Mahua : जानिए क्या है महुआ के फायदे

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benefits of mahua
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Mahua : जानिए क्या है महुआ के फायदे – आज हम आपके लिए लेकर आए हैं महुआ के विषय में खास जानकारिया महुआ क्या है और इसके फायदे एवं नुकशान (Health Benefits of Mahua) .महुआ, ज‍िसे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है।महुआ वृक्ष एक भारतीय उष्णकटिबन्धीय है ये भी पढ़ें:

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जो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और जंगलों में बड़े पैमाने पर पाया जाता है। यह एक तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है जो लगभग 25 मीटर की ऊँचाई तक बढ़ सकता है। इसके पत्ते आमतौर पर वर्ष भर हरे रहते हैं।

महुआ आदिवासियों के लिए बहुत महत्व रखता है. आदिवासी लोग न सिर्फ खाने के लिए बल्कि ईंधन के रूप में भी महुआ का उपयोग करते हैं. क्योंकि महुआ खाने में जितना टेस्टी होता है, उतना ही ये सेहत के लिए भी फायदेमंद (Health Benefits of Mahua) होता है.फैट, विटामिन-सी, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर महुआ एक जंगली पेड़ है,

जो देश के कई घने जंगलों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी पाए जाते हैं। शराब के अलावा इसके पेड़ की पत्त‍ियां, बीज और छाल कई बीमार‍ियों में बहुत उपयोगी है। महुआ का वैज्ञानिक नाम “महुआ या मधुका लोंगीफोलिया” (Madhuca Longifolia) नाम से जाना जाता है। आपने कभी महुआ का नाम सुना है, अगर नहीं तो आज इस लेख में हम आपको महुआ के फायदों और नुकसान के बारे में बताने जा रहे है।ये भी पढ़ें: Indor Plant Benefits

महुआ की प्रजातियाँ

भारत में महुआ  (Mahua) की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती हैं। दक्षिणी भारत में इसकी लगभग 12 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें ‘ऋषिकेश’, ‘अश्विनकेश’, ‘जटायुपुष्प’ प्रमुख हैं। ये महुआ के मुकाबले बहुत ही कम उम्र में 4-5 वर्ष में ही फल-फूल देने लगते हैं। इसका उपयोग सवगंघ बनाने के लिए लाया जाता है तथा इसके पेड़ महुआ के मुकाबले कम उचाई के होते हैं।

महुआ की खासियत

महुआ की छाल का इस्तेमाल क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, डायबिटीज मेलिटस और ब्लीडिंग में किया जाता है. गठिया और बवासीर की दवाई के रूप में महुआ की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है. ये भी पढ़ें: Coconut Water Benefits In Covid-19: 

इसकी जड़ सूजन, दस्त और बुखार में बहुत असरकारक होती है. खास बात ये हैं महुआ बहुत लंबे समय तक सुखा कर स्टोर किया जा सकता है. एक बार जब ये सूख जाता है तो सालों तक इसका प्रयोग किया जा सकता है.

महुआ के फूल

इसकी पत्तियाँ फूलने के पहले फागुन-चैत में झड़ जाती हैं। पत्तियों के झड़ने पर इसकी डालियों के सिरों पर कलियों के गुच्छे निकलने लगते हैं जो कूर्ची के आकार के होते है। इसे महुए का कुचियाना कहते हैं। कलियाँ बढ़ती जाती है और उनके खिलने पर कोश के आकार का सफेद फूल निकलता है जो गुदारा और दोनों ओर खुला हुआ होता है और जिसके भीतर जीरे होते हैं।ये भी पढ़ें: कंडाली का साग है स्‍वाद में लाजवाब

यही फूल खाने के काम में आता है और ‘महुआ (Mahua)’ कहलाता है। महुए का फूल बीस-बाइस दिन तक लगातार टपकता है। महुए के फूल में चीनी का प्रायः आधा अंश होता है, इसी से पशु, पक्षी और मनुष्य सब इसे चाव से खाते हैं। इसके रस में विशेषता यह होती है कि उसमें रोटियाँ पूरी की भाँति पकाई जा सकती हैं। इसका प्रयोग हरे और सूखे दोनों रूपों में होता है।

हरे महुआ (Mahua) के फूल को कुचलकर रस निकालकर पूरियाँ पकाई जाती हैं और पीसकर उसे आटे में मिलाकर रोटियाँ बनाते हैं। जिन्हें ‘महुअरी’ कहते हैं। सूखे महुए को भूनकर उसमें पियार, पोस्ते के दाने आदि मिलाकर कूटते हैं। इस रूप में इसे ‘लाटा’ कहते हैं। इसे भिगोकर और पीसकर आटे में मिलाकर ‘महुअरी’ बनाई जाती है। हरे और सूखे महुए लोग भूनकर भी खाते हैं।ये भी पढ़ें: Benefits of Roasted chickpeas in covid -19

महुआ के बीज और महुआ की सब्जी

जानिए क्या है महुआ के फायदे
जानिए क्या है महुआ के फायदे

महुआ (Mahua) का फल परवल के आकार का होता है और ‘कलेन्दी’ कहलाता है। इसे छीलकर, उबालकर और बीज निकालकर तरकारी (सब्जी ) भी बनाई जाती है। फल के बीच में एक बीज होता है जिससे तेल निकलता है इस तेल को कफ, वात, पित्त, तृपा, दाह, श्वास, क्षयी आदि को दूर करने वाला माना है।महुआ के बीज स्वस्थ वसा (हैल्दी फैट) का अच्छा स्रोत हैं। इसका इस्तेमाल मक्खन बनाने के लिए किया जाता है

