Oregano uses, best health Benefits and Side Effects in Hindi |ऑरिगेनो के फायदे व उपयोग…

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Oregano uses,health Benefits and Side Effects in Hindi |ऑरेगिनो क्या है? इसे खाने से क्या फायदे, नुकसान व उपयोग...
Oregano uses,health Benefits and Side Effects in Hindi

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Oregano uses,health Benefits and Side Effects in Hindi |ऑरेगिनो क्या है? इसे खाने से क्या फायदे, नुकसान व उपयोग…

Oregano : ऑरिगेनो (oregano – वानस्पतिक नाम : Origanum vulgare) पुदीना कुल (Lamiaceae) का एक सपुष्पक शाक औषधिय (herb) गुणकारी पौधा है. जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों ( मुख्य रूप से पिज़्ज़ा (pizza) , पास्ता (pasta)सूप और सैंडविच जैसे खाद्य पदार्थों का फ्लेवर बढ़ाने के लिए में किया जाता है. यह भोजन को एक अलग स्वाद और खुश्बू प्रदान करता है. साथ ही ऑरिगेनो (oregano)

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का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में भी किया जाता है .ऑरिगेनो को मुख्य रूप से नमकीन खाद्य पदार्थों में डाला जाता है.

इसके पौधे के विभिन्न हिस्सों का उपयोग कई शारीरिक विकारों से राहत पाने के लिए किया जा सकता है.इस लेख में मैं आपको बताऊगी की घर में ओरेगेनो का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है. इसके क्या क्या फायदे है और सही तरीके से उपयोग न करने पर ओरेगेनो के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं

.इस लेख में ऐसी कुछ समस्याएं बताई गई हैं, जिनसे राहत पाने में ओरेगेनो कुछ हद तक मदद जरूर कर सकता है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का पूर्ण इलाज नहीं है। बीमारी का इलाज करने के लिए घरेलू उपचार के साथ मेडिकल ट्रीटमेंट भी जरूरी है.

ऑरिगेनो  क्या है? – What is Oregano in Hindi

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ऑरिगेनो एक हर्ब है जिसे हिंदी में अजवाइन (Ajwain) की पत्ती कहते है। अजवाइन की हरे पत्तों को ओरिगैनो (Oregano) कहते हैं और इसका इस्तेमाल पिज्जा में भी किया जाता है. इसका इस्तेमाल सिर्फ इटेलियन डिशेज को बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है. आप घर में भी अजवाइन की पत्तियों को सुखाकर ओरिगैनो बना सकते हैं. ओरेगेनो (Oregano) का पौधा लगभग एक से तीन फीट लंबा और दिखने में तुलसी (Basil)और पुदीने के पत्तों जैसा ही होता है .औषधीय गुणों से भरपूर ओरिगैनो हमें कई गंभीर बीमारियों से कवच प्रदान करता है. यूनानी लोग इसका प्रयोग सदियों से कई बीमारियों के इलाज के लिए करते आ रहे हैं.

माना जाता है कि दुनिया भर में लगभग 60 ऐसी पौधों की प्रजातियां हैं, जो रंग और स्वाद में ओरेगेनो की तरह ही हैं और इन्हें अक्सर आरेगेनों के नाम से ही जाना जाता है. यह एक गुणकारी पौधा है, इसलिए इसका इस्तेमाल कई शारीरिक समस्याओं से आराम पाने के लिए किया जा सकता है, जिसकी चर्चा पाठको (Reader)के साथ लेख में आगे करेंगे

ऑरिगेनो (Oregano) का स्वाद और रंग

ऑरिगेनो का स्वाद तीखा और तेज़ होता है. यह कुछ ऐसे हर्बस में गिना जाता है जो पूर्ण रूप से सुखा देने पर बहुत अच्छा फ्लेवर और महक देता है. इटैलियन फूड (Italian Food) में बहुत अधिक इसका उपयोग देखा जा सकता है.

ऑरिगेनो  के प्रकार – Types Of Oregano in Hindi

ऑरिगेनो के कई प्रकार मौजूद हैं, लेकिन मुख्य तीन के बारे में नीचे बताया जा रहा है.

यूरोपियन ओरेगेनो : इसे वाइल्ड मार्जोरम या विंटर मार्जोरम भी कहा जाता है. ओरेगेनो का यह प्रकार खास तौर पर ग्रीस, इटली, स्पेन, तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया जाता है. इसका उपयोग खांसी, सिरदर्द, घबराहट, दांत दर्द, और अनियमित माहवारी आदि से राहत पाने में किया जा सकता है.

