lumpy virus in hindi | lumpy skin disease in hindi | Treatment and Control Strategies of Lumpy Skin Disease in hindi | lampi virus cow treatment in hindi | पशुओं में लंपी वायरस होने का कारण

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lumpy virus in hindi | lumpy skin disease in hindi  | Treatment and Control Strategies of Lumpy Skin Disease in hindi | lampi virus cow treatment in hindi | पशुओं में लंपी वायरस होने का कारण
पशुओं में लंपी वायरस होने का कारण

lampi virus : covid जैसी खतरनाक महामारी से जूझने के बाद स्थिति कुछ सामान्य होनी शुरू हुई थी, अब बेजुबान जानवरों पर लम्पी वायरस जैसी बीमारी का कहर टूट पड़ा है। देश के अनेको राज्यों में इस जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैल चुका है।

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India के अतिरिक्त अन्य देशों में भी इस बीमारी (lampi virus) के चलते अभी तक बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की जान जा चुकी है। यह एक लाइलाज बीमारी है, जिसका अभी तक कोई भी एंटीडोट(वैक्सीन) नहीं तैयार किया जा सका है।

lampi virus में सबसे पहले गाय को बुखार आता है और एक या दो दिन बाद गाय की स्किन पर बहुत सारे गोल दाने उभर जाते हैं

लम्पी वायरस (lampi virus) जानवरों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है। ये बीमारी दुधारू पशुओं में पाई जा रही है , मुख्य रूप से ये गायों में देखने को मिल है। इससे संक्रमित होने वाली गायों की हजारों की संख्या में मौत हो चुकी हैं। Lumpy Virus संक्रमित पशु के संपर्क में आने से ही अन्य स्वस्थ पशु को भी हो जाता है।

lampi virus को विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन ने अधिसूचित बीमारी घोषित की है। इसका कोई पुख्ता इलाज अभी तक नहीं आया है। हालांकि इसका इलाज सिर्फ लक्षणों के आधार पर ही किया जा रहा है।

लंपी वायरस को नाम से जाना जाता

lampi virus बीमारी को ‘गांठदार त्वचा रोग वायरस’ यानी LSDV नाम से भी जाना जाता है। पहले भी अन्य देशों में इस माहामारी से जानवरों के संक्रमित होने के मामले देखे गए थे। यह वायरस सिर्फ पशुओं में ही फैलता है और इसके इंसानों में संक्रमण होने का कोई खतरा नहीं है। इस बात की पुष्टि डॉक्टरों ने की है।

पशुओं में संक्रमण होने का कारण

Lumpy Virus एक बहुत ही तेजी से फैलने वाला वायरस है। वर्तमान में 15 से भी अधिक राज्यों में इस बीमारी के फैलने की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए समय पर लक्षणों की पहचान कर इलाज शुरू कर देना ही एकमात्र तरीका है।

Lumpy Virus के लक्षण

  Lumpy Virus Symptoms . Lumpy Virus से संक्रमित पशुओं में लक्षण देखने को मिल रहे हैं 

  • लम्पी वायरस से संक्रमित पशुओं को संक्रमण के बाद तेज बुखार आने के साथ लंबे समय तक बना रहता है।
  • दूध की मात्रा में अत्यधिक कमी आती है।(दूध देने वाली गायों में)
  • पशुओं की त्वचा(skin)पर चकत्ते और गांठे बन जाती हैं।
  • भूख कम लगना,जिसके चलते कमजोरी आना।
  • पशु के पैरों में सूजन और लंगड़ापन आना।
  • नर पशु में कार्य करने की क्षमता बहुत कम हो जाना।
  • पशुओं के वजन में कमी आना।
  • मुंह से लार और आँख नाक से पानी आना भी इसके मुख्य लक्षणों में से एक है।
  • इसके अतिरिक्त अलग अलग पशुओं में अलग अलग लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं।
lumpy virus in hindi

लम्पी वायरस से पशुओं का बचाव

  • कोई पशु संक्रमित हो जाए तो उसे अन्य पशुओं से दूर/ अलग रखें।
  • पशुओं के स्थान को नियमित रूप से साफ़ सुथरा रखने का प्रयास करें।
  • मक्खी मच्छर आदि को खत्म करने के लिए जरूरत पड़ने पर स्प्रे या ऐसे ही किसी अन्य कोई घरेलु उपायों का प्रयोग करें।
  • यदि किसी संक्रमित पशु की मृत्यु हो जाये तो आप उसके शव को खुले में ना डालें बल्कि उसे गहरे में दफना दें। जिससे सक्रमण का खतरा न रहे।
  • आस पास के क्षेत्रों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
  • चिकित्सक के निर्देश पर आप अपने संक्रमित पशुओं को गोटपॉक्स वैक्सीन लगवा सकते हैं।
  • पशुओं को मल्टी विटामिन की दवाइयां भी दी जा सकती हैं (चिकित्सक के परामर्श के साथ) जिससे कि उनकी इम्युनिटी बढ़ सके।
  • फिलहाल lampi virus से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं भी दी जा रही हैं।

Lumpy Virus से संक्रमित पशुओं में लक्षण देखने को मिल रहे हैं 

  • लम्पी वायरस से संक्रमित पशुओं को संक्रमण के बाद तेज बुखार आने के साथ लंबे समय तक बना रहता है।
  • दूध की मात्रा में अत्यधिक कमी आती है।(दूध देने वाली गायों में)
  • पशुओं की त्वचा(skin)पर चकत्ते और गांठे बन जाती हैं।
  • भूख कम लगना,जिसके चलते कमजोरी आना।
  • पशु के पैरों में सूजन और लंगड़ापन आना।
  • नर पशु में कार्य करने की क्षमता बहुत कम हो जाना।
  • पशुओं के वजन में कमी आना।
  • मुंह से लार और आँख नाक से पानी आना भी इसके मुख्य लक्षणों में से एक है।
  • इसके अतिरिक्त अलग अलग पशुओं में अलग अलग लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं।
 

FAQ :

Q : लम्पी स्किन रोग कब आया?

Ans : यह बीमारी सबसे पहले 1929 में अफ्रीका में पाई गई थी। पिछले कुछ सालों में ये बीमारी कई देशों के पशुओं में फैल गई, साल 2015 में तुर्की और ग्रीस और 2016 में रूस जैसे देश में इसने तबाही मचाई। जुलाई 2019 में इसे बांग्लादेश में देखा गया, जहां से ये कई एशियाई देशों में फैल रहा है

Q : गांठदार त्वचा रोग का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

Ans : गांठदार त्वचा रोग से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं दी जाती हैं. इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए पशुओं को टीका लगाया जा रहा है.

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