Camel Milk excellent benefits for height in hindi

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camel milk powder benefits | Camel Milk powder benefits for height and diabetes in hindi | benefits of camel milk powder | लम्बाई बढ़ाने और मधुमेह के लिए ऊंटनी के दूध के फायदे हिंदी में
Camel Milk excellent benefits for height

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Camel Milk : दूध सेहत के लिए कितना फायदेमंद है,आप शायद बचपन से सुनते आ रहे होंगे। दूध के स्वास्थ्य फायदों को देखते हुए इसे दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है। वहीं, बात करें इसके स्रोत की तो आप सभी ने गाय, भैस, बकरी का दूध तो पिया होगा और इन पशुओ

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को इसका मुख्य स्रोत माना जाता है

लेकिन ऐसा नहीं है। विश्व भर के कई देशों में गाय-भैंस के अलावा ऊंटनी के दूध (camel milk) का भी सेवन किया जाता है। पहले ऊंटनी के दूध का इस्तेमाल रेगिस्तानी क्षेत्रों में ही ज्यादा किया जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ये काफी लोकप्रिय हो गया है। वजह इसका औषधीय महत्व है, इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और सैचुरेटेड फैट कम होता है।

हम सभी जानते है की दूध पीने से हमारी हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत बनी रहती है। इससे आवश्यक खनिज और प्रोटीन शरीर को प्राप्त होते हैं। लेकिन हम में से बहुत से लोग भैंस या गाय के दूध में होने वाले लैक्टोज के हाई लेवल के कारण दूध पीना छोड़ देते हैं, क्योंकि लैक्टोज के हाई लेवल को पचाने में कठिनाई महसूस करते हैं। ऐसे में हमें एक ऐसा विकल्प चाहिए, जो पाचन में आसान हो और उसका पोषण मूल्य भी हमारे बजट में हो।

इसके लिए आपके सामने ऊंटनी के दूध (camel milk) का विकल्प है ऊंटनी का दूध (camel milk) पौष्टिक (camel milk benefits) और एक हेल्दी ड्रिंक (healthy drinks) का विकल्प है। जी हां पहले ऊंटनी के दूध का इस्तेमाल रेगिस्तानी क्षेत्रों में ही ज्यादा किया जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ये काफी लोकप्रिय हो गया है।

वजह इसका औषधीय महत्व और इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और सैचुरेटेड फैट कम होना है।ऊंटनी के दूध में विटामिन और खनिज लवण की उच्च मात्रा और औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिसके कारण यह दूध सुपरफूड की श्रेणी में रखा जा सकता है.

स्वास्थय संबंधी विशेषताओं को देखते हुए ऊंटनी का दूध पोषण की दृष्टि से दूसरे डेयरी पशुओं से श्रेष्ठ है ऊंटनी के दूध का सेवन कई रोगों में शरीर को फायदा पहुंचाता है. ऐसे बहुत से देश है जहां ऊंटनी का दूध पिया जाता है और सिर्फ पिया ही नहीं जाता बल्कि औषधि के रुप में इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। ऊंटनी के दूध के चमत्‍कारी फायदों के वजह से ही इसे सफ़ेद सोना भी कहा जाता है।विश्व भर के कई देशों में गाय-भैंस के अलावा ऊंटनी के दूध का भी सेवन किया जाता है।

साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. यदि किसी व्यक्ति को दिमाग से संबंधित समस्या है तो यह उसके लिए फायदेमंद रहेगा. एक शोध से भी यह साफ हो चुका है कि ऊंटनी के दूध के सेवन से मंद बुद्धि बच्चों को फायदा मिलता है. ये मेमोरी पॉवर को बढ़ाने के साथ, शरीर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।ऊंटनी के दूध से बनी आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, कुल्फी, चाय, कॉफ़ी ,गुलाब जामुन, पेड़े , बर्फी, चॉक्लेट,शुगर फ्री लस्सी भी उपलब्ध है।

यहां तक की विदेशों में ऊंट के दूध की बहुत डिमांड है। कई तरह के दवाइयों में ऊंटनी के दूध का इसतेमाल किया जाता है।इसके अंदर मौजूद गुणों की वजह से ही इन दिनों ऊंटनी के दूध की विशेष मांग है. और ये मांग लगातार बढ़ती जा रही है ऊंटनी का दूध अब बिजनेस का अहम जरिया बन रहा है.

