Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant पीपल

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Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant पीपल
Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant पीपल

Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए घर में खुद लगाएं अपना आक्सीजन प्लांट

Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए घर में खुद लगाएं अपना आक्सीजन प्लांट

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Ficus religiosa : आयुर्वेद में पीपल के (Ficus religiosa)पत्तों को नीम की तरह पीपल (Ficus religiosa) के पेड़ को पवित्र जीवनरक्षक बताया गया है। इसकी पूजा भी की जाती है। और इससे ऑक्सीजन की कमी को भी पूरा किया जा सकता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीपल का पेड़ (Peepal Tree/Ficus religiosa) आपको सेहत से जुड़े लाभ भी देता है ? जैसे पीलिया, रतौंधी, मलेरिया, खाँसी, दमा, सर्दी और सिर दर्द में आराम पहुँचता है। पीपल की टहनी, लकड़ी, पत्तियों, कोपलों और सीकों का प्रयोग भी सेहत के लिए अलग अलग प्रकार से किया जाता है। क्या आप जानते हो पीपल के पत्तों को गजभक्ष्य भी कहते हैं क्युकी हाथी इसके पत्तों को बड़े चाव से खाते हैं।यह भी पढ़े: Indor Plant Benefits: कोरोना काल में शुद्ध हवा के लिए घर पर लगाएं Indor Plant,इतने मिलेंगे फायदे

पीपल क्या है?- What is Peepal / Ficus religiosa

पीपल विषैली कार्बन डाइआक्साईड सोखता है और ऑक्सीजन छोड़ता (peepal tree information) है। पीपल के पेड़ की छाया बहुत ठंडी होती है। पीपल का पेड़ लगभग 10-20 मीटर ऊँचा होता है। पीपल के पेड़ की उम्र लगभग 200 साल होई है। एक पीपल का पेड़ (Peepal Tree/Ficus religiosa) 4 से 5 वर्ष में त्यार हो जाता है।

जानिए पीपल के अनगिनत गुण और होने वाले फायदे

सांस संबंधी समस्या को दूर करता है – आयुर्वेद में पीपल के पत्तों को नीम की तरह औषधीय माना जाता है। अगर आपको सांस संबंधी किसी भी तरह की समस्या है तो पीपल का पेड़ बहुत फायदेमंद हो सकता है। पीपल के पेड़ की छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालकर सुखा लें और सूखे हुए इस भाग का चूर्ण बनाकर खाने से सांस संबंधी सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

बताया जाता है कि प्रतिदिन दो पीपल के पत्ते का सेवन करने से ऑक्सीजन के सेचुरेशन लेवल को ठीक किया जा सकता है। नीम के पत्तों की तरह ही आप पीपल के 2 पत्ते हर रोज चबाएं जिससे ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकता है। पीपल के पत्तों को छांव में सुखाकर मिश्री के साथ काढ़ा बनाकर पीने से सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाया जा सकता है।

​इम्यूनिटी को करता है बूस्ट – पीपल का पत्ता रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी हमारे इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रांग बनाता है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सभी लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं, ताकि कोविड से बच सकें। पीपल के पत्ते के साथ गिलोय के तने का मिश्रण तैयार करें और इस मिश्रण का सेवन दिन में तीन- चार बार करें। इससे आप अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर सकते हैं। यह भी पढ़े: COVID-19 Home Isolation : होम आइसोलेशन में Oxygen लेवल मेंटेन कैसे करे

​भूख को बढ़ाने में मददगार – अगर आपको भूख नहीं लगती या फिर खाना-खाने का मन ही नहीं करता तो पीपल के जरिए अपनी भूख को बढ़ा सकते हैं। यह शारीरिक कमजोरी को दूर करने में भी मददगार है। पीपल के पत्तों में मॉइस्चर कंटेंट, कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन, फैट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, कॉपर और मैग्नीशियम के तत्व मौजूद होते हैं।

​दूर होतीं दांत संबंधी समस्याएं – पीपल की दातुन करने से दांत मजबूत होते हैं, और दांतों में दर्द की समस्या समाप्त हो जाती है। इसके अलावा पीपल की छाल, कत्था और 2 ग्राम काली मिर्च को बारीक पीसकर आप इसका टूथपेस्ट भी तैयार कर सकते हैं। इससे आपको दांत संबंधी, जैसे कीड़े लगना, मसूड़ों में दर्द, सूजन जैसी कोई परेशानी नहीं होगी।

​कम करता विष का असर और भर देता है घाव – अगर आपको किसी जहरीले जीव-जंतु काट लिया है और समय पर कोई डक्टर मौजूद नहीं है तो पीपल का रस पिलाने से जहर के असर को कम किया जा सकता है।इसके अलावा पीपल के पत्तों का गर्म लेप शरीर के किसी भी हिस्से में लगे घाव को सुखाने में भी मदद कर सकता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी इसका प्रयोग घाव भरने में किया जाता है। डेली इसके लेप का प्रयोग करने से घाव जल्दी भर जाता है और जलन भी नहीं होती।

​स्किन के लिए फायदेमंद – पीपल का प्रयोग कई तरह के स्किन से रिलेटिड फार्मेसी प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है। त्वचा का रंग निखारने के लिए भी पीपल की छाल का लेप या इसके पत्तों का लेप कारगर है। इससे चेहरे की झुर्रियों को कम किया जा सकता है। पीपल की ताजी जड़ को पानी में भिगोकर उसका लेप लगाने से झुर्रियां कम होने लगती हैं।

​तनाव को करता है कम – पीपल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिससे ये हमें तनाव से भी राहत दिलाता है। इसके कोमल पत्तों को नियमित रूप से चबाने पर स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। वनस्पति विज्ञान में इसके कई अनगिनत फायदे बताए गए हैं।यह भी पढ़े: Apple Watch Series 6 ,कंपनी की पहली स्मार्टवॉच, जो बताएगी ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा

Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant पीपल
Ficus religiosa :ऑक्सीजन का natural plant पीपल

पीपल कहां पाया या उगाया जाता है ? -Where is Peepal Found or Grown

पीपल का पेड़ (Peepal ka Pedh /Ficus religiosa) भारत के उपहिमालयी वनों, पश्चिम बंगाल एवं मध्य भारत में प्राप्त होता है। हिन्दू तथा बौद्ध धर्म में धार्मिक महत्व होने के कारण पीपल का पेड़ मंदिरों के आसपास लगाया जाता है।

पीपल के उपयोगी भाग -Beneficial Part of Peepal

तना की छाल

फल

पत्ते (कली के रूप वाले पत्ते)

दूध
जड़

पीपल के प्रयोग की मात्रा -How Much to Consume Peepal

काढ़ा – 50-100 मिली

चूर्ण – 3-6 ग्राम

दूध -1-20 मिली

अधिक लाभ के लिए पीपल का उपयोग चिकित्सक के परामर्शानुसार करें।

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