Chiku Khane Ke Fayde | Sapota Benefits, Uses and Side Effects in Hindi | चीकू खाने के फायदे, नुकसान

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Chiku Khane Ke Fayde

Chiku Khane Ke Fayde | Sapota Benefits, Uses and Side Effects in Hindi | चीकू खाने के फायदे, नुकसान

Chiku Khane Ke Fayde : हर फल की अपनी अलग खासियत और स्वाद होता है, जिसकी वजह से उसे पसंद किया जाता है। ऐसे ही फलों में सपोटा यानी चीकू

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का नाम भी शुमार है। आलू की तरह दिखने वाला चीकू एक मीठा फल है, जो हर मौसम में पाया जाता है. इसे इंग्लिश में sapota कहते है, जिसे बहुत कम लोग जानते होंगें. चीकू नाम से ये ज्यादा प्रचलित है.

Sapota Benefits, Uses : चीकू में कैलोरी की अधिकता होती है, जैसे आम व केला में होती है.चीकू में एक अलग मिठास के साथ ही अनेक ऐसे गुण हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. यह फल ही नहीं बल्कि इसके पेड़ के विभिन्न हिस्सों का इस्तेमाल लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने और उनके लक्षणों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है. ये हमारे स्वास्थ्य, बाल व त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है.

इसका नाम जितना छोटा काम उतना ही बड़ा है. इस फल की कई विशेषताएं हैं जिस कारण इसे बहुत पसंद किया जाता है ये आसानी से पचने वाला फल है, जिसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है. इसकी उपज भारत व मैक्सिको में सबसे अधिक है. ये विटामिन व मिनिरल्स का बहुत अच्छा स्त्रोत है

Chiku (Sapota) Fruit Sapota (Chiku) Benefits

वजन नियंत्रण – शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण वजन का अधिक होना आम होते जा रहा है. ऐसे में चीकू मदद कर सकता है. दरअसल, चीकू का सेवन करने से अप्रत्यक्ष रूप से वजन कम करने में सहायता मिल सकती है. शोध के मुताबिक चीकू फल गैस्ट्रिक एंजाइम के स्राव को नियंत्रित कर सकता है,

जिससे आगे मेटाबॉलिज्म नियंत्रित हो सकता है . वहीं, चीकू में डाइटरी फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, इसके सेवन से लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. तो इस आधार पर चीकू को वजन कम करने के लिए प्रभावकारी माना जा सकता है.

ऊर्जा का अच्छा स्रोत – चीकू फल को एनर्जी यानी ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है. खासकर कि चीकू फ्रूट बार को. दरअसल, इसमें मौजूद कार्बाेहाइड्रेट शरीर को एनर्जी देने का काम कर सकते हैं. इसके अलावा, चीकू में सुक्रोज और फ्रुक्टोज नामक प्राकृतिक शुगर भी होते हैं,

जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में लाभदायक माने जाते हैं. यही वजह है कि इसे नेचुरल एनर्जी बूस्टर माना जाता है, जिसका इस्तेमाल दिन भर ऊर्जावान रहने के लिए किया जा सकता है . वर्कआउट के बाद चीकू या इसके शेक का सेवन तुरंत ऊर्जा देने का काम कर सकता है. बढ़ते बच्चों के लिए चिकू शेक एक पूर्ण भोजन है, जो कि प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज का एक अच्छा कॉम्बिनेशन है.

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स्वस्थ हड्डियों के लिए चीकू के फायदे – हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन काफी अहम पोषक तत्व माने जाते हैं. ऐसे में इन तीनों पोषक तत्वों से भरपूर चीकू ह़ड्डी को मजबूत बनाकर उसे लाभ पहुंचा सकता है. चीकू में कॉपर की मात्रा भी पाई जाती है, जो हड्डियों, कनेक्टिव टिश्यू और मांसपेशियों के लिए जरूरी होता है.

इम्यूनिटी बढ़ाने में – चीकू के लाभ में इम्यूनिटी को बढ़ाना भी शामिल है. शोध के मुताबिक इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाकर, शरीर को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने और उनसे लड़ने में मदद कर सकता है. साथ ही विटामिन-सी स्ट्रेस की वजह से कमजोर होने वाली इम्यूनिटी में भी सुधार करने में लाभदायक हो सकता है .

पाचन और कब्ज को ठीक करने में सहायक – पाचन क्रिया में सुधार के लिए फाइबर आवश्यक होता है. फाइबर शरीर में मौजूद खाद्य पदार्थों को पचाने के साथ ही अपशिष्ट पदार्थ को मल के माध्यम से बाहर निकालने में मदद कर सकता है. सपोडिला यानी चीकू में भी फाइबर होता है, इसलिए माना जाता है कि चीकू खाने के फायदे में पाचन भी शामिल है. चीकू के फल को पानी में उबालकर पीने से डायरिया भी ठीक हो सकता है. वहीं चीकू में मौजूद टैनिनएटी-इंफ्लामेटरी की तरह काम करते हैं.

रक्तचाप सही करने में – सपोटा में मौजूद मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं को गतिशील बनाए रखता है. इसके अलावा, चीकू में मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. रोजाना चीकू को उबालकर इसका पानी पीने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है .

किडनी की समस्या में – गलत खान-पान और लाइफ स्टाइल की वजह से किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है. इस समस्या से बचने के लिए सपोटा यानी चीकू मदद कर सकता है. किडनी स्टोन से बचाव करने और इसके लक्षण कम करने के लिए चीकू फल के बीज को पीसकर पानी के साथ सेवन करना लाभदायक माना जाता है. दरअसल, इसमें ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक गुण होते हैं. माना जाता है कि यह गुण किडनी में मौजूद स्टोन को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने में मदद कर सकता है .