ग्रीक ओरेगेनो : इसे विंटर स्वीट मार्जोरम या पॉट मार्जोरम भी कहा जाता है. यह ओरिगैनम हर्केलोटिकम एल (Origanum heracleoticum L) से निकाला गया ओरेगेनो होता है.

मेक्सिकन ओरेगेनो : इस प्रकार को मैक्सिकन मार्जोरम के नाम से भी जाना जाता है. यह खासकर मेक्सिको और आसपास के क्षेत्रों में पाया जाता है .और इसका उपयोग मैक्सिकन खाद्य पदार्थों जैसे पिज्जा और बारबेक्यू सॉस में फ्लेवर के रूप में किया जाता है.

रेसिपी में इसका उपयोग

ऑरिगेनो का उपयोग पिज़्ज़ा में बहुत होता है, साथ ही इसे टमैटो सॉस, सूप, टोस्ट, सैंडविच, ब्रोकली (broccoli), फूलगोभी इत्यादि में भी इस्तेमाल होता है. सलाद, पास्ता, मैकरोनी (macaroni) में भी इसका उपयोग होता है. ऑरिगेनो को दूसरे मसालों जैसे कि सूखे लहसुन-प्याज, पार्स्ले (parsley), थाईम (thyme), काली मिर्च, सेज (sage), बेसिल (basil) आदि के साथ मिलाकर मिक्सड हर्ब्स (mixed herbs) के रूप में उपयोग में अधिक लाया जाता है.

ओरिगैनो का उपयोग और फायदे – Benefits of Oregano in Hindi

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एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज – ओरिगैनो ऑयल में कार्वैक्रोल नामक एक आवश्यक तत्व होता है, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल प्रोपर्टीज होती हैं. इसका इस्तेमाल इंटेस्टाइनल पैरासाइट, कई तरह की एलर्जी, साइनस में होने वाला दर्द, अर्थराइटिस, स्वाइन फ्लू, कानों में दर्द और थकान दूर करने के लिए किया जाता है.

ओरिगैनो ऑयल को स्किन संबंधित परेशानियां जैसे एक्ने, ऑयली स्किन, रूसी, दाद, सोरायसिस से निजात पाने के लिए भी अच्छा माना जाता है.

एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज – जर्मनी और स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों ने ओरिगैनो की पत्तियों में कैरोफिलिन की पहचान की, जो ऑस्टियोपोरोसिस और आर्टीरोस्क्लेरोसिस के इलाज में मददगार है.

अपच से आराम – ओरेगेनो के एसेंशियल ऑयल में कई बायोलॉजिकल गुण होते हैं, जैसे एंटीमाइक्रोबियल, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेटिव, जो शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.ये आंत को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया जैसे ई. कोलाई की संख्या को कम करता है. और आंत की इम्यून क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, यह आंत की इन्फ्लेमेशन को भी कम करने में मदद कर सकता है.

कैंसर से बचाव – ओरिगैनो में ऐसे तत्व होते हैं जो स्तन कैंसर को बढ़ने से रोकता है। दरअसल इसमें मौजूद एसेंशियल ऑयल की वजह से होता है.

हड्डियों को स्वस्थ रखे – ओरेगेनो के पत्ते के फायदे की बात करें, तो यह हड्डियों को स्वस्थ रखने में लाभदायक साबित हो सकता है. हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसमें सबसे ऊपर नाम आता है, कैल्शियम का और ओरेगेनो की पत्तियों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा, इसमें और भी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जैसे मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, कॉपर और मैंगनीज. इसके साथ ही ओरेगेनो में हड्डियों के लिए लाभदायक विटामिन भी पाए जाते हैं, जैसे विटामिन-सी, विटामिन-ए और विटामिन-के

इम्यून सिस्टम होता है स्ट्रांग –ओरिगैनो में मौजूद दो सबसे महत्वपूर्ण तत्व रोसमेरेनिक एसिड (Rosmarinic acid) और थाइमोल (Thymol) अत्यधिक शक्तिशाली होते हैं. जो तनाव को कम कर डायट को ठीक करने में मदद करते हैं. आहार बेहतर होने के कारण इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है.

मधुमेह के लिए ओरेगेनो –अजवायन की पत्ती के लाभ टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में भी देखे जा सकते हैं. इस संबंध में लैब में डायबिटिक चूहों पर किए गए शोध के परिणाम सामने आए हैं, माना जाता है. कि ओरेगेनो की पत्तियों का अर्क शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन के बढ़े हुए स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. साथ ही यह लिपिड मेटाबॉलिज्म में भी सुधार कर सकता है. और डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिवर व किडनी को भी स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.

