Fantastic Health Benefits Of Mustard Oil In Hindi | All About Mustard Oil in hindi | sarso ke tel ke fayde | sarso ke tel ka upyog aur nuksan | सरसों के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान

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Mustard Oil
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Fantastic Health Benefits Of Mustard Oil In Hindi | All About Mustard Oil in hindi | sarso ke tel ke fayde | sarso ke tel ka upyog aur nuksan | सरसों के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान

हम सभी के घरों में सब्जी बनाने या फिर नॉन-वेज बनाने में सरसों के तेल (mustard oil)

का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर लोग इसे सिर्फ तेल समझकर ही इस्तेमाल करते हैं, पर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में इसे (mustard oil) औषधि की श्रेणी में रखा गया है ।

क्युकी सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है। सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं. जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल (mustard oil) एक औषधि की तरह काम करता है।

सरसों के तेल को सदियों में अधिक उपयोग में लाया जाता है। इसके दो कारण है, पहला कारण यह तेल गर्म होता है।दूसरा कारण सरसो के तेल से अनेक स्वास्थ्य लाभ होते हैं। हालांकि इस तेल को अधिकतर लोग सिर्फ खाना बनाने के लिए ही इस्तेमाल में लाते हैं, लेकिन यह सिर्फ भोजन बनाने तक ही सीमित नहीं है।

इसके अन्य उपयोग और लाभ भी है। तो आइये जानते है https://sangeetaspen.com के इस लेख के माध्यम से की सरसों तेल (mustard oil) का उपयोग व सरसों के तेल के फायदे क्या क्या हैं। इसके अलावा, सरसों के तेल के नुकसान के बारे में भी इस लेख में काफी कुछ जानेंगे।

सरसों का तेल क्या है? – What is Mustard Oil in Hindi

सरसों के तेल को सरसों (पौधा) के बीजों से निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका जुनसा है, जिसे विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे मस्टर्ड, तेलुगु में अवन्यून, मलायम में कदुगेना और मराठी में मोहरीच कहा जाता है।

सरसों के बीज भूरे, लाल और पीले रंग के होते है। मशीनों की मदद से इनमें से तेल निकाला जाता है। भारत में इसका प्रचलन ज्यादा है और प्रतिदिन बनने वाले भोजन में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह तेल जायका बढ़ाने के साथ-साथ भोजन को पौष्टिक भी बनाता है।

सरसों के तेल के प्रकार – Types of Mustard Oil in Hindi

सरसों के तेल के प्रकार होते हैं, जो इस तरह से हैं

रिफाइंड सरसों का तेल : सरसों के बीजों से यह तेल मशीनों के जरिए निकाला जाता है। इसका स्वाद कड़वा होता है। इस प्रकार के तेल का इस्तेमाल भारत में खाना बनाने के लिए किया जाता है। रिफाइंड सरसों का तेल काले, भूरे या सफेद सरसों के बीजों से निकाला जाता है।

ग्रेड-1 (कच्ची घानी) : इसे आमतौर पर कच्ची घानी के नाम से जाना जाता है। यह सरसों के तेल का शुद्ध रूप है। यही वजह है कि अधिकतर भारतीय गृहणी भोजन बनाने के लिए इसी तेल का इस्तेमाल करना पसंद करती हैं। इस प्रकार का सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

ग्रेड-2 : इस तेल का इस्तेमाल भोजन बनाने के लिए नहीं, बल्कि थेरेपी के लिए किया जाता है

सेहत के लिए सरसों के तेल के फायदे – Health Benefits of Mustard Oil in Hindi

दर्दनाशक के रूप में – जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा सरसों के तेल के सेवन से अंदरुनी दर्द में भी आराम मिलता है.

बालों के लिए – कई लोग सरसों के तेल को बालों में लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जो बालों और स्कैल्प के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसके उपयोग से बालों के विकास में मदद मिल सकती है। इसके लिए सरसों के तेल में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, इस तेल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव भी पाए जाते हैं, जो रूसी की समस्या को पनपने से रोक सकते हैं। इससे स्कैल्प पर खुजली की समस्या से भी राहत मिल सकती है

त्वचा के लिए फायदेमंद – सरसों का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें विटामिन ई की पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. इसके सेवन से त्वचा को अंदरुनी पोषण तो मिलता है ही साथ ही इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा की नमी भी बनी रहती है.

भूख बढ़ाने में मददगार – अगर आपको भूख नहीं लगती है और इसके चलते आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तो सरसों का तेल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा. ये तेल हमारे पेट में ऐपिटाइजर के रूप में काम करता है जिससे भूख बढ़ती है.

वजन घटाने में मददगार – सरसों के तेल में मौजूद विटामिन जैसे थियामाइन, फोलेट व नियासिन शरीर के मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है.

अस्थमा की रोकथाम – अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए सरसों का तेल खासतौर पर फायदेमंद होता है. सरसों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो अस्थमा के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है. सर्दी हो जाने पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

दांत दर्द में फायदेमंद – अगर आपके दांतों में दर्द है तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करें. ऐसा करने से दांतों का दर्द दूर हो जाएग और दांत भी मजबूत बनेंगे.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए – सरसों का तेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है. शरीर की अंदरुनी कमजोरी को दूर करने के लिए सरसों के तेल का नियमित सेवन करें. इससे मालिश करना भी फायदेमंद रहेगा

सरसों के तेल के नुकसान – Side Effects of Mustard Oil in Hindi

सरसों के तेल में इरुसिक नाम का एसिड मौजूद होता है, जो हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इरुसिक एसिड हृदय की मांसपेशियों में लिपिडोसिस (ट्राइग्लिसराइड्स का जमाव) का कारण बन सकता है और हृदय के टिशू को क्षतिग्रस्त कर सकता है ।

