मुंबई पुलिस रिपब्लिक टीवी पर टीआरपी के साथ खिलवाड़ करने का आरोप

Top News

Television Rating Point (TRP) के लिए सभी मीडिया चैनल और टीवी चैनल के बीच एक जंग छिड़ी हुई है सभी चैनल खुद को No 1 बताते है। मुंबई पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह के Fake TRP वाले  बयान के बाद लोकतंत्र के इस चौथे स्तम्भ को शक की नजरो से देखा जा रहा है। 

Advertisement

वैसे देखा जाये तो मुंबई पुलिस पर भी सवाल उठ रहे है की वह महाराष्ट्र सरकार के दबाव में काम कर रही है।

अगर टीआरपी चोरी के इस मुद्दे को देखा जाए तो भारत में टीवी चैनलों की टीआरपी मापने वाली संस्था BARC ने कुछ मीडिया चैनलों द्वारा अधिक टीआरपी अर्जित करने के लिए अनुचित तरीकों का प्रयोग करने कि बात कहते हुए कार्यवाही की है, BARC द्वारा इस मामले में दर्ज एफआईआर में इंडिया टुडे और अन्य चैनलों का नाम लिया गया है।

जब मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने इस पूरे प्रकरण में इंडिया टुडे / आज तक का नाम तक नही लिया बल्कि उन्होंने टीआरपी चोरी का सारा आरोप रिपब्लिक टीवी और दो अन्य मराठी चैनलों पर लगा दिया, यहां दिलचस्प बात ये है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिस पत्रकार से बात कर रहे थे वो इंडिया टुडे के राहुल कंवल थे जो इस खुलासे पर हैरानी प्रकट करने के हाव-भाव दे रहे थे।

अर्णब गोस्वामी से महाराष्ट्र सरकार क्यों है खफा ?

पालघर में साधुओं की हत्या का मामला 

अर्णब गोस्वामी महाराष्ट्र सरकार के नज़रों में सबसे पहले तब चढ़े थे जब उन्होंने पालघर में साधुओं की हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई, इस दौरान उन्होंने सोनिया गांधी को एंटोनिया माइनो तक कह दिया था जिसके लिए उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कर दिया गया था।

आज भी अर्णब गोस्वामी पालघर के साधुओं और सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे है।

दूसरे मामले में सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के दौरान मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के दो पत्रकारों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था जिनके ऊपर उन्होंने दूसरे की सम्पत्ति में अवैध रूप से घुसने का मामला दर्ज किया था।

तीसरे मामले में मुंबई में शिवसेना द्वारा नियंत्रित एक केबल संघठन शिव केबल सेना ने मुंबई में रिपब्लिक टीवी पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी और इसके लिए एक आदेश भी जारी किया था।

इन सभी घटनाओं को देखने के बाद ये स्पष्ट हो जाता है कि महाराष्ट्र की तिकड़ी सरकार अर्णब गोस्वामी और उनके रिपब्लिक टीवी से काफी नाराज़ हैं और किसी भी तरीके से उन्हें नुकसान पहुंचना की कोशिश रही है, ऐसे में प्रथम दृष्टया ये मामला राजनैतिक द्वेष का लगता है। हालांकि पूरा सच जांच के बाद ही पता चलेगा।

Leave a Reply