International day of disabled persons

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International day of disabled persons (विकलांगता दिवस) 
हैंडीकैप शब्द की सुरुवात 15वी – 16वी शताब्दी में किंग हेनरी VII के दौर में की गयी इसकी शुरुवाद का उद्देश्य यह था की जो सैनिक या योद्धा युद्ध के दौरान शाररिक रूप से अक्षम हो गया है और जीवन में दैनिक जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है वह अपनी जरूरतों को पूरा कर सके जिसके लिए वह लोग हाथ में कैप (कैप इन हैंड) ले कर चलते थे जिसे किंग हेनरी VII के द्वारा लीगल करार किया गया था क्युकी किंग हेनरी को मह्सुश हुआ की अक्षम व्यक्ति नौकरी करने में असमर्थ है.
इसके विषय मे अन्य किस्से भी मशहूर है
आइये जानते है किस प्रकार handicap का रूप बदलता रहा
1653 में इसे एक खेल के रूप मे जाना जाता था
1754 में इसे घोड़ो की रेस में भी शामिल किया जाने लगा
1833 में इसे स्पॉटिंग वर्ल्ड में इस्तेमाल किया गया
1915 में पहली बार शाररिक रूप से अपंग व्यक्तियों के लिए इस शब्द का उपयोग किया गया
1980 में अमेरिका की डेमोक्रेटिक नेशनल कमिटी ने हांडेकप के स्थान पर differently abled शब्द को यूज़ किया, और इसके बाद 20वी शताब्दी के आखिर में disabled शब्द उपयोग किया जाने लगा
2015 में मोदी जी के द्वारा मन की बात में विकलांग शब्द को नया नाम दिव्यांग दिया.

कहा जाता है की 20वी सताब्दी में हैंड इन कैप नाम का एक गेम होता था जिसमे लोगो के द्वारा एक -दूसरे से चीजे बदली जाती थी, 1653 में इस गेम को शार्ट करके हैंडीकैप सम्बोधित किया जाने लगा और इसे 1915 के बाद इसे शाररिक अक्षमता से जोड़ा देखा जाने लगा
अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है इसे अन्य नामो से भी जाना जाता है वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे ,हैंडीकैप डे सर्वप्रथम विकलांगता के विषय में सन 1976 में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के द्वारा चर्चा की गयी और सन 1981 को वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे के रूप में घोषित किया गया इसके बाद सन 1992 से इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाने लगा इसके बाद 2007 तक इस दिन को इंटरनेशनल डे ऑफ़ डिसेबल्ड पर्सन के नाम से जाना जाता था और 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा अपने कायकर्म मन की बात में विकलांग को एक नया नाम दिव्यांग दिया गया और यह सुझाव सभी को पसंद आया और तब से हिंदी भाषा में विकलांग की जगह पर दिव्यांग शब्द का प्रयोग किया जाने लगा
क्यों मनाया जाता है विकलांगता दिवस ?
इस बार दिव्यांग दिवस की थीम क्या है
इस साल दिव्यांग दिवस की थीम ”विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना: 2030 के विकास के एजेंडे में एक्शन लेना” है.जिसका उदेस्य है रफ़्तार भरी जिंदगी में कोई पीछे ना रह जाये जिसका उदेश्य है की दिव्यांग व्यक्तियों को भी अन्य सामान्य व्यक्तियों की तरह ही देखा जाये

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