टूलकिट केस में दिशा रवि की करीबी निकिता जैकब फरार,पुलिस ने जारी किया नॉन बेलेबल वारंट

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टूलकिट केस में दिशा रवि की करीबी निकिता जैकब फरार,पुलिस ने जारी किया नॉन बेलेबल वारंट
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टूलकिट केस में दिशा रवि की करीबी निकिता जैकब फरार,पुलिस ने जारी किया नॉन बेलेबल वारंट

किसानों के आंदोलन के दौरान सामने आए टूलकिट मामले में दिशा रवि के बाद दिल्ली पुलिस निकिता जैकब और शांतनु की तलाश कर रही है। दोनों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।

दिशा को 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था और अगले दिन अदालत ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था। ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में यह​ पहली गिरफ्तारी थी। देश विरोधी टूलकिट को तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप दिशा पर है।

आज तक में छपी खबर के अनुसार दिल्ली पुलिस सूत्रों से जानकारी के मुताबिक, दिशा रवि देश को बदनाम करने और माहौल बिगाड़ने के लिए तैयार किए गए टूल किट केस की मुख्य साजिशकर्ता है.

दिशा ने टूल किट को कई बार एडिट किया था. सूत्रों के मुताबिक दिशा ने कबूल किया कि उसने 2 लाइन एडिट किया था. दिशा के मुताबिक, वो किसान आंदोलन से प्रभावित थी और किसानों के समर्थन में ऐसा किया.

दिशा की गिरफ्तारी के बाद उसके करीबी निकिता जैकब पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी है. दिशा की करीबी बताई जाती है। लेकिन अब निकिता जैकब फरार हो गई है. दिल्ली पुलिस ने निकिता जैकब के खिलाफ कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट जारी करवाया है.

दिल्ली पुलिस की एक टीम गुरुवार (फरवरी 11, 2021) को निकिता के घर पहुँची थी, लेकिन शाम का समय होने के कारण उससे पूछताछ नहीं हो सकी। एक्टिविस्ट और अधिवक्ता निकिता ने पुलिस के बताए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए थे।

साथ ही उसने कहा था कि वह जाँच में पूरा सहयोग देगी। लेकिन, उसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गई। निकिता के मुंबई स्थित आवास पर पुलिस ने उसके महिला होने के कारण शाम के बाद तलाशी नहीं ली। निकिता के बारे में उसके माता-पिता ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। बताया जाता है

कि दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, खालिस्तान संगठन से जुड़े पोइटिक जस्टिस फाउंडेशन के एमओ धालीवाल ने अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिये निकित के जरिये निकिता जैकब से संपर्क किया था. इसका मकसद रिपब्लिक डे के पहले ट्विटर स्टॉर्म पैदा करना. निकिता जैकब पहले भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रहीं है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रिपब्लिक डे के पहले एक ज़ूम मीटिंग हुई. इस मीटिंग में एमओ धालीवाल, निकिता और दिशा के अलावा अन्य लोग शामिल हुए, एमओ धालीवाल ने कहा कि मुद्दे को बड़ा बनाना है,

मकसद ये था कि किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना है, यहां तक कि एक किसान की मौत को पुलिस की गोली से हुई मौत बताया गया.

जैकब ने ही टूलकिट का खाका तैयार किया था। उसके लोकेशन के बारे में पता किया जा रहा है।

निकिता जैकब के बारे में कई लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी हुई है। बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने वाली निकिता का नाम तभी सामने आया था,

जब टूलकिट के लीक होने के बाद लोगों ने इसकी लाइव एडिटिंग के स्क्रीनशॉट्स लिए थे। निकिता ने अपने सारे सोशल मीडिया हैंडल्स डिलीट कर लिए हैं। निकिता और शांतनु इस टूलकिट को बाँटने के लिए भी जिम्मेदार बताए जाते हैं।


इस बीच AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि 21 वर्षीय दिशा रवि की गिरफ़्तारी लोकतंत्र पर बहुत बड़ा हमला है। उन्होंने कहा, “हमारे किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है।”

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने शायराना अंदाज़ में मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, “डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से”। चिदंबरम सहित अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं ने भी सुर में सुर मिलाए हैं।

उधर दिल्ली पुलिस अपने द्वारका कार्यालय में दिशा से पूछताछ कर रही है। दिशा ने अपने फोन का डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे पुनः प्राप्त करने के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि हजारों लोग उक्त साजिश में शामिल हैं, जो खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। दिशा ने खुद को ‘किसान आंदोलन’ का समर्थक बताया। सुनवाई के दौरान वह अदालत में रोने भी लगी थी।

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