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India Presidential Election 2022
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India Presidential Election Result 2022 : 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए मतदान हुआ था जिसके बाद आज वोटों की गिनती है।और करीब 4 बजे शाम तक नतीजे सामने आ जाएंगें.

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देश के 15वें राष्ट्रपति के नाम का इंतजार अब से कुछ देर में खत्म हो जाएगा। राष्ट्रपति चुनाव में पहले राउंड के वोटों की गिनती पूरी हो गई है। इसमें सांसदों के वोटों की गिनती हुई है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि द्रौपदी मुर्मू को 540 और यशवंत सिन्हा को 208 सांसदों का वोट मिला है। 15 वोट रद्द हो गए हैं।

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द्रौपदी मुर्मू का वोट वैल्यू 3 लाख 78 हजार है जबकि, यशवंत सिन्हा का वोट वैल्यू 1 लाख 45 हजार 600 है। संसद के कमरा नंबर 63 में अब सांसदों के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद अब राज्यों के वोटों की काउंटिंग शुरू हो गई है। इसके बाद जीते हुए प्रत्याशी का ऐलान हो जाएगा। इधर, काउंटिंग के बीच द्रौपदी मुर्मू के गांव में जश्न शुरू हो गया है।

इसलिए मुर्मू की जीत तय मानी जा रही

भाजपा ने 21 जून को मुर्मू को उम्मीदवार बनाया था, तब NDA के खाते में 5 लाख 63 हजार 825, यानी 52% वोट थे। 24 विपक्षी दलों के साथ होने पर सिन्हा के साथ 4 लाख 80 हजार 748 यानी 44% वोट माने जा रहे थे। बीते 27 दिन में कई गैर NDA दल समर्थन में आने से मुर्मू को निर्णायक बढ़त मिल गई। सभी 10 लाख 86 हजार 431 वोट पड़ते हैं तो मुर्मू को 6.67 लाख (61%) से अधिक वोट मिलेंगे। सिन्हा के वोट घटकर 4.19 लाख रह गए। जीत के लिए 5 लाख 40 हजार 065 वोट चाहिए।

द्रौपदी मुर्मू की जीत की घोषणा होते ही देशभर में जश्न शुरू हो जाएगा। द्रौपदी की जीत से BJP आदिवासी समुदाय सहित पूरे देश और खासतौर पर महिलाएं में खास संदेश देना चाहती है। जिससे मुख्य धारा से कटे इस समुदाय में राजनीतिक मैसेज जाए कि प्रधानमंत्री मोदी और BJP ही ऐसी पार्टी है जो सत्ता के लिए नहीं बल्कि देश के वंचित तबकों और वर्गों के लिए काम करते हैं।

आज राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों की गिनती शुरू हो गई है. जिसमें NDA की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत लगभग तय मानी जा रही है. लोगों का कहना है कि मुर्मू UPA के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को बड़े फर्क से शिकस्त देंगी. इसीलिए भाजपा ने भी लगभग जीत के जश्न की तैयारी भी कर ली है. इसके अलावा मुर्मू के गांव में भी जोरदार जश्न की तैयारी की जा रही है. मिठाइयां भी बनने लगी हैं. तो इस मौके पर हम द्रौपदी मुर्मू से जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं.

कच्ची दीवारें और फूंस का छप्पर

ये तो आम सी बात है कि जब कोई शख्स इतने बड़े पद पर पहुंच जाता है तो हर कोई उसकी जीत की बाते करता है परन्तु इस जीत में उसने उसने जिंदगी में कई ऐसा मकाम का सामना किया होता है जिनके बारे वही शख्स अगर पीछे मुड़कर देखे तो शायद उसी की रूह कांप जाए. कुछ इसी तरह की परेशानियों सामना करने के बाद द्रौपदी मुर्मू भी यहां तक पहुंची हैं. एक खबर के अनुसार कहा जाता है की जब द्रौपदी मुर्मू शादी करके ससुराल पहुंची थीं तो उस वक्त उनका घर कच्ची दीवारें और फूंस का बना था.

4 साल में तीन लोगों की हुई मौत

द्रौपदी मुर्मू ने अपनों को बहुत करीब से बिछड़ते देखा है. दैनिक भास्कर की एक खबर मुताबिक साल 2010 से 2014 तक उनके घर से तीन अर्थियां उठी थीं. इन चार सालों के भीतर उनके दो बेटे और पति की मौत हुई है. बड़े बेटे की मौत आज भी रहस्य बनी हुई है. पता नहीं किस तरह उनके बड़े बेटे की मौत हुई है.

बताया जाता है कि उसकी लाश कमरे से मिली थी और वो एक शाम को देर से घर वापस लौटे थे. बड़े बेटे का नाम लक्ष्मण मुर्मू था, उनकी मौत महज़ 25 बरस की उम्र में हुई थी. वहीं छोटे बेटे (बिरंची मुर्मू) की मौत एक सड़क हादसे में हुई थी उस वक्त बिरंची की उम्र 28 साल थी.. वहीं एक अक्टूबर 2014 को उनके पति भी उनका हमेशा के लिए साथ छोड़कर चले गए.

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3 साल की बेटी की हो गई थी मौत

वहीं अगर उनके पहले दुख की बात करें तो सबसे पहले दुख उन्हें अपनी शादी कुछ दिन बाद ही मिल गया था. क्योंकि उनकी पहली औलाद भी उन्हें 3 साल की उम्र में छोड़कर चली गई थी. यह घटना साल 1984 की है. मुर्मू की पहली संतान एक बेटी थी. जिंदगी में तमाम दुखों का सामने करने के बावजूद मुर्मू ने हार नहीं मानी. हालांकि वो इस दौरान डिप्रेशन तक का शिकार रही थीं लेकिन उनके फौलादी हौसलों को कोई भी नहीं हिला सका.

25 को शपथ ग्रहण

21 जुलाई को वोटों की गिनती के बाद देश के नए राष्ट्रपति की घोषणा कर दी जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्य रात्रि को खत्म हो रहा है। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा।

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