Jokes : Funny jokes

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हसना सेहत

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के लिए एक औषधीय का काम करता है इसलिए हसते रहे, हसाते रहिये और मजेदार जोक्स के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब अवश्य करे जिसमे आपको हसी मजाक के साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारिया भी मिलती रहेगी

  •  जब आप किसी चीज को पूरी शिद्दत से पाने की ख्वाहिश या कोशिश करते हैं,
    तो वह चीज… उसी शिद्दत से कुछ ज्यादा ही एटीट्यूड दिखाने लगती है।
  • आदमी अपने घर में सिर्फ दो ही कारणों से खुश होता है:
    जब बीवी “नई” हो या बीवी “नहीं” हो!
  • संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ.
    “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”.
    .
    पप्पू = राधिका शायद रस्ते मे फल बेचने का काम कर रही है.
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    गुरूजी = मूर्ख, ये अर्थ नही होता है. चल इसका अर्थ बता:-
    “बहुनि मे व्यतीतानि, जन्मानि तव चार्जुन.”
    .
    पप्पू = मेरी बहू के कई बच्चे पैदा हो चुके हैं, सभी का जन्म चार जून को हुआ है.
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    गुरूजी गुस्सा हो गये फिर पुछा :-
    “तमसो मा ज्योतिर्गमय”
    पप्पु= तुम सो जाओ माँ मैं ज्योति से मिलने जाता हुँ.
    .
    गुरूजी = अरे गधे, संस्कृत पढता है कि घास चरता है. अब इसका अर्थ बता:-
    “दक्षिणे लक्ष्मणोयस्य वामे तू जनकात्मजा.”
    .
    पप्पू = दक्षिण मे खडे होकर लक्ष्मण बोला जनक आजकल तो तू बहुत मजे मे है.
    .
    गुरूजी = अरे पागल, तुझे १ भी श्लोक का अर्थ नही मालूम है क्या ?
    पप्पू = मालूम है ना.
    .
    गूरूजी = तो आखरी बार पूछता हूँ इस श्लोक का सही सही अर्थ बताना.-
    हे पार्थ त्वया चापि मम चापि…….!
    .
    क्या अर्थ है जल्दी से बता.
    पप्पू = महाभारत के युद्ध मे श्रीकृष्ण भगवान अर्जुन से कह रहे हैं कि……..
    .
    गुरूजी उत्साहित होकर बीच मे ही
    .
    कहते हैं = हाँ, शाबास, बता क्या कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से……..?
    .
    पप्पू =
    भगवान बोले = अर्जुन तू भी चाय पी ले, मैं भी चाय पी लेता हूँ. फिर युद्ध करेंगे.
    गुरूजी बेहोश…………..
  • एक बेवकूफ पति अपनी पत्नी से कहता है . कि कभी कभी चुप भी रहा करो।
    मगर एक बुद्धिमान पति कहता है, कि तुम्हारे लब जब खामोश रहते हैं . तूम और ज्यादा खूबसूरत लगती हो है!
  • बेइज़्ज़ती और बीवी अजीब दोनों ही होती हैं

       अच्छी तभी लगती हैं जब दूसरे की होती है!!

  • ताजमहल क्या चीज़ है,
    इस-से अच्छी इमारत बनवाऊंगा,

           मुमताज़ तो मर-कर दफन हुई थी,
          तुझे तो मैं जिंदा दफनाउंगा

  • जज : क्या सबूत है कि जब एक्सीडेंट हुआ, तब तुम कार तेज़ नहीं चला रहे थे?

         कार चालक : साहब, मैं अपनी पत्नी को लेने ससुराल जा रहा था

        जज : ओह्हो, छोड़ दो इस मासूम को, ऐसे समय कोई भी गाड़ी तेज़ नहीं चला सकता

  • इस गर्मी का आलम..
    बस इतना समझले ग़ालिब

         कपडे धोते ही सुख जाते हैं
        और पहनते ही गीले हो जाते हैं!

3 comments

  • बहुत खूब आगे भी ऐसे ही मजेदार चुटकुले प्रकाशित करते रहियेगा।

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