semal flower benefits in hindi | Semal Benefits and Uses in Hindi | sikl cotton सेमल के फायदे

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semal flower benefits in hindi | Semal Benefits and Uses in Hindi | सेमल के फायदे | सेमल फूल, फल, पेड़ के लाभ, गुण और आयुर्वेदिक फायदे sikl cotton
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semal flower benefits in hindi | Semal Benefits and Uses in Hindi | सेमल के फायदे | सेमल फूल, फल, पेड़ के लाभ, गुण और आयुर्वेदिक फायदे 

Semal Benefits : जहाँ एक और भारत विविधता में एकता का प्रतीक है वही भौगोलिक दृष्टि से देखे तो जलवायु के लिहाज से भी भारत अन्य देशों की तुलना में अच्छी स्थिति में है। यही कारण है कि भारत में विभिन्न प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त पेड़-पौधे एवं जड़ी बूटियां

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पाई जाती है।

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भारत का कई हज़ार वर्ष पुराना आयुर्वेदिक इतिहास रहा है इसीलिए आज हम अपने रीडर्स को ऐसे ही एक औषधीय गुणों से भरपूर वृक्ष के बारे में बता रहे है जो न केवल शीतल छाया प्रदान करता है बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर है। आप भी इस पेड़ के औषधीय गुणों से लाभ उठा सकते है। हमारे देश में कई ऐसे पेड़-पौधे हैं,

जिनका उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इन्हीं से सेमल (Semal Flower in Hindi) भी शामिल है। इस वृक्ष को आप मे से बहुत लोगो ने देखा जरूर हो मगर इसके औषधीय गुणों के बारे में अभी तक अनजान हो,

सेमल (Semal) एक पेड़ है, जो उत्तराखंड में अधिक पाया जाता है। सेमल की छाल, फूल, जड़ और फल कई बीमारियों से निजात दिलाने में कारगर होते हैं। सेमल के पेड़ को साइलेंट डाक्टर कहा जाए तो अनुचित नहीं होगा। इसके फूल, फल, छाल आदि कई बीमारियों से निजात दिलाने में कारगर होते हैं।

सेमल महिलाओं के लिए तो किसी वरदान से कम नहीं होता है। इसके पत्ते रक्तशोधन का बेहतर जरिया होते हैं, जबकि जड़ को ल्यूकोरिया की बेहतर औषधि माना गया है। सेमल (Semal) का फल एक कैप्सूल जैसा होता है। ये फल पकने पर श्वेत रंग के रेशे, कुछ कुछ कपास की तरह के निकलते हैं। इसके तने पर एक इंच तक के मजबूत कांटे भरे होते हैं। इसकी लकड़ी इमारती काम के उपयुक्त नहीं होती है।आज sangeetaspen.com में आपको सेमल के फूल के फायदों (Semal Flower Benefits in Hindi) के बारे में बताने जा रहे हैं

semal flower benefits in hindi | Semal Benefits and Uses in Hindi | सेमल के फायदे | सेमल फूल, फल, पेड़ के लाभ, गुण और आयुर्वेदिक फायदे sikl cotton
सेमल फूल, फल, पेड़ के लाभ, गुण और आयुर्वेदिक फायदे sikl cotton

उत्तर भारत में इसे सेम्बल,सेमल (Semal) नाम से जाना जाने वाला यह वृक्ष अत्यंत गुणकारी है संस्कृत में शिम्बल और शाल्मली ,इंग्लिश में कॉटन ट्री (sikl cotton) के नाम से भी जाना जाता है फाल्गुन माह (मुख्यतः फरवरी और मार्च ) में जब इस वृक्ष की पत्तियाँ बिल्कुल झड़ जाती हैं और इस पेड़ का सिर्फ ठूँठा ही रह जाता है भरे हुए लाल फूल दिखाई पड़ते है। तब यह इन्हीं लाल फूलों से गुछा लदा हुआ दिखाई पड़ता है।

अक्सर आप लोगो ने इस वृक्ष को सरकारी भवन,इमारतों और सड़कों के किनारे इन्हें लगा देखा होगा, पेड़ के दलों के झड़ जाने पर डोडा या फल रह जाता है इसी फल को उत्तर भारत में विशेषत उत्तर प्रदेश,उत्तराखण्ड के लोग इसके फल की सब्जी,व लडडू बनाकर इस्तेमाल में लाते है। अन्य रोगों में भी इसका उपयोग अलग अलग तरह से किया जाता है।

आयुर्वेद में सेमल का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर है तथा इसके फूल,छाल,फल व पत्तियों का विभिन्न रोगों में अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया जाता है। इस औषधि युक्त वृक्ष का उपयोग :- प्रदर रोग ,नपुंसकता ,अतिसार, जख्म,पेचिस, गिल्टी या ट्यूमर,कब्ज ,कमर दर्द,पित्त, रक्तविकार ,फोड़े फुंसी,स्तन में शिथिलता ,दूध बढ़ाने में सहायक, खांसी व अन्य विभिन्न रोग निवारक क्षमता में उपयोग किया जाता है।

सेमल क्या है – What is Semal in Hindi

सेमल एक तरह का पेड़ है, जो मालवेसी परिवार से संबंध रखता है। इसका वैज्ञानिक नाम बॉम्बैक्स सेइबा (Bombax Ceiba) है। सेमल के पेड़ को ​मालाबार कॉटन ट्री, (sikl cotton) रेड सिल्क कॉटन और रेड कॉटन के नाम से भी जाना जाता हैं। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 30 मीटर तक होती है

सेमल की पत्तियां छह से सात के समूह में होती हैं और इस पेड़ पर लाल रंग के फूल खिलते हैं। इसके फूल में ही फल भी लगते हैं, जो शुरुआत में हरे रंग और समय बीतने पर भूरे या काले होने लगता हैं

