ऑनलाइन एजुकेशन के फायदे और नुकसान

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ऑनलाइन एजुकेशन के  फायदे  और नुकसान
ऑनलाइन एजुकेशन के फायदे और नुकसान

जब से Covid -19 महामारी फैली है, तब से लोग अपने घरों में कैद हो गये और इसमें सबसे ज्यादा नुकसान बच्चो की पढ़ाई का हो रहा है । हालांकि इस विकट परिस्थिति में ऑनलाइन एजुकेशन

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एक मात्र माध्यम है । बच्चों की शिक्षा को नियमित करने का और काफी बड़ी मात्रा में लोग ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं ।

इस कार्य में देश के हजारों लाखो विद्यालय व महाविद्यालय अपना योगदान दे रहे है । लेकिन ऑनलाइन एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों के पास एक कंप्यूटर या स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन होना आवश्यक है।

हम यह भी नहीं जानते की महामारी कब ख़त्म होगी। कब दुबारा से स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थाएं , कोचिंग संस्थाएं में जा कर शिक्षा लेंगे ।

आज का हमारा विषय भी यही है की महामारी में ऑनलाइन एजुकेशन के फायदे और नुकसान क्या – क्या है। क्युकी जो चीजे फायदे देती है । वह नुकशान भी पहुँचती है । साथ ही यह भी जानेगे की छोटे बच्चो को ऑनलाइन एजुकेशन में कैसे सहयोग करे ।

ऑनलाइन एजुकेशन छोटे बच्चों के लिए तभी वरदान बन सकती हैं, जब अभिभावक अपना पूरा सहयोग बच्चे को प्रशिक्षित करने में दे,

यानी की जो क्लास बच्चे की कल है । उसे आप आज किसी समय अपनी सुविधा से बच्चे को पढाये और जब ऑनलाइन क्लास चले आप भी बच्चे के साथ चुपचाप बैठ जाये।

टीचर क्या बता रहे है ? उसे सुने फिर क्लास ओवर होने के बाद बच्चे को बताये की मैडम ने आज क्या क्या बताया इससे आपको भी बहुत सी नयी जानकारिया मिलेंगी और बच्चा भी सारी बाते अच्छे से समझ पायेगा ।

मैं खुद अपनी बेटी के लिए यही तरीका अपनाती हु। जो सब्जेक्ट कल है। उसे आज ही tyaar करा देती हु और फिर क्लास ओवर होने के 1 घंटे के बाद दुहराव (repet) करती हु की हमने आज क्या पड़ा ।

लेकिन कई माता-पिता (preants ) अपने बच्चे को उस समय पढ़ाते है जब टीचर पड़ा रहे है जिस कारण बच्चा और टीचर दोनों परेशान होंगे साथ में और जो बच्चे क्लास ले रहे है वो भी परेशान होते है ।

ऑनलाइन एजुकेशन के लाभ (Benefits of online education)

घर बैठे पढ़ सकते है (You can study while sitting at home)

ऑनलाइन एजुकेशन कंप्यूटर पर आधारित होने के साथ ही वैकल्पिक शिक्षा और विचारों को बढ़ावा देती है। ऑनलाइन शिक्षा छात्रों, शिक्षकों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को मापने और रैंक करने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को पुरस्कृत करने के लिए एक सतत ग्रेडिंग प्रणाली प्रदान करती है

फीस बहुत काम है ऑनलाइन एजुकेशन में (Fee is a lot of work in online education)

ऑनलाइन एजुकेशन के माध्यम से कम लागत पर अधिक सेवाएं सेवाएं उपलब्ध है। ऑनलाइन साइड से बहुत कम लागत में आप जितना चाहे उतना एजुकेशन ले सकते है

बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी (Better flexibility in online education)

ऑनलाइन एजुकेशन के साथ अंतिम समय में परिवर्तन आ सकता है। शिक्षक जब चाहे तब क्लास रख सकता है और स्थगित भी कर सकता है। इसके साथ ही ऑनलाइन एजुकेशन लचीला और सुविधाजनक है।

