नवरात्रि में देवी के नौ स्वरूपों का नाम,पूजा महत्व तथा फल प्राप्ति

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Shailputri: प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री (Shailputri) स्वरूप की पूजा की जाती है। इसी दिन घटस्थापना की जाती है। पर्वतरात हिमालय की पुत्री होने से इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। माता के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना करने पर सुख और सिद्धि की प्राप्ति होती है।

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Brahmacharini: द्वितीय दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

माँ का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini) का है। इनकी उपासना से साधक को सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान लगाने से अच्छे गुण और संयम की भावना मन में विकसित होती है।माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना से यश और सिद्धि की प्राप्ति होती है।

Chandraghanta: तृतीय दिन मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि के तीसरे दिन मां के चंद्रघंटा (Chandraghanta) स्वरूप की आराधना की जाती है। माता है यह तीसरा स्वरूप है। इनकी आराधना से चिरायु,आरोग्य,सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है। इसके अलावा परेशानियों और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है। तथा प्रेत बाधा से भी मुक्ति मिलती है

Kushmanda: चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा

नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्माण्डा (Kushmanda) की आराधना का दिन होता है। देवी कूष्मांडा भक्तों को रोग,शोक और विनाश से मुक्त करके आयु,यश,बल और बुद्धि प्रदान करती हैं।

Skandmata: पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा

स्कंदमाता (Skandmata) का स्वरूप मां का पांचवां रूप होता है। स्कंदमाता की साधना से आरोग्य, बुद्धिमता तथा ज्ञान की प्राप्ति होती है। विद्या प्राप्ति,अध्ययन,मंत्र एवं साधना की सिद्धि के लिए माँ स्कंदमाता का ध्यान करना चाहिए। माँ स्कंदमाता की उपासना से आयु और यश में बढोत्तरी होती है।

Katyayani: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा

मां कात्यायनी (Katyayani) देवी के इस स्वरुप की पूजा करने से शरीर कांतिमान हो जाता है। इनकी आराधना से गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है। जिन जातकों का वैवाहिक जीवन सुखी नहीं वे विशेष रूप से माँ कात्यायनी की उपासना करें। जिन लड़कियों की शादी नहीं हो रही है, वो भी मां कात्यायनी की पूजा करके मनचाहा वर प्राप्त कर सकती है।

Kaalratri: सातवे दिन मां कालरात्रि की पूजा

देवी का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि (Kaalratri) का है। माँ कालरात्रि की पूजा से ग्रह-बाधा भी दूर होती हैं। तंत्र सिद्धि प्राप्त करने हेतु इनकी पूजा की जाती है। मां कालरात्रि की पूजा करने से काल और शत्रुओं का नाश होता है।

Mahagauri: आठवें दिन मां महागौरी की पूजा

नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी (Mahagauri) की पूजा की जाती है। इनकी पूजा से धन, वैभव और सुख-शांति की प्राप्ति होती हैं। ऐसे में नवरात्रि के आठवें दिन धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए महागौरी उपासना की जानी चाहिए।

नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री (Siddhidatri) की पूजा की जाती है। इनकी उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। भक्त इनकी पूजा से यश, बल और धन की प्राप्ति करते हैं। मान-सम्मान और यश के लिए माँ सिद्धिदात्री की उपासना विशेष फलदायी है।

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