कुछ लोगों को त्वचा पर सरसों तेल के इस्तेमाल से एलर्जी हो सकती है।

सरसों तेल के इतने फायदे पढ़कर हैरान न होइए, यह बात पूरी तरह सच है, जिसे कई वैज्ञानिक प्रमाण द्वारा साबित भी किया गया है। फिर भी ध्यान रहे कि सरसों का तेल सिर्फ इन समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकता है। यह किसी समस्या का पूर्ण इलाज नहीं है। अगर कोई किसी रोग से पीड़ित है, तो डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें। साथ ही डॉक्टर की सलाह पर ही इस तेल के इस्तेमाल करें। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी पाठक के लिए उपयोगी साबित होगी।

FAQ :

Q :कच्ची घानी सरसों का तेल क्या है?

Ans : यह कोल्ड प्रेस्ड सरसों का तेल होता है, जिसे कच्चे ग्रेड 1 सरसों के तेल के रूप में भी जाना जाता है। यह सरसों के तेल का एक प्रकार है, जिसकी जानकारी हम ऊपर प्रकार वाले भाग में दे चुके हैं।

Q : क्या हम गीले बालों पर सरसों का तेल लगा सकते हैं?

Ans : जी नहीं, सरसों के तेल को गीले बालों में नहीं लगाना चाहिए। नहाने के बाद बालों को हल्का सूखने दें या तौलिए से पोंछकर इसे इस्तेमाल करें, ताकि बालों में सरसो का तेल लगाने के फायदे बेहतर तरीके से हासिल हो सकें।

Q : क्या नियमित रूप से सरसों का तेल लगाने से त्वचा काली पड़ जाती है?

जी नहीं, सरसों तेल के नियमित इस्तेमाल से त्वचा का रंग काला नहीं होता है, बल्कि इससे त्वचा चमकदार बन सकती है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि करने के लिए किसी तरह का वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

Q : मुझे अपने बालों पर सरसों का तेल कितने समय तक लगाए रखना चाहिए?

Ans : सरसों के तेल को आप लगाकर पूरी रात के लिए छोड़ सकते हैं।

Q : क्या सरसों के तेल की तुलना में रिफाइंड तेल बेहतर है?

Ans : नहीं, रिफाइंड ऑयल की तुलना में सरसों का तेल ज्यादा अच्छा होता है। यह प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक होता है

Q : सरसों के तेल से फैट हटाने के तरीके क्या हैं?

एक पुरानी विधि की मदद से सरसों के तेल से फैट को कम किया जा सकता है। इसके लिए सरसों के बीजों को पीसकर उसे पानी के साथ मिला सकते हैं और इस मिश्रण द्वारा तेल प्राप्त कर सकते हैं। इस विधि द्वारा प्राप्त किए गए तेल में आमतौर पर अन्य तेलों की तुलना में कम फैट होता है।

Q : अगर सरसों के तेल से एलर्जी है, तो कैसे पता चलेगा?

Ans:sangeetaspen.com के इस लेख के नुकसान वाले भाग में बताया है कि सरसों के तेल से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। अगर किसी को इसके इस्तेमाल से एलर्जी होती है, तो इस तेल का इस्तेमाल करना बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Q : क्या सरसों का तेल (टॉक्सिक) विषाक्त होता है?

Ans : वैसे तो सरसों के तेल में प्रत्यक्ष रूप से टॉक्सिक नहीं होता, लेकिन इसमें इरुसिक एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिसे अधिक मात्रा में लेने पर यह टॉक्सिक हो सकता है

Q : अन्य भाषाओं में सरसों का तेल क्या कहा जाता है?

सरसों के तेल को अंग्रेजी में मस्टर्ड ऑयल, तेलुगु में अवन्यून, मलायम में कदुगेना और मराठी में मोहरीच कहा जाता है। इसकी जानकारी लेख में ऊपर विस्तार से दी गई है।

Q : सरसों तेल की तासीर कैसी होती है?

Ans : सरसों तेल की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे कम मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।

Q : सरसों के तेल में कपूर मिलाकर लगाने के फायदे?

Ans : अगर आप सोच रहे हैं कि सरसों के तेल में क्या मिलाकर लगाएं, तो हम आपको बता दें कि इसमें कपूर को मिलकर लगाने से घुटनों और जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है। साथ ही त्वचा में निखार भी आ सकता है ।

Q : सरसों के तेल की मालिश करने से क्या फायदा होते हैं?

Ans : जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि सरसों के तेल की मालिश के फायदे बढ़ते उम्र के प्रभाव को धीमा कर सकते हैं। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि इसकी मालिश से त्वचा को टाइट किया जा सकता है।

Q : सरसों का कच्चा तेल पीने से क्या फायदा हो सकता है?

Ans :सरसों का तेल पीने के फायदे कई हो सकते हैं, जिनमें ऊपर बताए गए लाभ शामिल हैं, लेकिन इसे हमेशा खाद्य पदार्थ के साथ ही इस्तेमाल में लाना चाहिए।

Q : सरसों के तेल और लहसुन मिलाकर खाने से क्या फायदा हो सकता है?

Ans :सब्जी तैयार करते समय सरसों के तेल में तले हुए लहसुन का सेवन किया जा सकता है। वहीं, सरसों के तेल में लहसुन का तड़का लगाकर नाक में उपयोग किया जाता है, जिससे खर्राटे की समस्या कम हो सकती है। फिलहाल, इस तथ्य के संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

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