Hiccups : हिचकी क्यों आती है, हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय

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Hiccups : हिचकी क्यों आती है, हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय
Hiccups : हिचकी क्यों आती है, हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय

Hiccups : हिचकी (hichki) आनी आम बात है, लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनको हिचकी बार-बार आती रहती है। अनेक गर्भवती स्त्रियों को भी हिचकी की समस्या होती है। आमतौर पर लोग हिचकी का उपचार करने के लिए पानी पीते हैं, लेकिन कई बार पानी से भी हिचकी की समस्या नहीं जाती। इसके लिए आप हिचकी के घरेलू उपाय को प्रयोग (hichki rokne ke upay) में ला सकते हैं।

Table of Contents

हिचकी क्यों आती है ? What Causes Hiccups in Hindi

हिचकी नाम सुनते ही आपके दिमाग में एक ही ख्याल आने लगता है कोई करीबी आपको बहुत याद कर रहा होगा इसलिए हिचकी आ रही है। लेकिन यह सोचकर आप सबके नाम लेने लगते है। ऐसा करने पर यदि हिचकी रुक जाती है तो आपको लगता है सही नाम लेने हिचकी बंद हो गयी है। हिचकी आते समय अगर व्यक्ति का ध्यान अलग हो जाता है इसलिए हिचकी आना बंद हो जाती है। हिचकी डायफ्राम के दबाव के कारण होती है।

यह भी पढ़े : PREGNANCY में क्या खाये और क्या नहीं खाये

डायफ्राम मांसपेशिया ऐसी होती है जो पेट को छाती से अलग करती है। इसका श्वास में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसके दबाव के बाद स्वरतंत्र बंद हो जाते है। जिससे हीक की ध्वनि उत्पन्न होती है। चलिए हिचकी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करते है। अधिक भोजन करने से व अधिक पानी पीने से मनुष्यो को हिचकी आने लगती है।

हिचकी की ध्वनि हमारे डायफ्राम से आती है। यह एक तरह की मांसपेशी होती है। जो पेट और छाती के मध्य स्तिथ रहती है और श्वास लेने की क्रिया में अहम भूमिका निभाती है। यदि डायफ्राम मांसपेशी सिकुड़ती है तो फेफड़े तेजी से हवा को भीतर लेने लगते है इस वजह से श्वास लेने में परेशानी होती है। इससे हिचकी आने लगते है।

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हिचकी आने के क्या कारण होते है ? (What are The Causes of Hiccups in Hindi)

  • अधिक मात्रा में खा-पी लेने के कारण हिचकी आने की समस्या होने लगती है।
  • मनुष्य के अधिक मात्रा में धूम्रपान करने व शराब का सेवन करने से हिचकी आने लगती है।
  • यदि व्यक्ति जोर-जोर से ठहाके लगता है तो हिचकी आने का यह भी एक कारण हो सकता है।
  • मनुष्य के अधिक मसालेयुक्त पदार्थ खाने के कारण हिचकी आने लगता है।
  • खाने में अधिक जल्दबाजी करने के कारण हिचकी आने की समस्या हो जाती है।
  • व्यक्ति के पेट फूलने की समस्या होने के कारण हिचकी आना शुरू हो जाता है।

हिचकी के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Hiccups in Hindi)

हिचकी आने का एक ही लक्षण होता है। इसमें पेट, गले और छाती में दबाव महसूस होता है। व्यक्ति के बात करने पर हिचकी आने लगती है

यह भी पढ़े : Healthy Food : स्वस्थ आहार क्या है, लाभ, आदतें, कैसे खाएं

गर्भवती महिलाओं को हिचकी आने के कारण (Causes of Hiccup in Pregnant Women)

  • गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य से अधिक हो जाती है। इस समय किसी भी कारण से ऑक्सीजन कम लेने पर डायफ्राम में संकुचन पैदा होता है। इससे हिचकी होती है।
  • कभी-कभी जल्दी खाने या पीने से भी हिचकी होती है।
  • गर्भावस्था के दौरान पेट पर दबाव पड़ने के कारण Acid reflux की समस्या हो जाती है। यह भी हिचकी का कारण बनती है।
  • इसके लिए महिलाओं को धीरे-धीरे तथा आराम से भोजन करनी चाहिए। महिलाएं तनावमुक्त रहकर, और उचित जीवनशैली से हिचकी को ठीक कर सकती हैं।

हिचकी का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Hiccups in Hindi)

  • कुछ लोगो की हिचकी अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन जिन लोगो की हिचकी ठीक नहीं हो पाती उनके चिकित्सीय कारण होते है। इन कारणों का इलाज चिकिस्तक से इलाज करवाना चाहिए।
  • हिचकी का इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज के कारणों के आधार पर उनको दवाइयों की खुराक दे सकते है
  • यदि दवाइयों से हिचकी की समस्या हल नहीं होती है तो डॉक्टर मरीज के फ्रनिक नस को बंद करने के लिए एनेस्थेटिक का इंजेक्शन दे सकते है।
  • कुछ मामलो में डॉक्टर मशीन के द्वारा मरीज के वैगस नस में जरा सी विद्युतीय उत्तेजना कर सकते है।

हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)
सामान्यतः हिचकी कुछ समय के बाद अपने आप ही शान्त हो जाती है, लेकिन अगर 2-3 दिन से ज्यादा दिनों तक हिचकी बनी रहती है तो यह बड़ी समस्या बन जाती है। इस अवस्था में हिचकी को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। आप हिचकी के लिए ये घरेलू नुस्खे (hichki rokne ke upay) आजमा सकते है

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हिचकी रोकने के उपाय आंवला और मिश्री से (Amla and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
सोंठ, आंवले और पीपल के एक-एक ग्राम चूर्ण को मिलाकर मधु या मिश्री के साथ खाएं। इस घरेलू नुस्खे से हिचकी को रोका जा सकता है।

Hiccups : हिचकी (hichki) आनी आम बात है, लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनको हिचकी बार-बार आती रहती है। अनेक गर्भवती स्त्रियों को भी हिचकी की समस्या होती है। आमतौर पर लोग हिचकी का उपचार करने के लिए पानी पीते हैं, लेकिन कई बार पानी से भी हिचकी की समस्या नहीं जाती। इसके लिए आप हिचकी के घरेलू उपाय को प्रयोग (hichki rokne ke upay) में ला सकते हैं।

हिचकी क्यों आती है ? What Causes Hiccups in Hindi

हिचकी नाम सुनते ही आपके दिमाग में एक ही ख्याल आने लगता है कोई करीबी आपको बहुत याद कर रहा होगा इसलिए हिचकी आ रही है। लेकिन यह सोचकर आप सबके नाम लेने लगते है। ऐसा करने पर यदि हिचकी रुक जाती है तो आपको लगता है सही नाम लेने हिचकी बंद हो गयी है। हिचकी आते समय अगर व्यक्ति का ध्यान अलग हो जाता है इसलिए हिचकी आना बंद हो जाती है। हिचकी डायफ्राम के दबाव के कारण होती है।

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डायफ्राम मांसपेशिया ऐसी होती है जो पेट को छाती से अलग करती है। इसका श्वास में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसके दबाव के बाद स्वरतंत्र बंद हो जाते है। जिससे हीक की ध्वनि उत्पन्न होती है। चलिए हिचकी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करते है। अधिक भोजन करने से व अधिक पानी पीने से मनुष्यो को हिचकी आने लगती है।

हिचकी की ध्वनि हमारे डायफ्राम से आती है। यह एक तरह की मांसपेशी होती है। जो पेट और छाती के मध्य स्तिथ रहती है और श्वास लेने की क्रिया में अहम भूमिका निभाती है। यदि डायफ्राम मांसपेशी सिकुड़ती है तो फेफड़े तेजी से हवा को भीतर लेने लगते है इस वजह से श्वास लेने में परेशानी होती है। इससे हिचकी आने लगते है।

