Marigold Flower in hindi | Amazing benefits of marigold flower in hindi | gende ke phool ke fayde in hindi | गेंदे का फूल

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Marigolds Flower in hindi
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Marigolds Flower in hindi | Amazing benefits of marigold flower in hindi | gende ke phool ke fayde in hindi | गेंदे का फूल

Marigolds Flower in hindi : गेंदे का फूल

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(Marigold Flower) भारी मात्रा में उगाया जाता है। यह घरो में शोभा बढ़ाने के लिए ज्यादातर लगाया जाता है। इस फूल का मुख्य उपयोग सजावट करने के लिए किया जाता है। गेंदे का फूल सुन्दर और आकर्षक होता है, इसके अंदर से सुगन्धित खुसबू भी आती है। कुछ किसान गेंदे को बेचने के लिए इसकी खेती भी करते है, गेंदे की खेती से बहुत अच्छा मुनाफा होता है।

गेंदे के फूल को मंदिरो में पूजा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

गेंदे के फूल को अंग्रेजी में Marigold कहते है, इसका वानस्पतिक नाम Tagetes है। गेंदे को फूल को भारत में सबसे ज्यादा उगाये जाने वाले फूलो की श्रेणी में रखा जाता है । और इसका उपयोग बड़े पैमाने पर धार्मिक और सजावटी फूलों के रूप में किया जाता है।

गेंदे का पौधा वार्षिक होता है, इसको पुरे साल में उगाया जाता है, इसकी खेती सालो से लगातार होती आ रही है। यह बहुत उपयोगी और बगीचे में आसानी से उगाये जा सकने वाला पौधा है। गेंदे के फूल को मारवाड़ी में हजारी गजरा और गुजरती में गालगोटा के नाम से जाना जाता है। गेंदे के फूल गर्मियां आने से पहले खिलते है।

इसके अलावा यह फूल कई रंगो में खिलते है, लेकिन सामान्य तौर पर पिले और नारंगी फूलों को सबसे ज्यादा देखा जाता है। इन फूलों में तीव्र सुगन्धित गंध होती है। जो की बहुत मनमोहक होती है।

गेंदे के फूल  (Marigold Flower) को सबसे पहले पुर्तगालियों ने अमेरिका में 16 वीं शताब्दी में खोजा था। इस फूल का इतिहास मेक्सिको के साथ माना जाता है, यहाँ पर फूलों के सभी पोधों को धार्मिक समाहरोह और आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा गेंदे के फूल को Zendu Flower के नाम से भी जाना जाता है।

इसके बाद गेंदे के पौधें (Marigold Flower) को स्पेन ले जाया गया और पुरे यूरोप में गेंदे की खेती होने लगी। स्पेन में जाने के बाद गेंदे के फूल को चर्च में होने वाली शादियों में ले जाया जाने लगा, जिससे की इसका नाम मरीज गोल्ड हो गया। और धीरे धीरे इसका नाम बदल कर मेरीगोल्ड कर दिया गया।

गेंदे के फूलों (Marigold Flower) का आकर गोल होता है, इसके अंदर बहुत सारी पंखुड़ियां होती है, जब फूल पक जाता है, तो इन्ही पत्तियों को मिट्टी में लगाकर इससे गेंदे का पौधा तैयार किया जाता है। यह फूल कई रंग के होते है, जिनमे नारंगी, मेरून, सफ़ेद, या कभी कभी लाल और पीले दो रंग के भी पाए जाते है।

फूलों का आकर प्रजाति के अनुसार अलग अलग होता है। कुछ प्रजाति में यह एक ही आकर के थोड़े छोटे पाए जाते है और कुछ प्रजातियों में इन फूलों का आकर काफी बड़ा होता है। गेंदे के पौधे (Marigold Flower) के आकर की बात करे तो इसके पौधे का आकर ये सामान्य तोर पर एक फिट से लेकर पांच फिट तक जा सकते है,

लेकिन इसके कुछ पौधे जमीन पर ही फैलते है। इसके पौधे पर अक्टूबर से नवम्बर के बिच में फूल ज्यादा लगते है। गेंदे की पत्तियों का आकर छोटा और लम्बा होता है, जो की 2 सेंटीमीटर की होती है। इन पत्तियों के अंदर से बहुत अच्छी सुगंध भी आती है।