सेमल के फायदे – Benefits of Semal in Hindi

डायरिया में फायदेमंद – सेमल के फूलों (Semal Flower in Hindi) का उपयोग डायरिया या दस्त की समस्या का ठीक करने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए आप सेमल के फूलों (Semal ke Phool ke Fayde) के ऊपरी छिलकों को रातभर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह मिश्री में मिलाकर इनका सेवन करें। इससे आपको डायरिया की समस्या से काफी राहत मिलेगी।

कब्ज की समस्या दूर करे – आजकल अधिकतर लोग कब्ज की समस्या (Constipation Home Remedies) से परेशान रहते हैं। अगर आप भी कब्ज से निजात पाना चाहते हैं, तो सेमल के फूलों का उपयोग कर सकते हैं। सेमल के फूल (Semal Flower Benefits in Hindi) की सब्जी खाने से कब्ज की समस्या में काफी हद तक आराम मिलता है। सेमल के फूल अंदरुनी अंगों की भी अच्छे से सफाई करते हैं।

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Semal Benefits and Uses in Hindi

कमरदर्द में आराम दिलाए – अधिकतर लोग कमर में दर्द (Back Pain Home Remedies) की शिकायत करते हैं। इसके लिए वे दर्दनिवारक दवाइयों (Painkillers) का सेवन करते हैं। लेकिन आप चाहें तो सेमल के फूल से भी कमर के दर्द में आराम पा सकते हैं। सेमल के फूल (Semal Flower Benefits) के बाहरी हिस्से की सब्जी कमरदर्द में फायदेमंद होती है। आप चाहें तो इसके लड्डू भी बना सकते हैं। यह बहुत ही ताकतवर होता है, शरीर मजबूत बनता है। सेमल के फूल की सब्जी खाने से कमजोरी भी दूर होती है।

मासिक धर्म में मदद – मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए भी सेमल के फूल के फायदे देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, सेमल की जड़ में एंटी ऑक्सीडेंट क्षमता होती है। इस प्रभाव के कारण सेमल को मासिक धर्म के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्त्राव को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है

त्वचा के लिए फायदेमंद – सेमल के फूल त्वचा संबंधित समस्याओं (Skin Problems) से भी बचाव करते हैं। सेमल के फूल में एंटी एजिंग गुण (Anti Aging Properties) होते हैं, तो बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करते हैं। साथ ही त्वचा पर झुर्रियां, फाइन लाइंस भी जल्दी नहीं पड़ने देते हैं। इसके लिए आप सेमल के फूल की सब्जी खा सकते हैं, चाहें तो सेमल के फूल को चेहरे पर भी लगा सकते हैं।

सेमल के नुकसान – Side Effects of Semal in Hindi

सेमल के पेड़ के फायदे के साथ ही कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। अक्सर सेमल के नुकसान इसका अधिक सेवन करने पर ही नजर आते हैं। यही वजह है कि सेमल को हमेशा सीमित मात्रा में ही लेने की सलाह दी जाती है। आगे पढ़िए, सेमल के नुकसान –

  • अगर कोई सेमल के साथ ही मधुमेह के लिए दवाई ले रहा है, तो इससे निम्न रक्त शुगर की समस्या हो सकती है।
  • दरअसल, इसमें एंटी-डायबिटिक गतिविधि होती है, जिससे रक्त शुगर कम हो सकता है।
  • सेमल के पत्ते और जड़ में नाइट्राइट होता है, जो व्यक्ति पर टॉक्सिक प्रभाव डाल सकता है ।
  • इसमें नाइट्राइट की अधिक मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन के ऑक्सीकरण द्वारा मेथेमोग्लोबिनेमिया जैसे नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है । मेथेमोग्लोबिनेमिया रक्त संबंधी एक विकार है, जिससे रक्त में इसका उत्पादन अधिक होने लगता है ।
  • सेमल के उपयोग से कुछ लोगों को पोलेन (पौधों से होने वाली) एलर्जी हो सकती है ।
  • गर्भवतियों को सेमल का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
  • किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना सेमल का उपयोग न करें।

सेमल खाने का सही तरीका – How to Use Semal in Hindi

  • सेमल चूर्ण को दूध या पानी के साथ मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • इसके पाउडर को शहद के साथ भी ले सकते हैं।
  • सेमल के ताजे पत्तों के रस को छानकर इसमें पानी मिलाकर पी सकते हैं।
  • इसके छाल से पेस्ट बनाकर त्वचा में हुई समस्या पर लगा सकते हैं।
  • सेमल जड़ का पाउडर, काली मिर्च और अदरक पाउडर से साथ मिक्स करके चूर्ण बना सकते हैं।
  • सेमल की पत्तियों, जड़ या छाल से काढ़ा बना सकते हैं।

कब उपयोग करें

  • इसके चूर्ण को रात में सोने से पहले दूध या पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
  • सेमल की पत्तियों के जूस को सुबह पिया जा सकता है।
  • इसके काढ़े को सर्दी-जुकाम के दौरान किसी भी समय ले सकते हैं।

कितना उपयोग करें

सेमल के सेवन की सही मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य और उम्र पर निर्भर करती है। इसी वजह से इसे जानने के लिए डायटीशियन या डॉक्टर की मदद लें सकते हैं। 

सेमल का तना-छाल और जड़ को 5-10 ग्राम ले सकते हैं
फल को 1-3 ग्राम तक खाया जा सकता है
इसके फूल को 10-20 ग्राम
सेमल के गोंद को 1 से 2 ग्राम तक ले सकते हैं

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