हिचकी आने के क्या कारण होते है ? (What are The Causes of Hiccups in Hindi)

  • अधिक मात्रा में खा-पी लेने के कारण हिचकी आने की समस्या होने लगती है।
  • मनुष्य के अधिक मात्रा में धूम्रपान करने व शराब का सेवन करने से हिचकी आने लगती है।
  • यदि व्यक्ति जोर-जोर से ठहाके लगता है तो हिचकी आने का यह भी एक कारण हो सकता है।
  • मनुष्य के अधिक मसालेयुक्त पदार्थ खाने के कारण हिचकी आने लगता है।
  • खाने में अधिक जल्दबाजी करने के कारण हिचकी आने की समस्या हो जाती है।
  • व्यक्ति के पेट फूलने की समस्या होने के कारण हिचकी आना शुरू हो जाता है।

हिचकी के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Hiccups in Hindi)

हिचकी आने का एक ही लक्षण होता है। इसमें पेट, गले और छाती में दबाव महसूस होता है। व्यक्ति के बात करने पर हिचकी आने लगती है

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गर्भवती महिलाओं को हिचकी आने के कारण (Causes of Hiccup in Pregnant Women)

  • गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य से अधिक हो जाती है। इस समय किसी भी कारण से ऑक्सीजन कम लेने पर डायफ्राम में संकुचन पैदा होता है। इससे हिचकी होती है।
  • कभी-कभी जल्दी खाने या पीने से भी हिचकी होती है।
  • गर्भावस्था के दौरान पेट पर दबाव पड़ने के कारण Acid reflux की समस्या हो जाती है। यह भी हिचकी का कारण बनती है।
  • इसके लिए महिलाओं को धीरे-धीरे तथा आराम से भोजन करनी चाहिए। महिलाएं तनावमुक्त रहकर, और उचित जीवनशैली से हिचकी को ठीक कर सकती हैं।

हिचकी का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Hiccups in Hindi)

  • कुछ लोगो की हिचकी अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन जिन लोगो की हिचकी ठीक नहीं हो पाती उनके चिकित्सीय कारण होते है। इन कारणों का इलाज चिकिस्तक से इलाज करवाना चाहिए।
  • हिचकी का इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज के कारणों के आधार पर उनको दवाइयों की खुराक दे सकते है
  • यदि दवाइयों से हिचकी की समस्या हल नहीं होती है तो डॉक्टर मरीज के फ्रनिक नस को बंद करने के लिए एनेस्थेटिक का इंजेक्शन दे सकते है।
  • कुछ मामलो में डॉक्टर मशीन के द्वारा मरीज के वैगस नस में जरा सी विद्युतीय उत्तेजना कर सकते है।

हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)
सामान्यतः हिचकी कुछ समय के बाद अपने आप ही शान्त हो जाती है, लेकिन अगर 2-3 दिन से ज्यादा दिनों तक हिचकी बनी रहती है तो यह बड़ी समस्या बन जाती है। इस अवस्था में हिचकी को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। आप हिचकी के लिए ये घरेलू नुस्खे (hichki rokne ke upay) आजमा सकते हैंः-

हिचकी रोकने के उपाय आंवला और मिश्री से (Amla and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
सोंठ, आंवले और पीपल के एक-एक ग्राम चूर्ण को मिलाकर मधु या मिश्री के साथ खाएं। इस घरेलू नुस्खे से हिचकी को रोका जा सकता है।