आधुनिक पश्चिमी संस्कृति में गेंदे का फूल भावनाओं और सकारत्मक ऊर्जा का प्रतीक है। साथ ही इसे “Herb of the Sun” सूर्य की जड़ी-बूटी के रूप में भी जाना जाता है। गेंदे के नारंगी, लाल, और पीले फूल ख़ुशी, आशावाद, और सौभाग्य से जोड़ते है।

लेकिन इन सभी चीजों के होते हुए भी गेंदे का फूल ईर्ष्या, निराशा, शोक और दु:ख जैसी गहरी भावनाओं का प्रतीक है। कई अलग अलग संस्कृतियां गेंदे के फूलों को मृतकों को याद करने और उनके सम्मान करने की प्रथाओं से जोड़ती है।

गेंदे के फूल की प्रजातियां

गेंदे की आज के समय में कई प्रजातियां उगाई जाती है, जिसमे से दो सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। पहली फ्रेंच (टैगेटेस पटुला) मैरिगॉल्ड और दूसरी अफ्रीकी (टैगेट इरेक्टा) इसके अलावा अन्य प्रजातियां इस है

Amazing benefits of marigold flower in hindi
Amazing benefits of marigold flower in hindi

Signet Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का रंग पीला और नारंगी होता है, इनके अंदर से नीबू की तरह सुगंध आती है। यह फूल छोटे छोटे समूह में पौधे पर लगते है।

African Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का आकर बड़ा होता है, जिनका आकर लगभग पांच इंच तक का हो जाता है। यह फूल नारंगी रंग से पीले रंग की ओर खिलते है। इसके पोधो का आकर भी अन्य पोधो से बड़ा होता है। यह लगभग चार फिट की ऊंचाई तक जा सकते है।

French Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का रंग लाल, पीला, और नारंगी होता है, इसके फूल थोड़े छोटे होते है, जिनका आकर लगभग दो इंच होता है, इसके पोधो भी ज्यादा बड़े नहीं होते है। पोधो का आकर लगभग दस इंच से बीस इंच के बिच ही होता है।

गेंदे के फूल के फायदे

  • गेंदे के बहुत ही अच्छे फायदे होते है। अगर आपके कान में दर्द हो रहा है, तो आप गेंदे के कुछ कोमल पत्तियों को लेकर उनका रास निकालकर कान में डाल सकते है, इससे दर्द में तुरंत रहत मिलती है।
  • गेंदे के फूल त्वचा सम्बन्धी रोगों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसका इस्तेमाल त्वचा की सूजन को कम करने वाली दवाओं में किया जाता है।
  • अगर घर में गेंदे के पौधे को लगाते है, तो उस स्थान पर कभी भी मलेरिया जैसी बीमारियां नहीं होती है। यह सभी बेक्टीरिया को भागने में मदद करता है।
  • गेंदे के फूल में एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी की समृद्ध मात्रा पाई जाती है, इस फूल के अर्क को सेवन करने से हृदय संबधी रोगो में फायदा होता है।

गेंदे के फूल (Marigold Flower) को उगाने के लिए हलकी जलवायु की आवश्यकता होती है। यह पौधा धुप और गर्म जलवायु को ज्यादा पसंद करता है। जिन इलाको में रात के समय ज्यादा ठण्ड नहीं पड़ती है। वहां पर गेंदे के पौधे (Marigold Flower) पुरे साल भर खिलते है।

पौधे को सुखद जलवायु के लिए लगभग 15-20 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। अगर तापमान इससे ज्यादा है, तो यह पौधे की वृद्धि पर प्रभाव डालता है। जिसकी वजह से गेंदे के फूल के आकर और संख्या में कमी आने लगती है।

अगर गेंदे के पौधे को उत्तर भारत में उगने के मौसम की बात की जाए तो यह सर्दियों के महीनो से लेकर शुरुआती गर्मियों तक अच्छे से चलते है। यानी की अक्टूबर से अप्रैल के महीनो में उत्तर भारत में गेंदे के फूलो (Marigold Flower) की सबसे ज्यादा पैदावार देखी जाती है। वही गर्मियों में, ज्यादा तापमान और लम्बे दिन होने की वजह से फूलों में विरलता देखी जाती है।

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