Immunity Booster : कोरोना वायरस के खिलाफ Immunity Boost के टिप्स

हेल्थ
Immunity Booster :
image by : fmolhs.org

Immunity Booster : कोरोना वायरस के खिलाफ ये बेस्ट फूड्स करेंगे आपकी इम्युनिटी को बूस्ट (Immunity Booster)

कोरोना वायरस के बारे में यह बात हम सभी को पता है कि यह खतरनाक वायरस ऐसे लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक (Immunity Booster)

Advertisement
क्षमता कमजोर होती है। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 सेकेंड से भी कम समय में यह वायरस अटैक कर सकता है।

ऐसे में हमें अपनी इम्यूनिटी (Immunity Booster) रोग प्रतिरोधक क्षमता का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस कोरोना काल में हमें शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड का सेवन करने की जरूरत है। साथ ही अब धीरे धीरे गर्मिया भी सुरु हो चुकी है ऐसे में स्वास्थ्य के साथ थोड़ा सा भी लापरवाही बहुत महगी हो सकती है।

डॉक्टरों की सलाह है कि जहां तक संभव हो अपनी इम्यूनिटी (Immunity Booster) को मजबूत बनाएं और खुद को इस वायरस से बचा कर रखें।आज का हमारा टॉपिक भी ऐसे ही सुपरफूड के बारे में, जिसका सेवन करने से आपकी इम्यूनिटी (Immunity Boost) बढ़ेगी है। और आप कोरोना एवं गर्मी दोनों को हराएंगे। इम्युनिटी को बढ़ाना है कोरोना को हराना है

Read this : Coronavirus In India : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने और इम्यूनिटी कमजोर करने वाली चीजों से बनाये दुरी

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अपने आहार में टमाटर को जरूर शामिल

टमाटर टमाटर विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली सब्जी है। इम्यूनिटी बढ़ाने (Immunity Booster) के लिए अपने आहार में टमाटर को जरूर शामिल करें। इसमें मौजूद लाइकोपीन नामक एंटी ऑक्सिडेंट आपके दिमाग की सेहत के लिए जरूरी है।

इसके अलावा टमाटर में विटामिन के, विटामिन सी और फाइबर की बहुतायत होती है, जो इम्यूनिटी सुधारने में मददगार साबित होते हैं। टमाटर उन लोगो के लिए भी बहुत अच्छा है जो अपना वजन कम करने के इच्छुक हैं, एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 12 कैलोरीज होती है,

टमाटर मधुमेह के रोगियों के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने के कारण इसे एक उत्तम एवं स्वादिस्ट भोजन माना जाता है। टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है। इसके लगातार सेवन से गैस सम्बन्धी समस्याओ में भी आराम होता है।

Read this :  टमाटर खाने के फायदे और नुकसान

दही- बहुत समय से दही का प्रयोग हर घर में होता आ रहा है।इसमें कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं जिनको खाने से शरीर को अनेक फायदे होते है। क्युकी दही में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस आदि पाया जाता है।कहा जाता है, की दूध के मुकाबले दही सेहत के लिए ज्यादा फायदा करता है।

क्युकी दही में दूध की अपेक्षा ज्यादा मात्रा में कैल्शियम होता है। दही खाने से हड्डिया और दांत मजबूत बनते है। साथ ही दही ऑस्टियोपोरोसिस (जोडों की बीमारी) जैसी बीमारी से लड़ने में भी बहुत मददगार माना जाता है।

जब कभी लू लगे तब भी दही पीना चाहिए।दही के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है।दही खाने के साथ ही हमारे बालो की ग्रोथ और फेस के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए दही का सेवन बहुत जरूरी है।

संतरा एक स्वास्थ्य वर्धक फल है
संतरा एक स्वास्थ्य वर्धक फल है

संतरा – संतरा एक स्वास्थ्य वर्धक फल (Immunity Booster) है। इसे आप खा भी सकते है और जूस निकल कर भी उपयोग कर सकते है। संतरे का एक गिलास जूस (रस) तन-मन को बहुत शीतलता देता है जिससे थकान एवं तनाव दूर होते है, यह हमारे हृदय तथा मस्तिष्क को भी नई शक्ति व ताजगी से भर देता है।

नियमित संतरे का उपयोग करने से आप बिना डायटिंग किए ही अपना वजन कम कर सकते हैं।इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है,साथ ही संतरे में लोहा, पोटेशियम भी काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें फ्रुक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरे से त्वचा में निखार आता है

तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। दिल के मरीज को संतरे का रस शहद मिलाकर देने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है। संतरे का रस छोटे बच्चो के लिए भी बहुत अमृततुल्य है। बच्चो को स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट बनाने के लिए दूध में चौथाई भाग मीठे संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह बच्चो के लिए एक आदर्श टॉनिक का काम करता है।

जब बच्चों के दाँत निकलते हैं, उस समय बच्चो को उल्टीया और हरे-पीले दस्त लगते हैं। उस समय संतरे का रस देने से उनकी बेचैनी दूर होती है तथा पाचन शक्ति भी बढ़ जाती है। संतरे का उपयोग बच्चे, बूढ़े, एवं रोगी वयक्ति को अवश्य करना चाहिए।

सेब, अंजीर और नाशपाती – कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सेब, अंजीर और नाशपाती जैसे फलों का सेवन करना चाहिए । ये सभी फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं

और आपके शरीर की इम्युनिटी को बूस्ट (Immunity Boost) करते है जिससे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बनी रहती हैं। इन फलों के साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए संतरा, नीबू, आंवला, मौसमी,  पपीता, अमरूद,  और कीवी जैसे खट्टे फलों का सेवन करे ।

क्योंकि ये सभी फल विटमिन-सी की प्रचुर मात्रा लिए होते हैं। जो हर तरह के संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कणिकाओं का निर्माण करने में सहायक है।खासतौर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इन दिनों आपको इन फलों के सेवन की बहुत जरूरत है।

तोरई तोरई, तोरी या तुराई (वैज्ञानिक नाम : Luffa acutangula) एक लता है जिसके फल सब्जी बनाने के काम आते हैं, तोरई का प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है। कच्ची हरी तोरई में विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है,

इसके अधिक सुपाच्य होने के कारण हर आयु के मनुष्य व रोगी इसे पौष्टिक आहार के रूप में प्रयोग में लाते हैं। भारतवर्ष में घिया तोरई की प्रजाति बहुत अधिक प्रचलित है आयुर्वेद में यह बताया गया है कि

तोरई (Ridge gourd in hindi) पचने में आसान होती है, कफ और पित्त को शांत करने वाली, वात को बढ़ाने वाली होती है। वीर्य को बढ़ाती है, घाव को ठीक करती है। पेट को साफ करती है, भूख बढ़ाती है और हृदय के लिए अच्छी (ridge gourd benefits) होती है।

Read this : तोरई के फायदे नुकशान और उपयोग

तरबूज – तरबूज़ गर्मी (ग्रीष्म ऋतु) का फल है।यह गर्मियों में खाने के लिए सबसे उपयुक्त फल माना जाता है।क्यूंकि तरबूज़ शरीर में पानी की कमी को पूरा करता हैं। कहा जाता है कि तरबूज में लगभग 97% पानी होता है। जो हमारे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को पूरा करता है कुछ स्रोतों के अनुसार तरबूज़ रक्तचाप को संतुलित रखता है और कई बीमारियाँ भी तरबूज़ खाने या इसके जूस पिने से दूर हो जाती है।

ब्लैकबेरीज – ब्लैकबेरी (Blackberry) जिसे ‘रसभरी’ भी कहा जाता है। यह एक बारहमासी फल है, यह स्वाद में लाजवाब होता है। इस फल में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है।साथ ही इसमें विटामिन-बी, विटामिन-सी, मैंगनीज, फोलिक एसिड, तांबा और आयरन का भी अच्छा स्रोत है। ब्लैकबेरी (Blackberry) रसभरी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें लगभग सभी फलों से अधिक एंटीऑंक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।

फल में फाइबर और मैंगनीज उच्च मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसे वजन घटाने में कारगर माना जाता है। अगर आप अपना वजन कम करने के लिए एक स्वादिष्ट और प्रभावी तरीका ढूंढ रहे हैं,

तो रास्पबेरी आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। आंखों की रोशनी को प्रभावित करने वाली समस्या मैक्यूलर डिजनरेशन के लिए बेहतर उपायों में से एक हो सकता है। इसलिए अगर आप अपनी आंखों को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से इस फल का सेवन करें। 

ब्लैकबेरी (Blackberry) के नियमित रूप से सेवन से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है। दरअसल, इसमें एंथोसायनिन अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है, जो हृदय रोग से संबंधित क्षति और सूजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

नट्स – रोजाना बादाम के आठ-दस दाने भिगोकर खान से न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बल्कि इसके सेवन से दिमाग को तनाव से लड़ने की शक्ति भी मिलती है। बादाम में मौजूद विटामिन ई शरीर में प्राकृतिक तौर पर पाए जाने वाले सेल्स को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।