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हिचकी रोकने के उपाय पिप्पली और मिश्री से (Pippali and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
पिप्पली चूर्ण और पिसी हुई मिश्री मिलाकर हिचकी के रोगी को सूंघाने से हिचकी बंद हो जाती है। अगर हिचकी (hichki) से अधिक परेशानी हो रही हो तो किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में नींबू और नमक का इस्तेमाल (Lemon and Salt : Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
गुनगुने पानी में नींबू का रस और एक चुटकी नमक और पुदीने के कुछ पत्ते मिलाएं। इसे पीने से हिचकी और गैस दोनों में आराम मिलता है।हिचकी को रोकने के लिए नमक और पुदीने का इस्तेमाल ऐसे करना चाहिए।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में सोंठ और हरड़ का प्रयोग (Ginger and Harad : Home Remedies for Hiccups Treatment in Hindi)
सोंठ और बड़ी हरड़ को बराबर-बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। तीन ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में कुटकी और शहद का उपयोग (Kutki and Honey: Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
कुटकी के चूर्ण को 1-2 चुटकी की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर दिन में 3-4 बार खाएं। इससे हिचकी से आराम मिलता है।

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हिचकी रोकने के उपाय हींग और मक्खन से (Asafoetida and Butter : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
1/4 चम्मच हींग पाउडर को 1/4 चम्मच मक्खन के साथ मिलाकर खाने से हिचकी का इलाज होता है। ये हिचकी रोकने के उपाय हैं।

हिचकी को रोकने के लिए अन्य घरेलू उपाय (Other Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)

  • जल्दी राहत (hichki rokne ke upay) पाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नींबू का टुकड़ा चूसें।
  • एक गिलास पानी में 2-3 इलायची उबालकर पीने से लाभ मिलता है।
  • एक गिलास ठण्डे पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से हिचकी से जल्दी राहत मिलती है।
    हिचकी रोकने के उपाय के लिए एक चम्मच चीनी को मुंह में रख कर चूसें, तथा उसके बाद पानी पी लें।
  • कुलत्थ की दाल या सूप बनाकर सेवन करें।
  • हरीतकी चूर्ण की दो ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर बार-बार चटाएं।
  • हिचकी रोकने के उपाय के लिए आमलकी तथा कपित्थ के रस लें। इसमें मधु एवं पिप्पली मिलाकर चाटने को दें।
  • बार-बार हिचकी आने पर दिन में तीन बार चित्रकादि वटी लें।
  • हिचकी (hichki) आने पर जल्दी-जल्दी पानी पीने से भी हिचकी को रोका जा सकता है।
  • बच्चों में हिचकी आने पर एक चम्मच शहद या पीनट बटर खिलाएं।
  • अदरक के एक छोटे टुकड़े को लेकर धीरे-धीरे चबाने से हिचकी को रोका जा सकता है।
  • हिचकी से ग्रस्त व्यक्ति को अचानक से चौकाने की कोशिश करें, या उसका ध्यान बाँटने की कोशिश करें।

हिचकी में कौन-सी जटिलताएं उत्पन्न होती है ? (What are The Complication of Hiccups in Hindi)

  • व्यक्ति को लंबे समय तक हिचकी आने पर बहुत से कार्य करने में परेशानी हो सकती है।
  • नींद करते समय।
  • बात करते हुए।
  • भोजन का सेवन करने के दौरान।
  • सर्जरी का घाव भरने इत्यादि कार्य में परेशानी होती है।

Hiccups : हिचकी (hichki) आनी आम बात है, लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनको हिचकी बार-बार आती रहती है। अनेक गर्भवती स्त्रियों को भी हिचकी की समस्या होती है। आमतौर पर लोग हिचकी का उपचार करने के लिए पानी पीते हैं, लेकिन कई बार पानी से भी हिचकी की समस्या नहीं जाती। इसके लिए आप हिचकी के घरेलू उपाय को प्रयोग (hichki rokne ke upay) में ला सकते हैं।

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हिचकी क्यों आती है ? What Causes Hiccups in Hindi

हिचकी नाम सुनते ही आपके दिमाग में एक ही ख्याल आने लगता है कोई करीबी आपको बहुत याद कर रहा होगा इसलिए हिचकी आ रही है। लेकिन यह सोचकर आप सबके नाम लेने लगते है। ऐसा करने पर यदि हिचकी रुक जाती है तो आपको लगता है सही नाम लेने हिचकी बंद हो गयी है। हिचकी आते समय अगर व्यक्ति का ध्यान अलग हो जाता है इसलिए हिचकी आना बंद हो जाती है। हिचकी डायफ्राम के दबाव के कारण होती है।