उत्पादन कम होने और दूध के कई फायदे होने की वजह से इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है तो आइए आज की पोस्ट के माधयम से जानते है इस रेगिस्‍तान के जहाज के दूध (camel milk benefits) के बेमिसाल फायदों के बारे में।

Camel Milk powder benefits for height and diabetes in hindi
Camel Milk powder benefits for height and diabetes in hindi

लम्बाई बढ़ाने के लिए ऊंटनी के दूध का उपयोग कैसे करे ?

ऊंटनी के दूध में कैल्शियम (Calcium) होता है। जो हडियो को मजबूत करता है। और इम्युनिटी को भी बूस्ट करता है, बहुत लोग ऊंटनी के दूध को लम्बाई बढ़ाने के लिए भी उपयोग में लेते है और माना जाता है की इस दूध को 2 से 3 माह तक नियमित उपयोग करने से एक निश्चित आयु (लड़को की लम्बाई 21 वर्ष और लड़कियों की लम्बाई 16 वर्ष तक बढ़ती है

हालांकि कई लोगो का यह भी मानना होता है की लड़कियों की लम्बाई उनके पहली माहवारी (menstruation) आने तक बढ़ती है ) तक लम्बाई बड़ाई जा सकती है इसके लिए आपको 400 ग्राम शतावरी – Shatavari (एस्पेरागस रेसमोसुस) पाउडर 200 ग्राम अश्वगंधा पावडर (Ashwagandha Powder) और 100 ग्राम मिश्री पावडर (Mishri powder) एक साथ मिक्स करना है

और रोज रात को सोने से 30 मिनट पहले इस मिश्रण को 1 गिलास ऊंटनी के दूध में मिलाकर पीना है ऐसा आपको 2 से 3 माह तक करना है अगर ऊंटनी के दूध नहीं मिल रहा है। तो आप ऊंटनी के दूध को पाउडर फॉर्म (Camel Milk powder) में भी ले सकते है ये आपको ऑनलाइन (Online) मिल जाएगा। इस Camel Milk powder को गुनगुने पानी में मिक्स करे और त्यार मिश्रण ( शतावरी,अश्वगंधा,मिश्री पावडर) को मिलकर उपयोग में ले

दूसरा उपाय है रोज रात को सोने से पहले 1 गिलास ऊंटनी के दूध में एक रत्ती चुना (एक गेहू के दाने के बराबर) मिलाकर लगातार 2 से 3 माह तक लेना है हालांकि इस विषय पर कोई वैज्ञानिक रिसर्च या डॉक्टरी आधार नहीं है। लेकिन जिन लोगो ने ऊंटनी के दूध (Camel Milk) का उपयोग किया उन सभी का यह दावा है की उनकी लम्बाई बड़ी इसके उपयोग से, ये सच है कि ऊंटनी के दूध के फायदे अनेक हैं और एक निश्चित उम्र तक लम्बाई भी बढ़ती है। लेकिन गाय, बकरी, ऊंटनी, भेड़ किसी का भी दूध पीने से कोई वयस्क (जिसकी पूरी लंबाई बढ़ गई हो) इंसान लंबा नहीं हो सकता.

लम्बाई बढ़ाने के लिए इन उपायों के साथ आप पोस्टिक आहार ले . नियमित व्यायम करे 6 से 8 घंटे की नीद ले और आयलि फ़ूड एवं पिजा बर्गर खाना बंद करे साथ ही नशीली चीजों का सेवन काम करे .

