Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान

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Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान

Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान

Cinnamon : भारत में Cinnamon का इस्तेमाल खाने में मसालों के रूप में किया जाता हैं। अमूमन हर घर की रसोई में मौजूद दालचीनी एक सुगंधित मसाला है. दालचीनी (cinnamon) का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है. दालचीनी Cinnamomum zeylanicum Breyn नामक पेड़ की छाल है। इसकी छाल थोड़ी मोटी, चिकनी तथा हल्के भूरे रंग की होती हैं। Cinnamon

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के फलों को तोड़ने पर भीतर से तारपीन जैसी गन्ध आती है।

इसकी छाल मसाले की तरह प्रयोग होती है। यह हमारे स्वास्थय के लिए बहुत लाभकारी हैं। इसमें एक अलग ही सुगन्ध होती है, जिसके कारण इसे गरम मसालों की श्रेणी में रखा जाता है। इस मसाले की खास बात ये है कि इसे सिर्फ रसोई में ही इस्तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि कई तरह की औषधियों एवं रोगों के इलाज में भी दालचीनी उपयोगी है।

दालचीनी का Scientific Name: Cinnamomum zeylanicum दालचीनी (cinnamon) में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी डायबिटिक, सिनामलडिहाइड, सिनामिक एसिड, एंटी-माइक्रोबियल और फाइटोकेमिकल्स के गुण पाए जाते हैं जो कैंसर और डायबिटीज समेत कई बीमारियों में फायदेमंद होते हैं।लेकिन कई मामलों में दालचीनी नुकसान (side sffects of cinnamon) भी करती है। इसलिए आज sangeetaspen.com के माध्यम से हम बात करेंगे दालचीनी (Cinnamon)के नुकसान क्या क्या (Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon) है ।

Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान

त्वचा को पंहुचा सकता है नुकसान – दालचीनी की बात करें तो इसमें बर्निंग इफ़ेक्ट होता है,इसलिए इसके ज्यादा सेवन से आपको जलन की समस्या भी हो सकती है। वहीं इसके आलावा आप यदि दालचीनी का यूज़ स्किन में करते हैं या इसके पेस्ट को त्वचा में लगाते हैं तो भी आपको मुहासें या पिम्पल्स के जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए स्वस्थ और कोमल त्वचा के लिए आप कोशिश करें कि दालचीनी का इस्तेमाल स्किन में न करें। वही खाने में भी जरूरत से ज्यादा सेवन न करें। ताकि आप स्वस्थ रहे और आपकी स्किन में भी कोई समस्या न आए।

Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान
Dalchini ke Nukshan | side effects of cinnamon | दालचीनी के नुकसान

समय से पहले प्रसव – गर्भावस्‍था में कुछ महिलाओं को दालचीनी के सेवन से अपच और पेट दर्द की समस्‍या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है, लेकिन इसे गर्भावस्‍था (pregnancy) के दौरान नहीं लिया जाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्‍योंकि यह गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकता है, और कुछ मामलों में तो यह समय से पहले प्रसव का कारण भी बनता है.

सांस लेने में परेशानी हो सकती है – यदि आप जरूरत से ज्यादा दालचीनी का सेवन करते हैं तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि इससे आपको साँस लेने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दालचीनी में एक सिनेमलडिहाइड नामक तत्व पाया जाता है जो सीने में जलन व दर्द की समस्या को बढ़ा सकता है। इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से वहीं आपको सांस लेने में अनेकों दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि यदि आपको ये पसंद है तो एक चम्मच ही इसको अपने डाइट में शामिल करें।

ब्लड शुगर अधिक मात्रा में कम हो जाता है – यदि आप भी ब्लड शुगर को कम करने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में दालचीनी का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकता है। लेकिन वहीं क्या आपको पता है कि यदि आप इसका सेवन जरूरत से ज्यादा करलें तो ब्लड शुगर की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम भी हो सकती है। वहीं इसका ज्यादा सेवन से आपको बॉडी में थकी बनी रह सकती है और आप असहज भी महसूस कर सकते हैं। इसलिए रोजाना दालचीनी का सेवन आपको करना तो चाहिए लेकिन इसके मात्रा के ऊपर विशेष ध्यान रखने कि जरूरत होती है।

लिवर की सेहत को हो सकता है नुकसान – ज्यादा मात्रा में दालचीनी का सेवन लिवर के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं होता है। दालचीनी के ज्यादा सेवन से लिवर के खराब व डैमेज होने के जैसी संभावना पैदा हो सकती है। यदि आप वहीं अपने रोज के डाइट में दो चम्मच से ज्यादा दालचीनी का सेवन करते हैं तो ये स्वास्थ्य के साथ-साथ लिवर की सेहत को भी नुकसान पंहुचा सकता है। ये बॉडी को अपरिवर्तन क्षति पहुंचता है। वहीं कई सारे हेल्थ विशषज्ञों का भी यही मानना है कि आपको दो चम्मच से ज्यादा दालचीनी को अपने डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए।.

होठों और मुँह में एलेर्जी को बढ़ाता है – आमतौर आप सर्दियों के मौसम में अक्सर दालचीनी का सेवन करते होंगें,इसको मसाले के तौर पर तो खाते होंगें वहीं इसकी चाय भी पीते होंगें। ये सेहत के लिए ऐसे तो लाभदायक साबित होता है लेकिन वहीं क्या आपको पता है कि दालचीनी की मात्रा यदि ज्यादा हो जाए तो इससे आपके मुँह और होठों में एलेर्जी के जैसी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। मुँह में अत्यधिक खुजली होना एवं होठों में दर्द व सूजन के जैसी समस्या का सामना आपको करना पड़ सकता है। इसलिए इनसे बचने के लिए आपको दालचीनी की मात्रा के ऊपर ध्यान देने की जरूरत होती है।

दालचीनी का दैनिक सेवन कैंसर ट्यूमर को बढ़ाता है – अध्ययनों के मुताबिक, दालचीनी में कौमरीन होता है, ऐसे में दालचीनी का दैनिक सेवन की मात्रा से ज्यादा खाया जाता है, तो कुछ भागों में कैंसर ट्यूमर का विकास के जोखिम का कारण भी हो सकता है। यह अंग को अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचा सकता है, जो कभी-कभी जीवन के लिए खतरा बन सकता है। वहीं सलाह दी जाती है कि स्वस्थ रहने के लिए एक चम्मच से अधिक दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।

दालचीनी दो चीजों से बनी होती है। कौमरीन और दूसरा केमिकल कंपाउंड है, जो सिनामाल्डिहाइड नाम से जाना जाता है। सिनामाल्डिहाइड आपके शरीर में प्रवेश करते ही आपके शरीर के फ्ल्यूड के साथ काम करता है, जैसे की आपके मूंह के संपर्क में आता है।

दालचीनी का यह कैंसर कारी प्रभाव इस तथ्य के कारण है कि यह समय के साथ डीएनए में गिरावट का कारण बनता है, जो एंड में शरीर में कुछ प्रकार के कैंसर के विकास की ओर ले जाता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि रोजाना आप कितनी दालचीनी खा रहें हैं इस बात का ध्यान रखें।

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