कोई भी कहीं भी पढ़ सकता है, बस आपके पास इंटरनेट और मोबाइल या लेपटॉप ,कंप्यूटर होना चाहिए ।

ऑनलाइन एजुकेशन के नुकसान (Disadvantages of online education)

इंटरनेट नेटवर्क प्रॉब्लम (Internet Network Problem)

 अनेक बार पढते – पढते लैपटॉप या कंप्यूटर में नेटवर्क प्रॉब्लम हो जाती है। जिससे बच्चे टीचर से ऑनलाइन जुड़ नहीं पाते हैं। जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई में रुकावट आ जाती है। तथा अनेको गांव या शहरों में अभी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बच्चे चाह कर भी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकते हैं।

ऑनलाइन एजुकेशन में सिमित संवाद (Simulated dialogue in online education)

ऑनलाइन एजुकेशन में छात्र सिमित रूप में ही अपनी बात अध्यापक तक पहुंचा पाते हैं, और अध्यापक को भी सभी स्टूडेंट्स का ध्यान रखना होता हैं, जिस कारण सभी की बातों को पूरा समय नहीं दे पाते हैं.

ऑनलाइन एजुकेशन में अनुशासन की कमी (Lack of discipline in online education)

 स्कूल क्लास में बच्चे बहुत अनुशासित होकर पढ़ाई करते हैं और अपना होमवर्क और क्लास वर्क दोनों को समय पर पूरा करने का पूरा पूरा प्रयास करते हैं। लेकिन ऑनलाइन शिक्षा में कई बार बच्चे अनुशासित नहीं रह पाते हैं। और काम भी समय पर नहीं करते है

ऑनलाइन एजुकेशन से बच्चे लापरवाह हो रहे है (Children are becoming careless with online education)

स्कूल जाने से बच्चे एक निश्चित समय में सोते थे और सुबह भी समय से उठा जाते थे ।जिससे पूरा दिन सुचारु रूप से चलता था पर अब सारा समय घर में ही है तो ना समय पर सोते है और ना ही समय पर जागते है ।

साथ ही स्कूल में शिक्षक की पैनी नज़रे हर समय बच्चों पर रहती है।लेकिन ऑनलाइन क्लासेस में टीचर बच्चों के काम को देख नहीं पाते। जिस कारण वो उनका सही आकलन नहीं कर पाते हैं। जो बच्चे और शिक्षक के लिए आवश्यक है।

ऑनलाइन एजुकेशन से प्रैक्टिकल वर्क में कमी आयी (Online education has reduced practical work)

कुछ सब्जेक्ट (फिजिक्स , केमिस्ट्री या बायोलॉजी) ऐसे है जिनमे प्रैक्टिकल वर्क करना अनिवार्य होता है। लेकिन ऑनलाइन एजुकेशन में बच्चे इस प्रक्रिया से वंचित रह जाते हैं।

अदर एक्टिविटीज से दूर हो गए बच्चे (Children get away from other activities)

स्कूल में पढ़ाई के साथ बच्चो को अनेको एक्टिविटीज कराई जाती हैं जिनमें बच्चे भाग लेते है । (खेलकूद , सिंगिंग , डांस , योगा , कल्चरल एक्टिविटी , वाद-विवाद प्रतियोगिता , लेखन तथा निबंध प्रतियोगिता)

यह सब उनके विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं। परन्तु ऑनलाइन एजुकेशन में ये सब संभव नहीं है। क्युकी ऑनलाइन क्लासेज में (ऑनलाइन एजुकेशन) बच्चों का स्कूल कोर्स ही पूरा किया जा सकता है। इस तरह की एक्टिविटीज से सभी बच्चे वंचित रह जाते हैं।

कोई भी नहीं जानता की यह बीमारी कब ख़त्म होगी और पुनः सभी चीजे सुचारु रूप से चलेंगी उम्मीद करते है की यह वक्त जल्दी से ख़त्म हो और एक सुनहरे पल की सुरुवात हो

यह भी पढ़े : ऑनलाइन एजुकेशन या होम स्कूलिंग क्या है

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