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ऊंटनी के दूध में आयरन, प्रोटीन और विटामिन-सी पाए जाते हैं। वहीं, फैट बहुत कम होता है। विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए ऊंटनी का दूध दवा समान है। कई शोध में खुलासा हुआ है कि ऊंटनी के दूध में इंसुलिन के पर्याप्त स्तर होते हैं

जो टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज को रोकने में मदद करते हैं।ऊंटनी के दूध में सिर्फ 52% ही इंसुलिन होता है और इस दूध के इतने फायदे को देखते हुए इसका इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए भी किया जा रहा है। सउदी अरब के अलावा भारत में भी बड़ी मात्रा में ऊंटनी का दूध पिया जाता है।

रोजाना ऊंटनी का दूध पीने से बच्चों की मानसिक बीमारियां ठीक होती हैं। इसके अलावा सामान्य शख्स द्वारा रोजाना ऊंटनी का दूध पीने से उसमें सोचने-समझने की क्षमता सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा विकसित होती है। साथ ही यह बच्चों को कुपोषण से भी बचाता है और उनमें बौद्धिक क्षमता का विकास करता है।

जल्दी पचता है–ऊंटनी का दूध गाय की दूध की तुलना में तुरंत पच जाता है। इसमें दुग्ध शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट,सुगर, फाइबर ,लैक्टिक अम्ल, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन ए , विटामिन ई , विटामिन बी 2, विटामिन सी , सोडियम, फास्फोरस ,पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीज जैसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर को सुंदर और निरोगी बनाते हैं

त्वचा निखारे — बीमारियों के अलवा ऊंटनी का दूध त्वचा निखारने का भी काम करता है। इस दूध में अल्फा हाइड्रोक्सिल अम्ल पाया जाता है। जो कि त्वचा को निखारने का काम करता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सौंदर्य संबंधी पोडक्ट बनाने में भी किया जाता है।

ऑटिज्म भी करे ठीक – -मानसिक बीमारी दूर करने के लिए ऊंटनी का दूध रामबाण इलाज है। -ऊंटनी का दूध मंद बुद्धि बच्चों के लिए अमृत के समान होता है। जिस कारण ऑटिज्म जैसी बीमारियां और मानसिक विकार ठीक हो जाते हैं।

हड्डियां बनाए मजबूत — ऊंटनी के दूध में कैल्शियम काफी मात्रा में होता है हड्डियां मजबूत बनाने में सहायक है।

कैंसर से रक्षा करे — इसके अलावा इस दूध में लेक्टोफेरिन नामक तत्व पाया जाता है जो कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने के लिए शरीर को तैयार करता है।

खून साफ करे —यह खून से सारे टॉक्सिन्स दूर कर लिवर को साफ करता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता — रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में ऊंटनी का दूध अमृत के सामान है, ये एक प्राकृतिक एन्टीबियोटिक्स हैं जो बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के शरीर को रोगों से लड़ने की जबरदस्त क्षमता प्रदान करता हैं।

कैल्शियम —ऊंटनी के दूध से हड्डियों बहुत मजबूत होती हैं, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता हैं।

पेट संबंधी समस्याओं के लिए —इसमें ऐसे गुण पाएं जाते है। जो कि शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहरर निकालता है। जिससे आपको पेट संबंधी हर समस्या से निजात मिलता है।

अन्य बीमारियों के लिए भी फायदेमंद

ऊंटनी का दूध विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एंटीबॉयटिक तत्‍व काफी मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके नियमित सेवन से ब्लड शुगर, इंफेक्शन, तपेदिक, आंत में जलन, गैस्ट्रिक कैंसर, हैपेटाइटिस सी, एड्स, अल्सर, हृदय रोग, गैंगरीन ,किडनी संबंधी बीमारियों से शरीर का बचाव करता है।

ऊंटनी का दूध वजन घटाए —ऊंटनी के दूध में न सिर्फ इंसुलिन मौजूद होता है बल्कि ये लो फैट गुणों से भरपूर होता है। जिसका मतलब होता है कि इसके सेवन से आपको अनचाहे वजन की समस्‍या से नहीं गुजरना होगा। इसके अलावा इसमें कॉलेस्‍ट्रोल भी ना के बराबर होता है।

ऊंटनी के दूध का पोषक तत्व – Camel Milk Nutritional Value in Hindi

ऊंटनी के दूध में विटामिन, मिनरल और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत को लाभ पहुंचाने का काम करते हैं। इसमें 3.4 प्रतिशत प्रोटीन, 3.5 प्रतिशत फैट, 4.4 प्रतिशत लैक्टोज और पानी 87 प्रतिशत पाया जाता है

इसके अलावा, ऊंटनी के दूध की प्रति 100 ग्राम मात्रा में नीचे बताए गए मिनरल, बताई गई मात्रा में पाए जाते हैं –

