेवन स्किन में एंटी-एजिंग की तरह भी काम करता है। इसलिए आपको काली मिर्च का सेवन रोजाना करना चाहिए।

जोड़ों के दर्द के लिए

काली मिर्च का सेवन जोड़ों के दर्द को कम करने में लाभदायक होते हैं। माना जाता है कि काली मिर्च का सेवन शरीर में सूजन कम करने में मददगार साबित होता है। काली मिर्च में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीअर्थराइटिस जैसे तत्त्व पाए जाते हैं। जो शरीर में जोड़ों के दर्द को कम करने में लाभदायक होते हैं।

इन्फेक्शन से शरीर का बचाव करने के लिए

माना जाता है की काली मिर्च बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में लाभदायक होता है। ये शरीर में बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है। जिससे कि बॉडी में इन्फेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है। काली मिर्च में में एंटीबैक्टीरियल जैसे अनेकों तत्त्व पाए जाते हैं। जो इन्फेक्शन से शरीर को बचा कर रखने में अच्छे होते हैं।

दांतों के लिए फायदेमंद

काली मिर्च का सेवन दांतों से जुड़ी समस्याओं से राहत देता है. काली मिर्च से मसूड़ों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है. यदि आप काली मिर्च, माजूफल और सेंधा नमक को मिलाकर चूर्ण बनाकर कुछ बूंद सरसों के तेल में मिलाकर दांतों और मसूड़ों में लगाकर आधे घंटे बाद मुंह साफ कर लें. इससे आपके दांत और मसूड़ों में दर्द होने वाली समस्या भी दूर हो जाएगी.

हिचकी दूर करें

हरे पुदीने की 30 पत्ती, 2 चम्मच सौंफ, मिश्री और काली मिर्च को पीसकर एक गिलास पानी में उबाल लें. इस मिश्रण को पीने से हिचकी समस्या दूर हो जाती है. 5 काली मिर्च को जलाकर पीसकर बार-बार सूंघने से हिचकी की समस्या दूर हो जाती है.

गैस और एसिडिटी से फायदा

आधुनिक जीवनशैली के बीच गैस और एसिडिटी की समस्या आम है. यदि आपको भी यह परेशानी है तो नींबू के रस में काला नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर चुटकी भर लें. गैस से होने वाले दर्द में आपको तुरंत आराम मिल जाएगा.

पेट के कीड़ों को दूर करें

काली मिर्च के पाउडर को खाने में इस्‍तेमाल करने से पेट में कीडों की समस्या दूर होती है. इसके अलावा काली मिर्च के साथ किशमिश खाने से भी पेट के कीड़ों की समस्‍या से छुटकारा मिलता है.

कैंसर से बचाव

महिलाओं के लिए काली मिर्च खाना बहुत फायदेमंद होता है. कालीमिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लेवोनॉयड्स, कारोटेन्स और अन्य एंटी -ऑक्सीडेंट होता है, जिससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है.

इस्तेमाल के लिए काली मिर्च के उपयोगी हिस्से | Beneficial Parts of Kali Marich

फल

काली मिर्च के सेवन की मात्रा | Uses & Doses of Kali Marich

चूर्ण – 1-2 ग्राम

काली मिर्च से नुकसान | Black Pepper Side Effects in Hindi

इन रोगों की अवस्था में काली मिर्च का उपयोग नहीं करना चाहिए

घाव
एसिडिटी
खूनी बवासीर
गर्भावस्था की अवस्था

काली मिर्च कहाँ पाई या उगाई जाती है | Where is Kali March Found or Grown?

काली मिर्च (Marich Herb) के पौधे का मूल स्थान दक्षिण भारत ही माना जाता है। पूरी दुनिया में काली मिर्च की पैदावार सबसे ज्यादा भारत में हीं होती है। भारत से बाहर इंडोनेशिया, बोर्नियो, इंडोचीन, मलय, लंका और स्याम इत्यादि देशों में भी इसकी खेती (kali mirch ki kheti) की जाती है। कुछ वन प्रदेशों में यह स्वयं उत्पन्न होती है, लेकिन दक्षिणी भारत के उष्ण और आर्द्र भागों में काली मिर्च की बेलें बोई जाती हैं। काली मिर्च (Marich Herb) के कारण ही एक समय भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति था।

काली मिर्च से जुड़े अक्सर पूछे जाने सवाल (FAQ Related to Black Pepper in Hindi)

क्या सुबह काली मिर्च का सेवन करना फायदेमंद होता है?

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार सुबह के समय काली मिर्च का सेवन करना फायदेमंद है। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में सुबह काली मिर्च डाली हुई चाय का सेवन करने से कफ दूर होता है. इसमें कफ को कम करने का गुण होता है इस वजह से काली मिर्च वाली चाय पीने से गले को आराम मिलता है।

क्या काली मिर्च का काढ़ा कोरोना (COVID-19) से बचाव में कारगर है?

