Ramayan Ravan Actor Death News:दुखद :’रामायण’ में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का निधन

आस्था
अरविंद त्रिवेदी का निधन

Arvind Trivedi : अरविंद त्रिवेदी के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने उनके निधन के खबर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, हालांकि उन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं थी।

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Ramayan Ravan Actor Death News:दुखद :’रामायण’ में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का 83 साल की उम्र में निधन

दूरदर्शन पर प्रसारित हुए रामानंद सागर (Ramanand Sagar) के बेहद लोकप्रिय पौराणिक धारावाहिक ‘रामायण’ (Ramayana’) में रावण का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार की रात को मुंबई के कान्दिवली स्थित घर पर निधन हो गया। मैं लंकाधिपति रावण…. रामानंद सागर के बहुचर्चित सीरियल ‘रामायण’ में लंकेश का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) 82 साल के थे।

90 के दशक में टीवी सेट पर जब उनकी आवाज गूंजती थी तो देखने वालों के भी रोंगटे खड़े हो जाते थे। इस सीरियल से अगर राम के रूप में अरुण गोविल को अमर पहचान मिली तो ऐक्टर अरविंद त्रिवेदी की रावण की भूमिका भी यादगार बन गई।अभिनेता की मौत की खबर की उनके एक करीबी रिश्तेदार ने पुष्टि की है। वह 83 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।


अरविंद त्रिवेदी के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने उनके निधन के खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि ‘मंगलवार (5 अक्तूबर) रात करीब 10 बजे उनका निधन हो गया है। उन्होंने बताया कि ‘चाचाजी पिछले कुछ सालों से लगातार बीमार चल रहे थे। पिछले तीन साल से उनकी तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब रहने लगी थी। ऐसे में उन्हें दो-तीन बार अस्पताल में भी दाखिल कराना पड़ा था। एक महीने पहले ही वो अस्पताल से एक बार फिर घर लौटे थे। मंगलवार की रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने कांदिवली स्थित अपने घर में ही दम तोड़ दिया।’


मई में उड़ी थीं अरविंद त्रिवेदी की मौत की अफवाह

इस साल मई में अरविंद त्रिवेदी के निधन की खबरें सामने आई थीं, जिन पर उनके भतीजे कौस्तुभ ने इसे अफवाह बताते हुए विराम लगा दिया था। इसके अलावा रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी (Sunil Lahiri) ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। सुनील लहरी (Sunil Lahiri) ने लोगों से कहा था कि वे इस तरह के फेक न्यूज न फैलाएं। 

राम के भक्त थे ‘रावण’

अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) ने रामानंद सागर (Ramanand Sagar) द्वारा बनाई गई रामायण में रावण का दमदार रोल निभाया था। उन्होंने इस तरह से रोल प्ले किया था कि आज तक लोगों की आंखों के सामने उनकी वही छवि बनी हुई है।टीवी स्क्रीन पर भले ही वह राम से युद्ध करते दिखाई दिए पर असल जीवन में अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) राम के परम भक्त थे।

उन्होंने खुद बताया था कि सीरियल में जब वह राम के खिलाफ कड़े शब्दों का प्रयोग करते थे तो बाद में भगवान से माफी मांगते थे। पिछले साल कोरोना लॉकडाउन में जब टीवी पर रामायण सीरियल फिर से प्रसारित होने लगा तो टीवी चैनलों पर उनकी तस्वीरें भी सामने आईं। वह टीवी पर रामायण देखते दिखाई दिए।

जितनी बार भगवान राम की भूमिका में अरुण गोविल (Arun Govil) स्क्रीन पर दिखाई देते, अरविंद दोनों हाथों को जोड़ कर प्रणाम कर लेते। इस सदी में जन्मी पीढ़ी को शायद यह जानकर ताज्जुब हो कि उस समय टीवी के सामने बैठे लोग भी भगवान राम की भूमिका में अरुण गोविल (Arun Govil) को देख हाथ जोड़ लेते थे, पूजा होती थी और जयकारे लग जाते थे। पिछले साल मीडिया से बातचीत में परिवार के लोगों ने बताया था कि बुजुर्ग अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) का ज्यादातर समय भगवान की भक्ति में बीत रहा था।

बता दें कि अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) का जन्म आठ नवंबर 1938 में मध्यप्रदेश के उज्जैन में हुआ था। उनका शुरुआती करियर गुजराती रंगमंच से शुरू हुआ। उनके भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती सिनेमा के चर्चित नाम रहे हैं और गुजराती फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। हिंदी के पॉपुलर शो रामायण से घर-घर पहचान बनाने वाले लंकेश यानी अरविंद त्रिवेदी ने लगभग 300 हिंदी और गुजराती फिल्मों में अभिनय किया था।

गुजराती भाषा की धार्मिक और सामाजिक फिल्मों से उन्हें गुजराती दर्शकों में पहचान मिली थी जहां उन्होंने 40 वर्षों तक योगदान दिया। त्रिवेदी ने गुजरात सरकार द्वारा प्रदान की गई गुजराती फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए सात पुरस्कार जीते थे। 2002 में उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया था। अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) ने 20 जुलाई 2002 से 16 अक्टूबर 2003 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) प्रमुख के रूप में काम किया था।

अभिनय के अलावा अरविंद (रावण’) साल 1991 से लेकर 1996 तक सांसद रहे,48 प्रतिशत से ज्यादा वोट

1991 के चुनाव में सांबरकाठा सीट से अरविंद त्रिवेदी (लंकेश) को 48.28% यानी कुल 168704 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर JD(G) के उम्मीदवार मगनभाई मणिभाई पटेल को 37.86 प्रतिशत वोट (132286 वोट) मिले थे। तीसरे नंबर जनता दल के राजमोहन गांधी को 9.66 प्रतिशत और कुल 33746 वोट मिले थे। उस चुनाव में कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे और तीन उम्मीदवारों को छोड़ दें सभी को 1 प्रतिशत से भी कम वोट मिले थे।

उस समय लंकेश (Arvind Trivedi) की रैलियों में अपार भीड़ होती थी। लोग कई किमी दूर से पैदल चलकर उन्हें देखने और सुनने के लिए आते थे। भले ही ऐसा मशहूर ऐक्टर चुनाव लड़ रहा था पर उस समय भी उन्हें हराने के लिए दांव चले गए। वोट काटने के लिए उस चुनाव में दो और त्रिवेदी उम्मीदवार मैदान में उतरे या उतारे गए लेकिन लंकेश ने भारी मतों से जीत दर्ज की।


दिलचस्प है कि उस समय अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) अपने नाम से ज्यादा लंकेश नाम से मशहूर थे। वह जहां भी सभाएं करते, लोग उनसे रावण के डायलॉग बोलने को कहते। चुनाव संबंधी दस्तावेजों में भी उनका नाम अरविंद त्रिवेदी (लंकेश) लिखा मिलता है।

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