morning walk : सुबह टहलने के फायदे

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morning walk benefits and side effects in hindi
morning walk benefits and side effects in hindi

morning walk :  एक्सरसाइज करने के नाम पर हम लोग अक्सर बहाना बना लेते हैं और अपने आलस की चादर ओढ़ कर अपनी फिटनेस

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को दाव पर लगा देते हैं। भले ही आपको वजन नहीं कम करना हो, फैट नहीं घटाना हो या आपके पास पहले से ही फ्लैट बेली है लेकिन एक्सरसाइज और वर्कआउट हर किसी इंसान के लिए जरूरी है।

यह आपके शरीर को बेहतर फंक्शन करने और आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है। अगर आप खुद को फिट रखना चाहते हैं और हेवी वर्कआउट नहीं करना चाहते तो आपके लिए वॉकिंग या टहलना सबसे आसान वर्कआउट हो सकता है।

आप हमेशा देखतें होगे कि सैकड़ो लोग सुबह-सुबह पार्क या फिर रास्तें में टहलते मिल ही जाते है, क्या आप जानते है कि सुबह टहलने (morning walk) से कितनें फायदे है। सुबह टहलने से आपके अंदर की सब निगेटिव बातें दूर हो जाती है। आपको एनर्जी मिलती है। वॉक करनें से कई लाइलाज बीमारियों से छूटकारा मिल जाता है। अब डॉक्टर भी सुबह टहलनें की सलाह देता है।

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ऐसा कहा जाता है कि रोजाना 30 मिनट टहलना जिम में 2 घंटे पसीना बहाने के बराबर है 

कितनी भी देर के लिए और किसी भी गति में टहलना शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है। लंबे समय तक वॉक करने से वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। यह एक एरोबिक एक्सरसाइज है जो कि कई बॉडी फंक्शन और मसल्स एक्टिविटी में सुधार करती है। यह शरीर में मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है और इंसुलिन/ग्लूकोज की गतिशीलता में भी सुधार करती है। टहलना वजन कम करने के लिए सबसे आम गतिविधि है और यह हड्डियों की ताकत को बढ़ाता है।

दिन भर में हम न जाने कितनी दूर तक पैदल चल लेते हैं। यह भी एक तरह का टहलना होता है। लेकिन अगर हम सुबह की ताजी हवा में कुछ देर टहलने के लिए निकलते हैं तो यह हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सुबह की ताजी हवा में दिन का सबसे ज्यादा ऑक्सीजन होता है।

यह ऑक्सीजन हमारे शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली की सबसे बड़ी जरूरत है। सुबह का टहलना हमारे दिमाग को तनावरहित रखता है जिसकी वजह से आपका पूरा दिन बिना किसी तनाव के बीतता है और आप खुश रहते हैं।

इसके अलावा भी टहलने के अनेकानेक फायदे होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि वे फायदे क्या हैं-

नहीं पड़ेगा दिल का दौरा – रोजाना टहलने से दिल के दैोरे का खतरा कम होता है। साथ ही साथ यह कोरोनरी हर्ट डिसीज का खतरा भी कम करता है।

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दिल और फेफड़े होते हैं मजबूत – रोजाना टहलने (morning walk) से दिल और फेफड़े की शक्ति बढ़ती है। इससे रोजाना एक्सरसाइज करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसके अलावा यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

ब्लड प्रेशर कम करता है – नियमित रूप से टहलना शरीर में रक्त प्रवाह को दुरुस्त रखता है। इस वजह से दिल ठीक तरह से काम करता है और यह ब्लड शुगर के लेवल को सही बनाए रखता है। रिसर्च से पता चला है कि हर रोज 15 मिनट पैदल चलने से पाचन में सुधार होता है। इससे ग्लूकोज को पचाने और ब्लड में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। शोधों में पता चलता है खाने के बाद थोड़ी देर से टहलने से ब्लड शुगर के स्तर को कम किया जा सकता है।

गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है – रोज टहलने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है। यह दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम करता है।

जोड़ों को शक्ति देता है – सुबह-सुबह जब आप टहलने जाते हैं तो ज्यादा मात्रा में शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। यह जोड़ों की मजबूती के लिए कारगर होती है।

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वजन कम करता है – हफ्ते में चार बार हर रोज तकरीबन 45 मिनट तक टहलकर 8-10 किलो तक का वजन बिना डाइट में परिवर्तन के कम किया जा सकता है।

आंखों की रोशनी बढ़ती है – सुबह सुबह ओस से भीगी हरी घास पर टहलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके अलावा यह आंखों की अन्य कई बीमारियों से निजात दिलाता है।

दिमाग होगा तेज – एक अध्ययन में यह कहा गया है कि रोज-रोज सुबह टहलने से याद्दाश्त तेज होती है। इससे शरीर पूरी तरह फिट होता है।सुबह का टहलना हमारे दिमाग को तनावरहित रखता है जिसकी वजह से आपका पूरा दिन बिना किसी तनाव के बीतता है और आप खुश रहते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा हितकारी है – महिलाओं के लिए गर्भावस्था के दौरान सबसे सुरक्षित व्यायाम (garbhvati mahila ke liye vyayam) सुबह का सैर माना जाता है, क्योंकि इसमें किसी भी तरह का नुकसान न तो गर्भवती महिलाओं के लिए होता है, और ना ही गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए होता है। किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

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महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और प्रोटेस्ट कैंसर से बचने के उपाय – जो महिलाएं नियमित रूप से 40 मिनट से 50 मिनट तक टहलती हैं, उनके अंदर ब्रेस्ट कैंसर और प्रोटेस्ट कैंसर होने की संभावना लगभग लगभग 50% तक कम हो जाती है।