Coronavirus In India : ग्रीन टी (Green Tea)  एक मेडिसन
Coronavirus In India : ग्रीन टी (Green Tea) एक मेडिसन

ग्रीन टी – दुनिया भर में वजन कम करने औऱ मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए ग्रीन टी (Green Tea) सबसे बेहतर ड्रिंक माना जा रहा है।लेकिन इन दिनों कोरोना की दूसरी लहर के बाद ग्रीन टी (Green Tea) को एक मेडिसन (Immunity Booster) के रूप में भी देखा जाने लगा है।

इस बात का दावा अमेरिका की नॉर्थ-कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों का कहना है की ग्रीन टी में मौजूद केमिकल संक्रमण बढ़ाने वाला कोरोना का प्रोटीएज एंजाइम ब्लॉक कर सकते हैं क्युकी कोरोना एम-प्रो एंजाइम की मदद से ही खुद की संख्या को बढ़ाता है। अगर इसे बेअसर कर दिया जाए तो वायरस मर जाएगा।

इस रिसर्च में सामने आया कि ग्रीन टी में ऐसे केमिकल कम्पाउंड हैं जो इस एंजाइम पर अपना असर छोड़ते हैं। यदि ग्रीन टी का सही समय पर और सही तरीके से सेवन किया जाये तो ये शरीर के लिए काफी लाभदायक हो सकती है।डॉक्टर का मन्ना भी यही है। कि ग्रीन टी को शहद (Honey) के साथ मिलाकर पिता है तो इससे शरीर को बहुत फायदा होता है।

इससे शरीर के टॉक्टिक तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन अच्छा होता है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद कैफीन और शहद में पाए जाने वाले विटामिन न्यूरोंस को रिवाइव करते हैं। ये दोनों मिलकर बॉडी में जमा फैट को जलाकर खत्म करते हैं । ग्रीन टी में काफी मात्रा में पैलीफेनोल्स होते हैं।

ये तत्व कैंसर को जन्म देने वाली कोशिकाओं को न केवल नष्ट करते हैं बल्कि उन्हें बढ़ने से रोकने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।साथ ही ग्रीन टी त्वचा के लिए, वजन कम करने में एवं मधुमेह के मरीजों के लिए लाभदायक,दिमाग के लिए फायदेमंद

किन्तु एक दिन में एक व्यक्ति को 3 कप ग्रीन टी से ज्यादा ग्रीन टी नहीं पिणि चाहिए ।साथ ही इसे पिने का एक उचित समय भी बनाना चाहिए तो चलिए जानते है ग्रीन टी पिने का उचित समय क्या है ?

ग्रीन टी पीने का सही समय (Best time to drink Green Tea)
सुबह 10 से 11 बजे के बीच
शाम को नाश्ते के बाद 5 से 6 बजे
रात को सोने से 2 घंटे पहले ग्रीन टी पी लेनी चाहिए
भोजन से 1 घंटा पहले या भोजन के 1 से 2 घंटे बाद पिएं

पालक – पालक में फॉलेट नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर में नई कोशिकाएं बनाने के साथ उन कोशिकाओं की मजबूती और डीएनए की मरम्मत का काम भी करता है। इसमें मौजूद फाइबर आयरन एंटी ऑक्सिडेंट को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखता है। पालक में मौजूद विटामिन सी शरीर को हर तरह से स्वस्थ बनाये रखने में मददगार होता है। उबले पालक का नियमित तौर पर सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

Coronavirus In India : लहसुन

लहसुन – लहसुन भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सिडेंट बनाकर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। इसमें एलिसिन नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

प्रतिदिन भोजन में लहसुन की संतुलित मात्रा को शामिल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कैंसर से भी शरीर का बचाव होता है। रोजाना सुबह लहसुन की दो कलियों का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और लंबे समय तक इम्यून सिस्टम भी मजबूत बना रहता है।

उम्मीद करती हु कि Immunity Booster : कोरोना वायरस के खिलाफ Immunity Boost के टिप्स जानकर आप इनका पूरा फायदा उठा पाएंगे। Immunity Booste से जुड़ी ये अहम जानकारियां आपको कैसी लगीं, हमें जरूर बताइए। इम्मुनिटी बूस्ट (Immunity Booste) पर ये आर्टिकल आपको लाभदायक लगा तो इसे अपने दोस्तों को साथ शेयर जरूर कीजिए।

5 comments

Leave a Reply