दिल को रखता है सुरक्षित – ओरिगैनो में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस रखने में मदद करता है.कोलेस्ट्रॉल लेवल ठीक रहने की वजह से दिल से संबंधित बीमारियों, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है. ओरेगेनो के एसेंशियल ऑयल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इन्फ्लेमेशन और हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं. शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल ठीक रहने से ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक तरह से होता है. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से त्वचा हेल्दी होती है और बालों में ग्रोथ भी होती है.

एनीमिया से राहत दिलाए – शरीर में आयरन की कमी एनीमिया का कारण बनती है. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है, जो एक प्रकार आयरन युक्त प्रोटीन होता है. एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए अजवायन की पत्ती के लाभ देखे जा सकते हैं.ओरेगेनो की पत्तियों में समृद्ध मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो आयरन की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है.

ओरिगैनो का प्रयोग इन बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है.श्वसन तंत्र के विकार जैसे कि खांसी, अस्थमा, क्रुप और ब्रोंकाइटिस

  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर (Gastrointestinal disorders)
  • पीरियड्स में होने वाला दर्द
  • अर्थराइटिस
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन

ओरेगेनो का उपयोग – How to Use Oregano in Hindi

  • ओरेगेनो की चाय बनाई जा सकती है, जिससे ओरेगेनो के पत्ते के फायदे मिल सकते हैं. इसके लिए ओरेगेनो की पत्तियों (ताजी या सूखी) को एक कप पानी में डाल कर उबाल लें.अच्छी तरह उबल जाने के बाद पानी को छान लें और उसका सेवन करें.
  • अदरक या मसाला चाय में भी ओरेगेनो की कुछ पत्तियां डाली जा सकती हैं.
  • अजवायन की पत्ती के लाभ उठाने के लिए इसे चिकन, सब्जी, पिज्जा, पास्ता और अन्य व्यंजनों में मसाले की तरह उपयोग किया जा सकता है.
  • ओरेगेनो की पत्तियों को सूप में डाल कर भी सेवन कर सकते हैं। इसकी पत्तियां सूप को एक अलग फ्लेवर देंगी.
  • ओरेगेनो का उपयोग ताजा, सूखा और तेल तीनों रूप मे ही किया जा सकता है.

नोट : किसी खास समस्या के लिए ओरेगेनो का उपयोग करने से पहले इसकी उचित मात्रा को लेकर एक बार डायटिशियन या फिर डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें.


कैसे काम करता है ओरिगैनो?

9 Benefits and Uses of Oregano Oil

ओरिगैनो (Oregano)में विटामिन ए, सी और ई के साथ जिंग, मैग्निशियम, आयरन, कैल्शियम, कॉपर, पौटेशियम और मैगनीज पाया जाता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ दिल संबंधित परेशानियों को दूर करते हैं. इसमें कुछ ऐसे कैमिकल्स होते हैं जो खांसी और गले में ऐछन को कम करते हैं. इसके अलावा ये शरीर में मौजूद कुछ बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और आंतों के कीड़ों की सफाई करने में मददगार है.

जर्नल ऑफ फूड एंड बायोकेमिस्ट्री में छपे एक शोध के अनुसार इसमें रोजमिनिक एसिड और थाइमोल होता है जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं और हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं।

ओरेगेनो का चयन कैसे करे और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखे?

  • सूखी ओरेगेनो की जगह अजवायन की ताजी पत्तियों का चयन करें। वो खाने को एक बेहतर फ्लेवर देती हैं.
  • पत्तियां चुनते समय पीली की जगह हमेशा हरी पत्तियों का चयन करें। साथ ही ध्यान दें कि उन पर कोई दाग न हो.
  • पत्तियों को लम्बे समय तक ताजा रखने के लिए उन्हें गीले कपड़े में लपेट कर फ्रिज में रखें.
  • चाहें तो पत्तियों को काटकर, एक हवाबंद डिब्बे में रखकर, फ्रीजर में भी रख सकते हैं.
  • ड्राई ओरेगेनो पत्तियों को भी हवाबंद डिब्बे में लंबे समय रखा जा सकता है.

कितना सुरक्षित है ओरिगैनो का उपयोग ?