कोविड-19 से बचाव और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने कई दिशामिर्देश जारी किए हैं और लोगों को हर्बल काढ़ा पीने की सलाह दी है। इस हर्बल काढ़े का एक मुख्य घटक काली मिर्च भी है। विशेषज्ञों के अनुसार काली मिर्च का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर है और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में मदद करता है।

खांसी से आराम पाने के लिए काली मिर्च का इस्तेमाल कैसे करें?

यदि आप खॉंसी की समस्या से परेशान है और कई घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी खांसी से आराम नहीं मिल रहा है तो काली मिर्च का उपयोग करें। काली मिर्च खांसी दूर करने का अचूक उपाय है. इसके लिए काली मिर्च के पाउडर में थोड़ा सा शहद मिलाकर उसका सेवन करें। काली मिर्च और शहद दोनों में ही प्रकुपित कफ को शांत करने का गुण पाया जाता है. इसलिए इसके सेवन से बहुत जल्दी खांसी से आराम मिलता है।

सर्दी-जुकाम से आराम पाने के लिए काली मिर्च का उपयोग कैसे करें?

जाड़ों में अक्सर लोग सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी-जुकाम होने पर दवा लेने की बजाय घरेलू उपाय अपनाना ज्यादा कारगर होता है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप सर्दी-जुकाम से परेशान हैं तो चाय में काली मिर्च डालकर उसका सेवन करें. काली मिर्च युक्त चाय का स्वाद भी बेहतर होता है और इसकी गर्म तासीर सर्दी-जुकाम के लक्षणों को कम करने में मदद करती है.

क्या काली मिर्च के सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है?

काली मिर्च का सेवन न केवल कफ की समस्या को कम करता है बल्कि इसका सेवन रोगों से लड़ने की शक्ति यानि इम्यूनिटी को भी बढ़ता है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप काली मिर्च का सेवन कई तरह से कर सकते हैं. आप चाहें तो इसका सेवन मसाले के रूप में कर सकते हैं या फिर चाय में डाल कर या शहद में मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।

औषधि के रूप में काली मिर्च (Marich Herb) का इस्तेमाल (kali mirch uses)से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।

Q : काली मिर्च ज्यादा खाने से क्या होता है?

Ans : ज्यादा काली मिर्च खाने से पेट की समस्या जैसे गैस, डायरिया और कब्ज भी हो सकती है. … काली मिर्च की तासीर गर्म होती है. इसलिए पित्त प्रकृति वाले लोगों काली मिर्च न खाएं. इससे शरीर में अग्नि की मात्रा बढ़ सकती है और स्वास्थ्य को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं.

Q : काली मिर्च कैसे खाएं?

Ans : सुबह के समय खाली पेट 1 छोटा चम्मच काली मिर्च कूटकर, 1 चम्मच देसी घी और पीसी मिश्री या चीनी मिलाकर खाएं। यह उपाय बढ़ती उम्र में भूलने की बीमारी (Alzheimer’s और Parkinson’s) रोग में भी फायदा करता है।

Q : काली मिर्च में कौनसा विटामिन होता है?

Ans : कालीमिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लेवोनॉयड्स, कारोटेन्स और अन्य एंटी -ऑक्सीडेंट होता है, जिससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है

Q : काली मिर्च खाने से क्या नुकसान होता है?

Ans : ज्यादा काली मिर्च खाने से पेट की समस्या जैसे गैस, डायरिया और कब्ज भी हो सकती है. आपको सर्दी में भी इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. काली मिर्च की तासीर गर्म होती है. इसलिए पित्त प्रकृति वाले लोगों काली मिर्च न खाएं

Q : 1 दिन में कितनी काली मिर्च खानी चाहिए?

Ans :1 दिन के 7 दाने काली मिर्च निगलने से जुकाम और खांसी से छुटकारा मिलता है।

Q : काली मिर्च कितनी मात्रा में खानी चाहिए?

Ans : काली मिर्च 3 से 6 ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार सेवन करें

Q : सुबह खाली पेट काली मिर्च खाने के क्या फायदे हैं?

Ans : सुबह खाली पेट काली मिर्च के सेवन से दांतों से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके सेवन से मसूड़ों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है। पेट दर्द – अक्सर कुछ भी गलत खाने पर लोगों को पेट दर्द की शिकायत हो जाती है

Q : काली मिर्च कब खाना चाहिए? या काली मिर्च कैसे खाएं?

Ans : काली मिर्च का सेवन सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर आदि में लाभदायक साबित होता है

Q : क्या काली मिर्च और शहद साथ में ले सकते हैं?

Ans :जी हां, काली मिर्च और शहद को साथ में लिया जा सकता है। काली मिर्च और शहद खाने के फायदे शरीर को हो सकते हैं।

Q : क्या दूध के साथ काली मिर्च ले सकते हैं?

Ans :जी हां, हल्दी वाले दूध में चुटकी भर काली मिर्च डालकर सेवन किया जा सकता है।

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