महुआ के सूखे फूल

महुआ के फूलों से शराब बनायी जाती है। इसे संस्कृत में ‘माध्वी’ और ग्रामीण क्षेत्रों में आजकल ‘ठर्रा’ कहते हैं। महुआ (Mahua) का शराब भारत के अनेक आदिवासी क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय पेय है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश के झाबुआ की महुआ की शराब काफी प्रसिद्ध है। यह शराब पूरी तरह से रसायन (केमिकल) से मुक्त होती है। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के बहुत से भागों में भी महुआ शराब बनाया जाता है ये भी पढ़ें: Curry leaves : Use of curry leaves, health benefits and loss

महुआ से बनती है शराब

महुआ (Mahua) से देसी शराब बनाई जाती है. महुआ का फल जब पेड़ से पूरी तरह से पक कर गिरता है. उसके बाद इस फल को पूरी तरह से सुखाया जाता है. इसके बाद सभी फलों को बर्तन में पानी में मिलाकर कुछ दिन तक भिगोकर रखा जाता है. उसके बाद उस बर्तन को आग पर गरम किया जाता है

और गरम होने पर जो भाप निकलती है उसको पाइप के द्वारा दूसरे बर्तन में इकट्ठा किया जाता है. भाप ठंडी होने पर लिक्विड फॉर्म में जो मिलता है वह शराब होती है. कहा जाता है कि अगर कच्ची शराब का सेवन दवाई के रूप में किया जाते तो शरीर को लाभ (Health Benefits of Mahua) होता है, जबकि इसका अधिक सेवन करना शरीर को बेकार भी कर सकता है.

महुआ में क्या पाया जाता है.

महुआ में कार्बोहाइड्रेट, फैट, और प्रोटीन के साथ ही कैल्शियम, फास्फोरस आयरन, कैरोटीन और विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इतने पोषक तत्वों से भरे होने के कारण इसे खाने के बहुत से फायदे होते हैं. ये भी पढ़ें: Figs health benefits

महुआ के फायदे – Health Benefits of Mahua

गठिया रोग में महुआ की छाल का रस पिए और करें तेल की मलिश

बहुत लोग गठिया की बीमारी से परेशान रहते हैं। ऐसे में महुआ की छाल गठिया के इलाज में बहुत कारगर है. महुआ की छाल को आप उबाल कर उसका जूस पींए. ये गठिया के दर्द को ही नहीं बल्कि अंदर आई सूजन और जकड़न को भी कम करता है. साथ ही महूआ के फूल, जड़ और छाल के साथ बीजों को पीस कर सरसों के तेल में पका लें और इसकी मालिश जोड़ों पर करें. इससे जल्द ही आराम मिल सकता है.

दांत दर्द होगा गायब

अगर आपको दांतों में दर्द है या फिर टॉन्सिलिटिस की समस्या है तो आप महुआ की छाल का इस्तेमाल कर सकते हैं. आपको पहले महुआ की छाल को पीसना होगा, फिर उमसें पानी मिला लें. इस पानी से आप कुल्ला करें और रस को दांतों और मसूड़ों पर लगा लें. इससे आपको काफी आराम मिलेगा.

जुकाम की समस्या से निजात

महुआ का सेवन करने से जुकाम और कफ की समस्या से राहत मिलती है. जिन लोगों को ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों में कफ जमने की दिक्कत हो वह महुआ की छाल का काढ़ा जरूर पीएं. साथ ही महुए को किसी न किसी रूप में आहार में शामिल करें. ऐसा करने पर इस तरह की समस्याओं से जल्द ही निजात पा सकते हैं. ये भी पढ़ें: Health Benefits and Side Effects of Parijat (Harsingar)

पेट के कीड़े मारने में मददगार

 बच्चों को अक्सर पेट में कीड़े हो जाते हैं. ऐसे में उन्हें महुए की छाल का काढ़ा दें और महुए की रोटी खिलाएं तो कीड़े मर जाते हैं. इसके अलावा दस्त या अपच होने पर मुहआ की छाल का रस पीएं, इससे आराम मिलता है.

महुआ डायबिटीज मे ‘अमृत’

डायबिटीज मरीजों के लिए महुआ अमृत से कम नहीं है. डायबिटीज बीमारी के खिलाफ महुए की छाल अमृत की तरह काम करती है. हालांकि महुआ के फूल का प्रयोग डायबिटीज रोगियों को नहीं करना चाहिए ये भी पढ़ें: Health Benefits of L emongrass

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महुआ का अन्य उपयोग

  • महुए का फूल, फल, बीज, छाल, पत्तियाँ सभी का आयुर्वेद में अनेक प्रकार से उपयोग किया जाता है।
  • महुए का धार्मिक महत्व भी है। रेवती नक्षत्र का आराध्य वृक्ष है।
  • महुए के बीज से तेल निकालने के बाद वह खली के रूप में पशुओं को खिलायी जाती है।
  • महुए के ताजे और सूखे फल से ‘महुअरी’ (महुए की रोटी) बनायी जाती है जो अत्यन्त स्वादिष्ट होती है।
  • महुए का फल पकने के बाद उसे खाया जाता है। कच्चे फल में से की तरकारी बनायी जाती है।
  • बायोडीजल या एथेनॉल के लिए
  • महुआ से जैम बनाया जा सकता है।
  • हैण्ड सेनेटाइजर के रूप में

इस आर्टिकल में हमने आपको महुआ के फायदे (Benefits of mahua) से संबंधित जरूरी बातों को बताया है। उम्मीद है आपको sangeetaspen.com की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आये तो इसे like, share, और ऐसी ख़बरों के लिए मेरे ब्लॉग को subscribe करे। अगर आपका कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट करे में reply करूंगी

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