जिंक : 0.53 मिलीग्राम

मैंगनीज : 0.05 मिलीग्राम

मैग्नीशियम : 10.5 मिलीग्राम

आयरन : 0.29 मिलीग्राम

सोडियम : 59 मिलीग्राम

पोटेशियम : 156 मिलीग्राम

कैल्शियम : 114 मिलीग्राम

इन सभी मिनरल्स के साथ, ऊंटनी का दूध कई तरह के विटामिन से भी समृद्ध होता है, जैसे विटामिन-ए, बी, सी, डी और विटामिन-ई।

ऊंटनी का दूध बिजनेस का बन रहा है जरिया

अब ये बिजनेस का अहम जरिया बन रहा है और लोग ऊंटनी का पालन करके महंगे दाम में दूध बेच रहे हैं. अफ्रीकन देशों में तो भले ही इसकी रेट कम है, लेकिन कई देशों में तो 30 डॉलर प्रति लीटर के हिसाब से इसे बेचा जा रहा है. सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ इससे कई तरह के प्रोडक्ट बनते हैं, जिसमें चीजे आदि शामिल है. इसलिए अब बाजार में भी इसकी बिक्री हो रही है.

ऊंटनी का दूध क्यों होता है इतना महंगा

इसके महंगे होने का कारण ये है कि एक तो इनकी संख्या कम है और दूध का उत्पादन काफी कम है. एक दिन में औसतन एक गाय 50 लीटर तक दूध दे सकती है, जबकि ऊंटनी 6-7 लीटर तक दूध देती है. 3 साल में एक गाय 50 हजार लीटर तक दूध दे सकती है, जबकि ऊंटनी इसी अवधि में अधिकतम 4-7 हजार लीटर दूध दे सकती है. इसलिए इसकी रेट काफी ज्यादा है.

ऊंटनी के दूध का उपयोग – How to Use Camel Milk in Hindi

कैसे उपयोग करें 

ऊंटनी के दूध का उपयोग पीने के साथ ही, कॉफी, चाय, स्मूदी, सॉस, सूप, मैक एंड चीज, पैनकेक और वैफल्स बनाने में किया जा सकता है। इसके अलावा, ऊंटनी के दूध की मदद से पनीर, योगर्ट और बटर भी बनाया जा सकता है।

कितना उपयोग करें

डाइटिशियन के परामर्श पर एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में एक से दो कप ऊंटनी के दूध का सेवन कर सकता है। किसी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

क्या ऊंटनी के दूध के नुकसान भी हो सकते हैं?

ऊंटनी के दूध के नुकसान – Side Effects of Camel Milk in Hindi

एम.बोविस (Mycobacterium Bovis) एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो मवेशियों में टी.बी (Tuberculosis) का कारण बनता है। एनसीबीआई के एक शोध में मवेशियों के साथ ऊंटों में भी इस बैक्टीरिया के फैलने की बात कही गई है। वहीं, बहुत से संक्रमण जानवरों से इंसानों में प्रवेश करते हैं और ऐसे में ऊंटनी का दूध एम.बोविस के प्रसार का एक जोखिम कारक हो सकता है, जिससे इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है ।

ऊंटनी के कच्चे दूध का सेवन जूनोटिक संक्रमण (जानवरों से इंसानों में) का कारण बन सकता है, इसलिए इसके कच्चे दूध का सेवन न करने की सलाह दी जाती है ।

उम्मीद करती हु कि इस लेख के जरिए आपको ऊंटनी के दूध के फायदे अच्छी तरह समझ आ गए होंगे। दैनिक आहार में शामिल कर ऊंटनी के दूध के लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। लेख में ऊंटनी के दूध का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इस विषय में भी बताया गया है।

साथ ही ऊंटनी के दूध के नुकसान से बचने के लिए हम यही सलाह देंगे कि इसका सेवन हमेशा उबाल कर ही करें।पाठक इस बात पर भी ध्यान दें कि ऊंटनी का दूध लेख में शामिल की गईं बीमारियों के प्रभाव को वैकल्पिक रूप से कम करने में मदद कर सकता है, इसे इनका इलाज किसी भी तरीके से समझा न जाए।आशा करती हु कि यह लेख आपके लिए लाभकारी होगा।

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