Punit RajKumar: जानिये पुनीत राजकुमार के बारे में जिसने अपना पूरा जीवन समाज की भलाई में लगा दिया

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Puneeth Rajkumar: Know about Puneeth Rajkumar who devoted his whole life for the betterment of the society
Puneeth Rajkumar: Know about Puneeth Rajkumar who devoted his whole life for the betterment of the society

Puneeth Rajkumar : कन्नड़ एक्टर पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) का शुक्रवार को निधन हो गया है. दिल का दौरा पड़ने की वजह से एक्टर ने 46 साल की उम्र में दम तोड़ दिया. मल्टी टैलेंटेड पुनीत राजकुमार एक्टर होने के साथ साथ प्लैबैक सिंगर, टीवी प्रेजेंटर, प्रोड्यूसर भी रहे थे.  पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) कन्नड़ सिनेमा में अपनेयोगदान के लिए जाने जाते थे. वे 29 फिल्मों में लीड एक्टर रहे थे. बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उन्होंने कई फिल्मों में किया था. फिल्म Vasantha Geetha,  Bhagyavantha, Chalisuva Modagalu, Eradu Nakshatragalu, Bettada Hoovu  में उनकी दमदार अदाकारी को खूब सराहा गया था.

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पुनीत राजकुमार (कन्नड़:ಪುನೀತ್ ರಾಜ್‍ಕುಮಾರ್) कन्नड़ फिल्मों में अभिनय करने वाले एक भारतीय फिल्म अभिनेता पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) का जन्म लोहित के रूप में कन्नड़ फिल्म उद्योग के सुपर स्टार डॉ॰ राजकुमार और माँ (निर्माता) पर्वतम्मा राजकुमार के घर हुआ था। वे उनके पाँचवें और सबसे छोटे बेटे हैं। पुनीत राजकुमार केएफआई के एक प्रमुख स्टार शिवराज कुमार के छोटे भाई थे। पुनीत राजकुमार के परिवार में पत्नी अश्विनी रेवनाथ और दो बेटियां द्रिथि और वन्धिता हैं।

उन्होंने बहुत ही कम उम्र में स्कूल छोड़ दिया था और फिल्मों में अभिनय करना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने घर पर एक निजी शिक्षक के पास पढ़ाई की। बाद में उन्होंने कंप्यूटर साइंस में एक डिप्लोमा प्राप्त किया। इसके बाद फिल्म उद्योग में प्रमुख भूमिकाओं में प्रवेश करने से पहले उन्होंने खनन के कारोबार में अपना कैरियर शुरू किया।

फिल्म जगत में प्रवेश करने से पहले पुनीत (Puneeth Rajkumar) ने तीन साल तक नृत्य और मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया। मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण उन्होंने कलारिपयट्टू में लिया था जो की एक सबसे पुराना भारतीय मार्शल आर्ट है। कूंग-फूं का विकास भी इस कला के जरिए माना जाता है।

एक अभिनेता के रूप में कैरियर की शुरुआत

उन्होंने अपने फिल्म कैरियर की शुरुआत उस समय की थी जब वे केवल छः महीने के थे (फ़िल्म: प्रेमदा कानिके) वे कई फिल्मों में अपने वास्तविक पिता के बेटे के रूप में दिखाई दिए हैं। एक बाल कलाकार के रूप में वे 12 फिल्मों में दिखाई दिए हैं। उन्होंने 1986 में फिल्म बेट्टद हूवु के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीता है।

1980 के दशक में एक बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में दिखाई देने के बाद पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) ने फिल्म अप्पू में एक अग्रणी भूमिका के साथ अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत की। यह एक बहुत बड़ी हिट फिल्म रही थी। उन्हें आकाश (2005), अरसु (2007), मिलन (2007) और वंशी (2008) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाना जाता है जो अभी तक उनकी सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलताएं रही हैं।

2007 में आरसु में अपने अभिनय के लिए उन्होंने एक फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त किया और 2008 में मिलन में अपने प्रदर्शन के लिए उन्हें कर्नाटक राज्य का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।

वर्तमान में वे कन्नड़ फिल्म उद्योग में सबसे अधिक पारिश्रमिक पाने वाले अभिनेता हैं।उनकी व्यावसायिक रूप से सफल फिल्म हिट की दर सबसे अधिक है और उनकी 14 फिल्में लगातार कम से कम 100 दिनों तक सिनेमा घरों में बनी रही हैं।

