Sneha Dubey : जानिए स्नेहा दुबे ने कैसे कर दी इमरान खान की बोलती बंद

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 india first secretary sneha dubey reply to pakistan and pak pm imran khan in united nations general assembly
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Sneha Dubey : हर बार की तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस बार भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर

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का राग अलापा। लेकिन भारत ने इस बार भी इमरान खान की बोलती बंद कर दी। इस बार भारत की तरफ से जवाब देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे सामने थीं। उन्होंने बड़े ही प्रभावी तरीके से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को आईना दिखाया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं। इस करारा जवाब के बाद से सोशल मीडिया पर #SnehaDubey ट्रेंड करने लगा। ट्विटर से लेकर फेसबुक पर लोग इस दमदार महिला अधिकारी के बारे में सर्च करने लगे। आइए जानते हैं आखिर स्नेहा दुबे (Sneha Dubey) इस मुकाम तक कैसे पहुंचीं


कौन हैं स्नेहा दुबे ?

इमरान खान की बोलती बंद करने वाली स्नेहा दुबे (Sneha Dubey)  ने पहले प्रयास में ही यूपीएससी में सफलता प्राप्त की थीं। वे 2012 बैच की महिला आईएफएस अधिकारी हैं। आईएफएस बनने के बाद उनकी नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई। इसके बाद साल 2014 में भारतीय दूतावास मैड्रिड में उनकी नियुक्ति हुई।

कुछ साल बाद उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव के रूप में नियुक्त किया गया।  स्नेहा दुबे (Sneha Dubey) को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मामलों में बहुत रुचि थी जिसके चलते उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में जाने का फैसला लिया। शुरुआती शिक्षा गोवा और फिर जेएनयू से एमए और एमफिल स्नेहा ने जेएनयू से एमए और एमफिल किया है। स्नेहा की शुरुआती शिक्षा गोवा में हुई। इसके बाद उन्होंने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से स्नातक किया। 

जानिए स्नेहा दुबे ने कैसे कर दी इमरान खान की बोलती बंद

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे (Sneha Dubey)  ने कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने भारत के आंतरिक मामलों को दुनिया के मंच पर लाने और झूठ फैलाकर प्रतिष्ठित मंच की छवि खराब करने की कोशिश की है।

हमनें उनके इस प्रयास के जवाब में ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान और झूठ के लिए वो हमारी सामूहिक अवमानना और सहानुभूति के पात्र हैं। स्नेहा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच का पाकिस्तान ने गलत इस्तेमाल किया है।


पाकिस्तान ने यूएनजीए का गलत इस्तेमाल किया- स्नेहा दुबे

स्नेहा दुबे (Sneha Dubey)  ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और  रहेंगे। पाकिस्तान ने इसमें कुछ क्षेत्रों पर अवैध कब्जा कर रखा है।

हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि यह पहली बार नहीं है
जब पाकिस्तान के नेता ने भारत के खिलाफ झूठ फैलाने और उसकी छवि गिराने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल किया है। अपने देश की दुखद स्थिति से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए उन्होंने यह व्यर्थ कोशिश की है। 

परिवार में पहली सरकारी नौकरी पाई

बता दें कि स्नेहा (Sneha Dubey) अपने परिवार में ऐसी पहली महिला थी, जो सरकारी सेवा में लगी हो। वहीं, यह पहली बार नहीं है जब भारत की किसी यूनियर महिला ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दियो हो। इससे पहले एनम गंभीर और विदिशा मैत्रा भी यह भूमिका निभा चुकी हैं।

क्या कहा था इमरान ने, जिसपर स्नेहा हुईं हावी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) ने यूएन जनरल असेंबली के (United Nation General Assembly) वर्चुअली संबोधन में हमेशा की तरह कश्मीर (Kashmir) का राग अलापा और कहा, पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है। दक्षिण एशिया में स्थायी शांति जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान पर निर्भर है। पाकिस्तान के साथ सार्थक और परिणामोन्मुखी जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी भारत पर बनी हुई है।

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लेकिन हर बार की तरह भारत की ओर से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे (India First Secretory Sneha Dubey) ने राइट टू रिप्लाई (Right to Reply) के तहत पाकिस्तान करारा जवाब दिया.

इस जवाब में दुबे (Sneha Dubey) बोलीं, पाक प्रधानमंत्री हमारे आंतरिक मामलों को लाकर वैश्विक मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से अपने अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं।

उन्होंने कहा, (Sneha Dubey) ‘सदस्य देश इस बात से अवगत हैं कि पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने, सहायता करने और सक्रिय रूप से समर्थन देने की नीति का इतिहास रहा है। यह एक ऐसा देश है जिसे विश्व स्तर पर राज्य की नीति के रूप में आतंकवादियों का समर्थन, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और हथियार देने के रूप में मान्यता दी गई है।

इसके साथ ही पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों की सबसे बड़ी संख्या की मेजबानी करने का अपमानजनक रिकार्ड भी रखता है।’ वे बोलीं- यह एक ऐसा देश (पाकिस्तान) है जो खुद को फायर फाइटर बताकर आगजनी करता है। विदिशा मैत्रा

 

 

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