कैंसर को रोकने में सहायक – लंबे समय से चीकू में कैंसर गुण हैं या नहीं इसको लेकर शोध किया जा रहा था. हाल ही में किए गये शोध के मुताबिक चीकू में एंटी-कैंसर गुण पाए गये हैं. इससे संबंधित एक शोध के मुताबिक चीकू के मेथनॉलिक अर्क में कैंसर के ट्यूमर को बढ़ने से रोकने के गुण पाए गये हैं.

रिसर्च के मुताबिक चीकू का सेवन न करने वाले चूहों के मुकाबले इसका सेवन करने वालों के जीवन में 3 गुना वृद्धि हुई और ट्यूमर की बढ़ने की गति भी धीमी पाई गयी . वहीं, चीकू और इसके फूल के अर्क को ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मददगार पाया गया है

सर्दी और जुखाम – चीकू के फायदे में खांसी-जुखाम से बचाव भी शामिल है. यह कफ और बलगम को नाक की नली और श्वसन पथ से हटाकर सीने की जकड़न और क्रॉनिक कफ से आराम दिलाने में मदद कर सकता है. उपचार की पारंपरिक प्रणाली में चीकू की पत्तियों का उपयोग भी सर्दी और खांसी के लिए किया जाता रहा है . ऐसे में माना जाता है कि इसकी पत्तियों को उबालकर इसका पानी पीने से सर्दी और खांसी से राहत मिल सकती है.

चीकू का उपयोग – How to Use Sapota(Chiku) in Hindi

  • चीकू को सामान्य फल की तरह खाया जा सकता है।
  • इसे फ्रूट सलाद में भी शामिल कर सकते हैं।
  • चीकू का शेक बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
  • चीकू का उपयोग आइसक्रीम बनाने के लिए भी कर सकते हैं।
  • फ्रूट बार बनाकर भी इसे खाया जा सकता है।
  • इसका हलवा भी बनाया जाता है।
  • इसे मुरब्बा व जैम के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • चीकू से स्वीट सॉस भी बनाया जा सकता है।

चीकू का उपयोग जानने के बाद इसके नुकसान से भी वाकिफ होना जरूरी है। चलिए, अब चीकू खाने के नुकसान पर एक नजर डाल लेते हैं।

चीकू के नुकसान – Side Effects of Sapota in Hindi

पूरी तरह से पके हुए चीकू खाने के ऐसे तो कुछ दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते। हां, अगर कच्चा चीकू या ठीक से न पका हुआ चीकू का सेवन किसी ने किया तो चीकू के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह नुकसान कुछ इस प्रकार हैं।

  • कच्चा चीकू फल खाने से मुंह का स्वाद कड़वा हो सकता है। इसके पीछे इसमें मौजूद लेटेक्स और टैनिन की अधिक मात्रा का होना है।
  • मुंह में अल्सर की वजह बन सकता है।
  • इससे गले में खुजली हो सकती है।
  • अपच की समस्या हो सकती है।

चीकू के पिसे हुए बीज का सेवन करने से पेट में दर्द हो सकता है। क्योंकि, इसमें सैपोटिन और सैपोटिनिन केमिकल मौजूद होता है।

  • चीकू के पत्तों का सेवन करने से डायरिया और त्वचा पर हल्की खुजली हो सकती है। दरअसल, इसमें सैपोनिन होता है, जो दस्त और त्वचा की जलन का कारण बनता है।

मधुमेह के रोगियों को चिकू का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, यदि शुगर स्तर बढ़ा हुआ है तो चीकू के सेवन से बचना चाहिए।

उम्मीद करती हु कि इस लेख के जरिए चीकू खाने के फायदे और इसके विभिन्न हिस्सों के लाभ के बारे में आपको जानकारी मिल ही गई होगी। बस संयमित मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य लाभ के लिए करते रहें। कच्चे फल का सेवन करने से बचें। इसके अलावा, अगर किसी को कोई गंभीर रोग या समस्या हों तो डॉक्टर के परामर्श पर चीकू का उपयोग करें। उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

FAQ :

Q : चीकू का वृक्ष कितना ऊंचा होता है ?

Ans : चीकू का वृक्ष लगभग 7 मीटर से लेकर 10 मीटर तक ऊंचा होता है।

Q : चीकू को इंग्लिश में क्या बोला जाता है?

Ans : चीकू को इंग्लिश में sapota कहते

Q : क्या चीकू साल भर मार्केट में मौजूद रहता है ?

Ans : जी हां, आपको साल के 12 महीने चीकू मार्केट में मिलेगा।

Q : क्या चीकू कैंसर से बचाने में सहायक होता है ?

Ans : जी हां।

Q : चीकू की तासीर कैसी होती है ?

Ans : चीकू की तासीर ठंडी होती है।

Q : चीकू का आकार कैसा होता है ?

Ans : चीकू के फल का आकार छोटी वाली आलू के जैसा होता है।

Q : चीकू खाली पेट खाने से क्या होता है?

Ans : शरीर का पाचन प्रक्रिया खराब हो सकता है। इसलिए इस फल को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए।

Q : चीकू के अन्य नाम क्या है ?

Ans : कन्दुक-फल, सपोटा, गुदालू, शिमाई-ऐलुप्पई, चिकाली, अमेरिकन बुली, नोजबेरी आदि.

Q : चीकू का रंग कैसा होता है ?

Ans : यह कत्थई कलर का दिखाई देता है।

Q : चीकू खाने के नुकसान ज्यादा है या फिर फायदे ज्यादा है ?

Ans : इसके फायदे ज्यादा है।

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