Hathras Case: मृत युवती की नकली भाभी के बचाव में में आयी असली भाभी बताया दूर की रिश्तेदार

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हाथरस ( बूलगढ़ी गांव) में 19 साल की एक लड़की की कथित हत्या से जुड़े केस में रोज़ कुछ ना कुछ नए खुलासे हो रहे है। अब इस केस में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। ‘‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, एक महिला पीड़ित परिवार में मृतका

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की ‘भाभी’ बन कर रह रही थी

और परिवार की तरफ से बयान भी दे रही थी। इसके बाद से हाथरस मामले का नक्सली कनेक्शन सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त ‘भाभी’ सितम्बर 16 से 22 सितम्बर तक परिवार के साथ रही और इस दौरान अपने नक्सली आकाओं से भी संपर्क में थी।

यह सब हाथरस (बूलगढ़ी गांव) के बहाने उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करने में पीएफआइ के बाद अब नक्सल कनेक्शन भी सामने आया है। मृत युवती के घर पर 16 सितंबर से 22 सितंबर तक सक्रिय ‘भाभी’ अब गायब हैं।

कहा जा रहा है कि इस महिला ने घर में रहकर पीड़ित परिवार को सरकार के खिलाफ भड़काने के साथ ही मीडिया में काफी बयान भड़काऊ बयान दिए। पकडे जाने का पता चलने के बाद से नकली भाभी हाथरस ( बूलगढ़ी गांव) सीन से गायब हैं। नकली भाभी मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं।

एसआईटी (SIT) अब इस बात की जाँच कर रही है कि उक्त नक्सली महिला ने पीड़ित परिवार के साथ रहने के लिए उसे प्रलोभन दिया था, या फिर डराया-धमकाया था।

साथ ही इस बात की भी जाँच की जा रही है कि नक्सली महिला उर्फ़ ‘नकली भाभी’ ने पीड़ित परिवार का ब्रेनवॉश कर के उन्हें कहीं ये तो नहीं विश्वास दिला दिया था कि स्थानीय प्रशासन और अन्य जाति के लोग उनका जीवन मुश्किल कर देंगे और वे उनके दुश्मन हैं।

अब एसआईटी (SIT) की टीम मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली महिला की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक यह फर्जी रिश्तेदार पीड़ित स्वजन को लगातार गाइड कर रही थी कि मीडिया में क्या बयान देना है।

‘लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU)’ ने पहले ही पाया था कि हाथरस मामले को लेकर दंगा भड़काया जा सकता है। अब SIT इस मामले में दो एंगल से जाँच कर रही है- एक हत्या का और दूसरा इस केस द्वारा सांप्रदायिक दंगे की बड़ी साजिश का। इस मामले में बड़ी फंडिंग के भी संकेत मिले थे।

फोरेंसिक रिपोर्ट्स में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई थी। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक SIT का गठन किया था, जो इस मामले की जाँच कर रही है।

SIT के अनुसार, उक्त महिला मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली है और वो मृतका की असली भाभी के साथ लगातार संपर्क में थी। इसका खुलासा तब हुआ, जब SIT ने जाँच के लिए पीड़िता की भाभी के फोन कॉल रिकॉर्ड्स को खँगाला।

अब नक्सली महिला को गिरफ्तार करने के लिए SIT ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। 

पीड़ित की असली भाभी ने लिया नकली भाभी का पक्ष

इस संबंध में पीड़ित की असली भाभी घूँघट में अपना चेहरा ढके और हाथ में एक बच्चा लिए मिडिया को बता रही है कि महिला का नाम राजकुमारी है। यह जबलपुर की रहने वाली है। और वही नौकरी करती है

उसका एक 10 साल का बच्चा है। दूर की रिश्तेदार है। घटना के बाद से ही रिश्तेदार दूर-दूर से आ रहे हैं। वह भी आई थी। बाद में चली गई। जो मीडिया में बताया या दिखाया जा रहा है यह सत्य नहीं है

क्षत्रिय समुदाय की लड़कियों के प्रति नकली भाभी की नफ़रद

वीडियो में ‘भाभी’ ने क्षत्रिय समुदाय की लड़कियों के बलात्कार की भी धमकी दी थी। ‘इंडिया टीवी’ से उसने कहा था कि क्षत्रिय समुदाय की 2-4 लड़कियों को लाकर ‘उनके’ पुरुषों के साथ 6 दिन के लिए छोड़ दिया जाए।

साथ ही कहा था कि वो पंचायत की तरफ से तुरंत निर्णय दे देंगी- जो उनके घर की बेटी के साथ हुआ, वही क्षत्रियों की लड़कियों के साथ भी होना चाहिए। ‘भाभी’ ने कहा था, “अपनी लड़कियों को यहाँ छोड़ो, फिर देखो।

कांग्रेस के साथ अन्य राजनैतिक पार्टिया हाथरस (बूलगढ़ी गांव) मुद्दे को जातिवादी रूप देने में

‘भीम आर्मी’ भी इस मामले को लेकर अशांति फैलाने में लगा हुआ है। राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी।

Opindia के अनुसार इससे पहले राहुल गाँधी के क़रीबी कांग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि वीडियो में कहते दिखे थे, “दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा, जो स्थिति बनती जा रही है।

वाल्मीकि समाज ही मार्शल कौम है। हम लोगों को आप गाँव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएँगे, बहुत मार दिए जाएँगे। शहर में हम लोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं।” पुलिस उनसे पूछताछ में लगी हुई है।

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