  • जिन लोगों में लामियाके परिवार (Lamiaceae family) से संबंधित पौधे जैसे बेसिल, लेवेंडर, मिंट से एलर्जी है हो सकता है उन्हें ओरिगेनो भी सूट न करें.
  • जिन लोगों में ब्लीडिंग डिसऑर्डर होता है हो सकता है उन्हें इससे परेशानी हो.
  • डायबीटिज के पेशेंट्स इसका सेवन सावधानीपूर्वक करें, क्योंकि ये शुगर को कम करता है.
  • कोई सर्जरी होने वाली है तो दो हफ्ते पहले इसका सेवन करना बंद कर दें.
  • प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन न करें.

ओरिगैनो से क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? – Side Effects of Oregano in Hindi

  • नियंत्रित रूप से ओरेगेनो का उपयोग करना पूरी तरह सुरक्षित है, हालांकि कुछ मामलों में इसका उपयोग करने से ओरेगेनो के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हो सकते हैं
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, ओरिगैनो ऑयल को अधिक मात्रा में लेने से आंतरिक प्रणाली को नुकसान पहुंच सकता है. इसमें ज्यादा मात्रा में थाइमोल हाता है, जो हमारे शरीर को बहुत ज्यादा विषाक्त बना देता है. इसलिए ओरिगैनो ऑयल को लेकर सलाह दी जाती है कि इसके इस्तेमाल कम मात्रा में ही करें.
  • ओरेगेनो के तेल को सीधा त्वचा पर लगाना त्वचा पर जलन का कारण बन सकता है, इसलिए इसे हमेशा किसी अन्य ऑयल जैसे नारियल या जैतून के तेल में मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए.
  • ओरिगैनो ऑयल हमारे शरीर में आयरन लेने की प्राकृतिक क्षमता को कम कर सकता है. यह हमारी नियमित अवशोषण प्रक्रिया को बाधित करता है और हमारी कोशिकाओं को खनिज की आवश्यक मात्रा प्राप्त करने से रोकता है.
  • गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए ओरेगेनो का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है. माना जाता है कि गर्भावस्था के दौरान ओरेगेनो का ज्यादा सेवन करना गर्भपात का कारण बन सकता है.
  • रक्तस्राव जिसे ब्लीडिंग डिसऑर्डर भी कहा जाता है.इसमें चोट लगने के बाद खून बहना आसानी से बंद नहीं होता. इस समस्या में शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है, जिससे त्वचा पर ब्लड क्लॉट नहीं बन पाता और खून बहना बंद नहीं होता. ऐसा होने पर माहवारी, चोट लगने व सर्जरी आदि के दौरान भी सामान्य से अधिक रक्तस्राव होता है. ओरेगेनो का सेवन रक्तस्राव से पीड़ित लोगों की समस्या को बढ़ा सकता है.


ओरिगैनो को लेने की सही खुराक क्या है ?

12 Amazing Dried Oregano Benefits For Health, Hair & Skin

ओरिगैनो को लेने की क्या मात्रा सही है . इसे लेकर कोई शोध नहीं किया गया है, लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में न लें. इसके अलावा स्किन पर भी इसे सीमित मात्रा में ही लगाएं. आप इसे पैरों में या नाखूनों में हुए फंगल इंफेक्शन के लिए दिन में दो बार लगा सकते हैं। इसकी एक से दो बूंद काफी है.इससे ज्यादा तेल स्किन पर लगाना आपको नुकसान पहुंचा सकता है.

ओरिगैनो सप्लीमेंट की डॉस हर पेशेंट के लिए अलग होती है.ये मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है. फिलहाल इसकी निर्धारित खुराक को लेकर कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है.एक बात का खास ख्याल रखें कि हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं.इसलिए ये सप्लीमेंट को लेने से पहले अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से एक बार जरूर संपर्क करें.

ऑरिगेनो (Oregano) का रख रखाव

  • ऑरिगेनो को एयर टाइट कंटेनर में भर कर रखें.
  • ऑरिगेनो में किसी भी प्रकार की नमी न जाने दीजिए. नमी के संपर्क में आने पर यह खराब हो जाता है.
    जब भी इसे उपयोग में लाएं तो साफ सफाई का ध्यान रखें.
  • जिस भी कंटेनर में इसे रखा गया हो उसे साफ सूखे हाथों से ही खोलें और इसे निकालने के लिए साफ सूखे चम्मच का ही उपयोग करें.

ऑरिगेनो कहां से मिलेगा

ऑरिगेनो किसी भी बिग फूड स्टोर (big food store), ग्रोसरी स्टोर या किराना स्टोर से खरीद सकते हैं . आप इसे अॉनलाइन (online) भी ख़रीद सकते हैं. इसमें भी मिलावट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. इसलिए भरोसेमंद दुकान से या ब्रांड की ही खरीदें.