नियमित रूप से सैर करने वाली महिलाओ में बाकि महिलाओ की तुलना में मृत्यु दर (मोर्टलिटी रेट ) भी 50% तक नियंत्रित हो जाती है।

ब्रेन स्ट्रोक की संभावना को खत्म करता है – रोजाना सुबह की सैर करने से बेन स्टोक्स संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है, अगर आप पूरे सप्ताह में 4 से 5 घंटे भी टहलते हैं तो ब्रेन स्टोक जैसी जानलेवा बीमारी से बच सकते है।

टहलने के नुकसान

  • ज़्यादा चलने या दौड़ने से आप के घुटनों में दर्द हो सकता है।
  • आप के पैरों पर सुजन आ सकती है।
  • आप के गलूटस में दर्द रह सकता है।
  • आप के पैरों की एड़ियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
  • आप के टखने( ऐंकल) पर रक्त की मात्रा ऊपर-नीचे होने से वहाँ की त्वचा का रंग काला पड़ सकता है।धीरे-धीरे वह रंग घुटनों तक बढ़ सकता है।

इसलिए अगर आप का चलना या दौड़ना ज़्यादा हो तो आप नियमित रूप से पैरों के व्यायाम करे।समय समय पर पौष्टिक आहार लेते रहे। थोड़ा भी दर्द महसूस हो तो तुरंत फ़िज़ीओथेरपिस्ट से अपनी जाँच करके उसका इलाज करवाए।अगर हम इसे नज़रअन्दाज़ करेंगे तो आगे जाकर तकलीफ़ बढ़ने के आसार होते है।

विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए निर्धारित कदम – Morning Walk Steps for for Different Age Groups in Hindi

मॉर्निंग वॉक (morning walk) का फायदा तभी ज्यादा से ज्यादा मिलता है, जब आप अपने उम्र के हिसाब से कदम चलते हैं। यानी हर आयु वर्ग के लोगों के लिए मॉर्निंग वॉक का कदम अलग-अलग निर्धारित की गई है।

5 से 7 साल की उम्र के बच्चों के लिए कितना कदम होना चाहिए? जिन लोगों की उम्र 40 साल पार कर चुकी है उनके लिए कितना निर्धारित कदम चलना चाहिए ? 60 साल के पार कर चुके लोगों के लिए सुबह का सैर में कितना कदम चलना चाहिए ? अगर इन नियमों को पालन करेंगे तो आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलेगा और से आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।

आइये जानते हैं की किन उम्र के के लोगों के लिए कितना कदम सुबह की सैर में चलना चाहिए।

सुबह की सैर के लिए जिन बच्चों की उम्र 5 से 7 साल की है उन्हें 12000 से 15000 कदम नियमित तौर से चलना चाहिए। इससे उनको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलता है और मॉर्निंग वॉक इन बैलेंस नहीं होता यानि ये परफेक्ट कदम है।

 जिन लोगों की आयु 18 साल से ज्यादा है और 20 साल से कम है, उन लोगों के लिए रोजाना 12000 कदम मॉर्निंग वॉक करना चाहिए यह बहुत ही परफेक्ट कदम है।

 वो लोग 40 साल की उम्र को पार कर चुके हैं उनके लिए मॉर्निंग वॉक का निर्धारित कदम 11000 है यानी कि 40 साल से अधिक लोगों के लिए 11000 कदम रोजाना नियमित तौर से वॉक करना चाहिए।

 जिन लोगो की आयु 50 साल पार कर चुकी है उनके लिए नियमित तौर से 10000 कदम रोजाना चलना चाहिए इससे ज्यादा चले ना चले और कम भी ना चले यह 50 साल की आयु के लिए एक बहुत ही उत्तम निर्धारित कदम है। और इससे आपको ज्यादा ज्यादा फायदा देखने को मिलेंगे।

ऐसे लोग 60 साल को पार कर चुके हैं उनके लिए निर्धारित कदम 8000 है यानि नियमित तौर से उनको 8000 कदम पैदल चलना चाहिए इससे ज्यादा ना चले क्योंकि मांसपेशियों में फिर खिंचाव शुरू हो जाएगा और फिर दिक्कतें आएंगी कम भी ना चले यानी कि 60 साल की उम्र के लोगों के लिए बहुत ही पर्फेक्ट कदम 8000 है।

मॉर्निंग वॉक हर आयु वर्ग के लोगों के लिए अलग अलग समय सीमा निर्धारित की गई है उसी के अनुसार मॉर्निंग वॉक करें इससे आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलेगा।

मॉर्निंग वॉक का समय – Subah Sair Par Jane Ka Sahi Samay

मॉर्निंग वॉक का सबसे बेस्ट समय क्या है?

वैसे तो मॉर्निंग वॉक (morning walk) आप सुबह के किसी भी समय कर सकते हैं। जब आपको समय मिले उसे वक्त समय निकाल कर सैर पर निकल सकते हैं। मगर अगर इसकी सही समय की बात करें तो मॉर्निंग वॉक सुबह के 4:00 से 6:00 के बीच में अगर करते हैं, तो उसका आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलता है। क्युकी उस वक्त वातावरण में प्रदूषण सबसे निम्नतम स्तर पर होता है शरीर में ज्यादा से ज्यादा स्वच्छ हवा आपके शरीर के अंदर पहुंचता है।

2006 में न्यूट्रिशन और मेटाबॉलिज्म पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, जो लोग खाना खाने से पहले घूमते हैं वे मोटापा जल्दी घटाते हैं बजाय खाने के बाद घूमने वालों के मुकाबले.

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