दिलीप मंडल ने किया माँ सरस्वती का अपमान, लिखी बहुत ही गंदी बात: अरेस्ट_दिलीप_मंडल कर रहा ट्रेंड

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दिलीप मंडल ने किया माँ  सरस्वती का अपमान, लिखी बहुत ही गंदी बात: अरेस्ट_दिलीप_मंडल कर रहा ट्रेंड
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दिलीप मंडल ने किया माँ सरस्वती का अपमान, लिखी बहुत ही गंदी बात: अरेस्ट_दिलीप_मंडल कर रहा ट्रेंड

दिलीप मंडल ने किया मा सरस्वती का अपमान लिखी बहुत ही गंदी बात: अरेस्ट_दिलीप_(Arrest Dilip Mandal ) मंडल कर रहा ट्रेंड

सरस्वती को मैं शिक्षा की देवी नहीं मानता के अलावा माँ सरस्वती के लिए लिखी बहुत ही गंदी बात: अरेस्ट_दिलीप_मंडल (Arrest Dilip Mandal) कर रहा ट्रेंड

“सरस्वती को मैं शिक्षा की देवी नहीं मानता। उन्होंने न कोई स्कूल खोला, न कोई किताब लिखी। ये दोनों काम माता सावित्रीबाई फुले ने किए। फिर भी मैं सरस्वती के साथ हूँ। ब्रह्मा ने उनका जो यौन उत्पीड़न किया, वह जघन्य है।”Read this : Savitribai Phule:देश की पहली महिला प्रिसिंपल, जिन्होंने लड़कियों को दिलाया शिक्षा का अधिकार

#Arrest Dilip mandal

माँ सरस्वती पर आपत्तिजनक बयान देने के बाद ट्विटर पर अरेस्ट दिलीप मंडल का हैशटैग ट्रेंड #ArrestDilipmandal कर रहा है। सोशल मीडिया पर पत्रकार दिलीप मंडल को जेल में डालने की बात कही जा रही है। मंगलवार (फरवरी 16, 2021) को बसंत पंचमी के अवसर पर मंडल ने माँ सरस्वती पर अभद्र टिप्पणी की, जिसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। लोग ने इस टिप्पणी को हिन्दु भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया है।

जब भी हिन्दू त्यौहार या पर्व आते हे कुछ विवेकहीन लोग हिन्दू देवी देवताओ का अपमान करने में कोई कमी नहीं रखते हमेशा हिन्दू पर्वो और हिन्दू त्योहारों को ही टारगेट किया जाता है आज भी बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर अपनी जिहादी मानसिकता और अधर्म का परिचय देते हुए दिलीप मंडल ने सनातन धर्म का अपमान हिन्दू देवी देवताओ का अपमान किया है Read this : Basant Panchami 2021: बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा क्यों करते हैं,जानें बसंत पंचमी का सही मुहूर्त एवं तिथि

दिलीप मंडल ने ट्वीट करते हुए लिखा, “सरस्वती को मैं शिक्षा की देवी नहीं मानता। उन्होंने न कोई स्कूल खोला, न कोई किताब लिखी। ये दोनों काम माता सावित्रीबाई फुले ने किए। फिर भी मैं सरस्वती के साथ हूँ। ब्रह्मा ने उनका जो यौन उत्पीड़न किया, वह जघन्य है।” – इसके लिए मंडल ने महाराष्ट्र सरकार पब्लिकेशन से प्रकाशित Slavery(1991) नामक किसी किताब का जिक्र किया।

एक  यूजर ने लिखा, “काश बुद्धि आरक्षण में मिली होती, तो तुमको पूरा पता होता कि शास्त्रानुसार सरस्वती, ब्रह्माजी की पत्नी हैं। ब्रह्मा ने पत्नी के रूप-गुणों की कल्पना कर उनको रचा था, वो पैदा नहीं हुई थीं। शुक्र है तुमने अपने बाप को माँ के यौन उत्पीड़न और तुमको पैदा करने के जुर्म में जेल नहीं भिजवाया।”

अगर इस प्रकार की बाते किसी दूसरे धर्म को बोल दी जाए तो धर्म खतरे में आ जाएगा लेकिन हिन्दू धर्म पर कोई भी कुछ भी बोल देता है आखिर क्यों होता है ऐसा क्युकी हिन्दू धर्म आपको बोलने की आजादी देता है

लेकिन इसका मतलब ये नहीं की आप कुछ भी बोल दो ऐसे लोगो पर तुरंत कठोर से कठोर कारवाही होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का दुस्साहस ना कर सके मेरी आप लोगो से भी रिक्वेस्ट है की इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे जिससे इस प्रकार की ओछी और घटिया हरकत कोई और ना कर सके

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