किन रूपों में उपलब्ध है?

ऑयल
टी
टैबलेट

इसका उपयोग कैसे किया जाता है?

सलाद- सलाद में ताजे ओरिगैनो के पत्तों को मिलाकर सलाद के स्वाद को बढ़ाया जा सकता है। यह सेहत के लिए भी लाभकारी होता है.

सॉस- अगर आप सॉस खाने के शौकीन हैं तो सूखे ओरिगैनो (ड्रायड ओरिगैनो) को सॉस में मिलाकर खा सकते हैं.

मसाले- इसका प्रयोग रोस्टेड चिकेन, रोस्टेड पनीर या स्प्राउट्स में डालकर सेवन किया जा सकता है.

टॉपिंग- ओरिगैनो को बारीक-बारीक काटकर सूप अन्य खाद्य पदार्थों में डाल कर सेवन किया जा सकता है.

How to grow and care oregano
How to grow and care oregano

ओरेगेनो का पौधा घर में एक गमले में कैसे लगाए – How to grow and care oregano

  • अजवाइन के पौधे को आप घर में भी आसानी से उगा सकते हैं. इसे पौधे या बीज के जरिए गमले में लगाया जा सकता है. इसके लिए आप नर्सरी से पौधा या बीज लेकर आ सकते हैं. घर में इस्तेमाल होने वाले बीज से ये पौधा नहीं लगेगा.
  • सबसे पहले मि​ट्टी में एक कप रेत, कोको पीट और गोबर को मिला दें. चायपत्ती के कंपोस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये मिलाने से पौधा जल्दी ग्रो करेगा.
  • अजवाइन के पौधे में ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती. जब पौधा ग्रो करने लगे तो इसे नियमित रूप से धूप दिखाएं. शुरुआत में इसे बस दो घंटे के लिए धूप में रखें.
  • जब अजवाइन का पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो इसे चौड़े गमले में शिफ्ट कर दें.
  • बारिश या सर्दी का मौसम अजवाइन के पौधे को लगाने के लिए अच्छा समय है.
  • अजवाइन के पौधे में कीड़े नहीं लगते इसलिए खाद का ज्यादा इस्तेमाल न करें. इससे पौधा खराब हो सकता है.
  • अजवाइन के पौधे को अच्छी धूप की जरूरत होती है. इसे रोजना धूप दिखाएं. साथ ही शाम में पानी का छिड़काव करें.
  • ये ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी हो तो दोबारा पानी न डालें.
  • अगर फंगस या कीड़े लगने की समस्या हो रही है, तो इसके लिए साबुन या ​हींग के पानी को स्प्रे बॉटल में भरकर इससे स्प्रे कर सकते हैं.
  • अजवाइन के पत्ते धनिए की पत्तियों जैसे ही होते हैं और इनका इस्तेमाल कई चीजों में किया जा सकता है. लेकिन कभी भी पत्तियों को ऊपर से न तोड़ें, इससे ग्रोथ रुक सकती है. पत्तियों को हमेशा नीचे से तोड़ें.

ओरिगैनो (Oregano) का उपयोग सुरक्षित है . लेकिन, किसी भी खाद्य पदार्थ या हर्ब के अत्यधिक सेवन से शरीर पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए इसका सेवन भी संतुलित करें और अगर इसके सेवन से कोई शारीरिक परेशानी या एलर्जी होती है, तो इसका सेवन न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें .

इस लेख के माध्यम से आपको ओरिगैनो (Oregano) के फायदे के साथ ओरिगैनो  के उपयोग और नुकसान के बारे में भी जानकारी मिल गई होगी.ओरिगैनो (Oregano)बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है . अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगे तो इसे अपने मित्रो के साथ साझा करे और आपकी क्या राय है कमेंट करके अवश्य बताये

FAQ

Q : ऑरेगैनो (Oregano) को हिंदी में क्या कहते हैं?

Ans : ओरेगेनो (Oregano)को अजवाइन की पत्ती कहते है.

Q :ओरिगैनो कैसे बनती है?

Ans :ऑरिगेनो को दूसरे मसालों जैसे कि सूखे लहसुन-प्याज, पार्स्ले (parsley), थाईम (thyme), काली मिर्च, सेज (sage), बेसिल (basil) आदि के साथ मिलाकर मिक्सड हर्ब्स (mixed herbs) के रूप में उपयोग में अधिक लाया जाता है. ऑरिगेनो को एयर टाइट कंटेनर में भर कर रखें. ऑरिगेनो में किसी भी प्रकार की नमी न जाने दीजिए.

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