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डायफ्राम मांसपेशिया ऐसी होती है जो पेट को छाती से अलग करती है। इसका श्वास में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसके दबाव के बाद स्वरतंत्र बंद हो जाते है। जिससे हीक की ध्वनि उत्पन्न होती है। चलिए हिचकी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करते है। अधिक भोजन करने से व अधिक पानी पीने से मनुष्यो को हिचकी आने लगती है।

हिचकी की ध्वनि हमारे डायफ्राम से आती है। यह एक तरह की मांसपेशी होती है। जो पेट और छाती के मध्य स्तिथ रहती है और श्वास लेने की क्रिया में अहम भूमिका निभाती है। यदि डायफ्राम मांसपेशी सिकुड़ती है तो फेफड़े तेजी से हवा को भीतर लेने लगते है इस वजह से श्वास लेने में परेशानी होती है। इससे हिचकी आने लगते है।

हिचकी आने के क्या कारण होते है ? (What are The Causes of Hiccups in Hindi)

  • अधिक मात्रा में खा-पी लेने के कारण हिचकी आने की समस्या होने लगती है।
  • मनुष्य के अधिक मात्रा में धूम्रपान करने व शराब का सेवन करने से हिचकी आने लगती है।
  • यदि व्यक्ति जोर-जोर से ठहाके लगता है तो हिचकी आने का यह भी एक कारण हो सकता है।
  • मनुष्य के अधिक मसालेयुक्त पदार्थ खाने के कारण हिचकी आने लगता है।
  • खाने में अधिक जल्दबाजी करने के कारण हिचकी आने की समस्या हो जाती है।
  • व्यक्ति के पेट फूलने की समस्या होने के कारण हिचकी आना शुरू हो जाता है।

हिचकी के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Hiccups in Hindi)

हिचकी आने का एक ही लक्षण होता है। इसमें पेट, गले और छाती में दबाव महसूस होता है। व्यक्ति के बात करने पर हिचकी आने लगती है

यह भी पढ़े : Healthy Food : स्वस्थ आहार क्या है, लाभ, आदतें, कैसे खाएं

गर्भवती महिलाओं को हिचकी आने के कारण (Causes of Hiccup in Pregnant Women)

  • गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य से अधिक हो जाती है। इस समय किसी भी कारण से ऑक्सीजन कम लेने पर डायफ्राम में संकुचन पैदा होता है। इससे हिचकी होती है।
  • कभी-कभी जल्दी खाने या पीने से भी हिचकी होती है।
  • गर्भावस्था के दौरान पेट पर दबाव पड़ने के कारण Acid reflux की समस्या हो जाती है। यह भी हिचकी का कारण बनती है।
  • इसके लिए महिलाओं को धीरे-धीरे तथा आराम से भोजन करनी चाहिए। महिलाएं तनावमुक्त रहकर, और उचित जीवनशैली से हिचकी को ठीक कर सकती हैं।

हिचकी का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Hiccups in Hindi)

  • कुछ लोगो की हिचकी अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन जिन लोगो की हिचकी ठीक नहीं हो पाती उनके चिकित्सीय कारण होते है। इन कारणों का इलाज चिकिस्तक से इलाज करवाना चाहिए।
  • हिचकी का इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज के कारणों के आधार पर उनको दवाइयों की खुराक दे सकते है
  • यदि दवाइयों से हिचकी की समस्या हल नहीं होती है तो डॉक्टर मरीज के फ्रनिक नस को बंद करने के लिए एनेस्थेटिक का इंजेक्शन दे सकते है।
  • कुछ मामलो में डॉक्टर मशीन के द्वारा मरीज के वैगस नस में जरा सी विद्युतीय उत्तेजना कर सकते है।

हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)
सामान्यतः हिचकी कुछ समय के बाद अपने आप ही शान्त हो जाती है, लेकिन अगर 2-3 दिन से ज्यादा दिनों तक हिचकी बनी रहती है तो यह बड़ी समस्या बन जाती है। इस अवस्था में हिचकी को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। आप हिचकी के लिए ये घरेलू नुस्खे (hichki rokne ke upay) आजमा सकते हैंः-

हिचकी रोकने के उपाय आंवला और मिश्री से (Amla and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
सोंठ, आंवले और पीपल के एक-एक ग्राम चूर्ण को मिलाकर मधु या मिश्री के साथ खाएं। इस घरेलू नुस्खे से हिचकी को रोका जा सकता है।

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हिचकी रोकने के उपाय पिप्पली और मिश्री से (Pippali and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
पिप्पली चूर्ण और पिसी हुई मिश्री मिलाकर हिचकी के रोगी को सूंघाने से हिचकी बंद हो जाती है। अगर हिचकी (hichki) से अधिक परेशानी हो रही हो तो किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में नींबू और नमक का इस्तेमाल (Lemon and Salt : Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
गुनगुने पानी में नींबू का रस और एक चुटकी नमक और पुदीने के कुछ पत्ते मिलाएं। इसे पीने से हिचकी और गैस दोनों में आराम मिलता है।हिचकी को रोकने के लिए नमक और पुदीने का इस्तेमाल ऐसे करना चाहिए।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में सोंठ और हरड़ का प्रयोग (Ginger and Harad : Home Remedies for Hiccups Treatment in Hindi)
सोंठ और बड़ी हरड़ को बराबर-बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। तीन ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में कुटकी और शहद का उपयोग (Kutki and Honey: Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
कुटकी के चूर्ण को 1-2 चुटकी की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर दिन में 3-4 बार खाएं। इससे हिचकी से आराम मिलता है।

हिचकी रोकने के उपाय हींग और मक्खन से (Asafoetida and Butter : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
1/4 चम्मच हींग पाउडर को 1/4 चम्मच मक्खन के साथ मिलाकर खाने से हिचकी का इलाज होता है। ये हिचकी रोकने के उपाय हैं।

हिचकी को रोकने के लिए अन्य घरेलू उपाय (Other Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)

  • जल्दी राहत (hichki rokne ke upay) पाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नींबू का टुकड़ा चूसें।
  • एक गिलास पानी में 2-3 इलायची उबालकर पीने से लाभ मिलता है।
  • एक गिलास ठण्डे पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से हिचकी से जल्दी राहत मिलती है।
    हिचकी रोकने के उपाय के लिए एक चम्मच चीनी को मुंह में रख कर चूसें, तथा उसके बाद पानी पी लें।
  • कुलत्थ की दाल या सूप बनाकर सेवन करें।
  • हरीतकी चूर्ण की दो ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर बार-बार चटाएं।
  • हिचकी रोकने के उपाय के लिए आमलकी तथा कपित्थ के रस लें। इसमें मधु एवं पिप्पली मिलाकर चाटने को दें।
  • बार-बार हिचकी आने पर दिन में तीन बार चित्रकादि वटी लें।
  • हिचकी (hichki) आने पर जल्दी-जल्दी पानी पीने से भी हिचकी को रोका जा सकता है।
  • बच्चों में हिचकी आने पर एक चम्मच शहद या पीनट बटर खिलाएं।
  • अदरक के एक छोटे टुकड़े को लेकर धीरे-धीरे चबाने से हिचकी को रोका जा सकता है।
  • हिचकी से ग्रस्त व्यक्ति को अचानक से चौकाने की कोशिश करें, या उसका ध्यान बाँटने की कोशिश करें।

हिचकी में कौन-सी जटिलताएं उत्पन्न होती है ? (What are The Complication of Hiccups in Hindi)