गायन कैरियर

अभिनय के अलावा पुनीत का अपना एक गायन कैरियर भी है। उन्होंने बचपन से ही एक बाल कलाकार के रूप में अपनी सभी फिल्मों में गीत गाया है, एक मुख्य पुरुष अभिनेता के रूप में अपना सफ़र शुरू करने के बाद उन्होंने अपनी सभी फिल्मों में कम से कम एक गीत गाना शुरू कर दिया था।

उनकी फिल्मों के संगीत निर्देशकों के लिए उनकी आवाज में गीत रिकॉर्ड करना एक आम बात है क्योंकि उनके ज्यादातर गीत काफी लोकप्रिय होते हैं। अपनी पहली फिल्म अप्पू से ही वे ज्यादातर एकल गीतों के लिए अपनी आवाज का इस्तेमाल करते आ रहे थे। वंशी फिल्म में जोते जोतेयली गाने के साथ-साथ उन्होंने युगल गीत भी गाया है जो 2008 का एक हिट गीत बन गया था।इनकी मृत्यु 29 अक्टूबर 2021 को हार्ट अटैक की वजह से हो गई।

एक्सरसाइज के बाद हुआ सीने में दर्द

जानकारी के मुताबिक, पुनीत दो घंटे से एक्सरसाइज कर रहे थे, जिसके बाद अचानक उनके सीने में दर्द उठा और अस्पताल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल में एडमिट कराने के कुछ देर बाद ही उनके निधन की खबर आ गई। बता दें, पुनीत के पिता राजकुमार का निधन भी हार्ट अटैक से हुआ था।

दान की गईं अभिनेता की आंखें

पिता की ही तरह अभिनेता पुनीत राजकुमार की भी आंखें दान की । पुनीत के पिता और प्रसिद्ध दक्षिण अभिनेता  राजकुमार ने खुद 1994 में अपने पूरे परिवार की आंखों को दान करने का फैसला किया था।

अधूरी रह गईं ये फिल्में

पुनीत (Puneeth Rajkumar) फिलहाल चेतन कुमार द्वारा निर्देशित जेम्स की शूटिंग कर रहे थे। एक पूर्ण एक्शन एंटरटेनर के रूप में पहचाने जाने वाले, पुनीत ने शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया था। फिल्म में उनके अपोजिट प्रिया आनंद थीं। पुनीत को द्वित्व की शूटिंग भी करनी थी। इसे नवंबर या दिसंबर में फ्लोर पर जाना था। यह पवन कुमार के साथ उनका पहला कोलेबोरेशन था।

पुनीत ने संतोष आनंदराम के साथ एक अनटाइटल्ड प्रोजेक्ट भी रखा था। दोनों ने राजाकुमारा और युवरत्ना में साथ काम किया है। इसके अलावा, पुनीत के पास अपने होम बैनर में पांच फिल्में भी हैं जो उन्होंने प्रोड्यूस की हैं।

Puneeth Rajkumar : पुनीत राजकुमार एक बहुत बड़े समाज सेवक थे। उनसे किसी की तकलीफ, पीड़ा, परेशानी नहीं देखी जाती थी। उन्होंने समाज की भलाई के लिए एवं देश के भविष्य को आगे अच्छा भविष्य (feture) मिले इसके लिए 46 अनाथ आश्रम खोले थे। साथ ही 1800 बच्चो को गोद लिया था  16 वृद्धाश्रम (old age home) खोले एवं पुनीत राजकुमार ने पशुओ के लिए भी 19 गौशालाये (cowshed) खोली एवं प्रधानमंत्री केयर फंड में 50 लाख दान किये ऐसे थे पुनीत राजकुमार उनका सम्पूर्ण जीवन समाज की भलाई में

पुनीत राजकुमार के अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ा जनसैलाब

पुनीत के निधन की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री मोदी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और कई अन्य राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुनीत के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आने वाली पीढ़ी उन्हें उनके कार्यों और शानदार व्यक्तित्व के लिये याद रखेगी ।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ दुर्भाग्य के क्रूर फेर ने हमसे बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता पुनीत राजकुमार को छीन लिया है । यह उम्र जाने की नहीं है । आने वाली पीढ़ी इस महान व्यक्तित्व को उनके कार्यो द्वारा याद रखेगी । उनके परिवार और प्रशंसकों को मेरी श्रद्धांजलि, ओम शांति ।’’

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