  • व्यक्ति को लंबे समय तक हिचकी आने पर बहुत से कार्य करने में परेशानी हो सकती है।
  • नींद करते समय।
  • बात करते हुए।
  • भोजन का सेवन करने के दौरान।
  • सर्जरी का घाव भरने इत्यादि कार्य में परेशानी होती है।

हिचकी रोकने के उपाय पिप्पली और मिश्री से (Pippali and Mishri : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
पिप्पली चूर्ण और पिसी हुई मिश्री मिलाकर हिचकी के रोगी को सूंघाने से हिचकी बंद हो जाती है। अगर हिचकी (hichki) से अधिक परेशानी हो रही हो तो किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में नींबू और नमक का इस्तेमाल (Lemon and Salt : Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
गुनगुने पानी में नींबू का रस और एक चुटकी नमक और पुदीने के कुछ पत्ते मिलाएं। इसे पीने से हिचकी और गैस दोनों में आराम मिलता है।हिचकी को रोकने के लिए नमक और पुदीने का इस्तेमाल ऐसे करना चाहिए।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में सोंठ और हरड़ का प्रयोग (Ginger and Harad : Home Remedies for Hiccups Treatment in Hindi)
सोंठ और बड़ी हरड़ को बराबर-बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। तीन ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है।

हिचकी रोकने की दवा के रूप में कुटकी और शहद का उपयोग (Kutki and Honey: Home Remedies for Hiccup or Hichki in Hindi)
कुटकी के चूर्ण को 1-2 चुटकी की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर दिन में 3-4 बार खाएं। इससे हिचकी से आराम मिलता है।

हिचकी रोकने के उपाय हींग और मक्खन से (Asafoetida and Butter : Home Remedies for Hiccups in Hindi)
1/4 चम्मच हींग पाउडर को 1/4 चम्मच मक्खन के साथ मिलाकर खाने से हिचकी का इलाज होता है। ये हिचकी रोकने के उपाय हैं।

हिचकी को रोकने के लिए अन्य घरेलू उपाय (Other Home Remedies for Hiccups (hichki) in Hindi)

  • जल्दी राहत (hichki rokne ke upay) पाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नींबू का टुकड़ा चूसें।
  • एक गिलास पानी में 2-3 इलायची उबालकर पीने से लाभ मिलता है।
  • एक गिलास ठण्डे पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से हिचकी से जल्दी राहत मिलती है।
    हिचकी रोकने के उपाय के लिए एक चम्मच चीनी को मुंह में रख कर चूसें, तथा उसके बाद पानी पी लें।
  • कुलत्थ की दाल या सूप बनाकर सेवन करें।
  • हरीतकी चूर्ण की दो ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर बार-बार चटाएं।
  • हिचकी रोकने के उपाय के लिए आमलकी तथा कपित्थ के रस लें। इसमें मधु एवं पिप्पली मिलाकर चाटने को दें।
  • बार-बार हिचकी आने पर दिन में तीन बार चित्रकादि वटी लें।
  • हिचकी (hichki) आने पर जल्दी-जल्दी पानी पीने से भी हिचकी को रोका जा सकता है।
  • बच्चों में हिचकी आने पर एक चम्मच शहद या पीनट बटर खिलाएं।
  • अदरक के एक छोटे टुकड़े को लेकर धीरे-धीरे चबाने से हिचकी को रोका जा सकता है।
  • हिचकी से ग्रस्त व्यक्ति को अचानक से चौकाने की कोशिश करें, या उसका ध्यान बाँटने की कोशिश करें।

हिचकी में कौन-सी जटिलताएं उत्पन्न होती है ? (What are The Complication of Hiccups in Hindi)

  • व्यक्ति को लंबे समय तक हिचकी आने पर बहुत से कार्य करने में परेशानी हो सकती है।
  • नींद करते समय।
  • बात करते हुए।
  • भोजन का सेवन करने के दौरान।
  • सर्जरी का घाव भरने इत्यादि कार्य में परेशानी होती है।

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