Side Effects of Eating Soybean in Hindi | Soybean is Bad or Good | soybean can be harmful to your health | Soybean ke Fayde or Nuksan | सोयाबीन के नुकसान

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Soybean is Bad or Good
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Side Effects of Eating soybean in Hindi | Soybean is Bad or Good | soybean can be harmful to your health | Soyabean ke Fayde or Nuksan | सोयाबीन के नुकसान

Soybean : सोयाबीन का वानस्पतिक नाम ग्लाईसीन मैक्स (Glycine max)है । यह तिलहन के बजाय दलहन की फसल मानी जाती है। सोयाबीन एक ऐसी खाद्य सामग्री है जिसका सेवन दुनियाभर में बहुत ज्यादा किया जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि यह प्रोटीन का एक सबसे बड़ा स्रोत है।

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इसीलिए इसे (soybean) एक पॉवरफुल फूड है और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का एक बेहतर स्रोत है। विशेषकर,वीगन या शाकाहारी डाइट लेने वाले लोगों के लिए प्रोटीन की डेली खुराक लेने के लिए सोयाबीन का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।

इसी के बने सोया प्रोटीन भी बाजार में बहुत ज्यादा बिकते दिखाई देते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि सोयाबीन के अंदर कैल्शियम, प्रोटीन, एमिनो एसिड, जिंक आयरन जैसे सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि आप सभी को एक बात बता दू,

की मैं सोयाबीन दाल (soybean Dal) की बात कर रही हु ना की सोयाबीन की बडियो की की soybean एक प्रकार की दाल है जिसकी प्रोसेसिंग करने के बाद सॉय प्रोटीन (soy protein), सॉय मिल्क (soy milk) और सॉय फाइबर (soy fiber) और सोया बड़ियां (soy nuggets) बनायी जाती हैं।

सोयाबीन में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसका सेवन करने से हाई कोलेस्ट्रॉल (high cholesterol), हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure), हार्ट डिज़िज़ेज़ ( heart disease), डायबिटीज (diabetes) और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (premenstrual syndrome) जैसी बीमारियों से बचाव के लिए इसके सेवन की सलाह दी जाती हैं। इतने फायदों के बावजूद सोयाबीन का सेवन हर स्थिति में या हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं है।

सोयाबीन बेशक प्रोटीन का एक बेहतर जरिया हो लेकिन ज्यादा सोयाबीन खाने से सेहत को नुकसान भी होता है। वहीं पुरुषों में इसके अत्यधिक सेवन से नपुंसकता और स्पर्म काउंट में कमी आ सकती है।

इसलिए सोयाबीन का सेवन हर किसी को एक सीमित मात्रा में करना चाहिए। सोयाबीन का सेवन करना पुरुषों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अगर आप सोया उत्पाद या सोयाबीन का सेवन अधिक करते हैं तो इससे आपका टेस्टोस्टेरोन लेवल बिगड़ सकता है।

इसके अलावा एलर्जी, कैंसर, और थायराइड से जुड़ी समस्या को भी यह पैदा कर सकता है। आज हम sangeetaspen.com के इस लेख में सोयाबीन के इन्हीं कुछ नुकसानों (Side Effects Of Soy In Hindi) के बारे में बताएंगे। चलिए जानते हैं।

सोयाबीन खाने से होने वाले नुकसान (Side Effects Of Soy)

हार्मोन्स का स्तर बिगड़ सकता है – सोयाबीन का बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन लेवल बिगड़ने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्टडीज के अनुसार, पुरुषों पर किए गए एक सर्वे में यह पाया गया कि सोया का सेवन करने वाले लोगों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल 19 फीसदी तक कम हो सकता है।इसके अलावा पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है और इसीलिए, पुरुषों को सोया का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।

डायबिटीज – अगर आपको डायबिटीज है और उसके बचाव हेतु दवाएं भी खा रहे हैं तो अपनी रोजाना की डाइट से सोयाबीन या इससे बने उत्पादों को बाहर कर दें। इसके अलावा अगर आपके परिवार में भी किसी को पहले डायबिटीज रह चुका है, तो सोयाबीन का घर में इस्तेमाल करना ही बंद कर दें।

side effects of eating soybean
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थायराइड का खतरा – कुछ स्टडीज में ऐसा देखा गया है कि सोया प्रॉडक्ट्स का अधिक सेवन करने से आपके लिए हाइपरथाइरोइडज्म का रिस्क बढ़ सकता है। थायराइड ग्लैंड के प्रभावित होने से लोगों को गॉइटर (Goiter) और ऑटोइम्यून थायराइड (Autoimmune Thyroid) जैसी बीमारियां भी होने का डर बढ़ सकता है। इसी तरह सोया का सेवन करने से थायराइड के इलाज के दौरान दी जाने वाली दवाइयों को भी ठीक तरीके से काम नहीं करने देतीं। जिससे थायराइड के लक्षणों(symptoms of Thyroid) से लम्बे समय तक आराम नहीं मिल पाता।

बढ़ जाती है एस्ट्रोजन की मात्रा – सोयाबीन के अधिक सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण महिलाओं को पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग, मासिक चक्र में गड़बड़ी, भूख न लगना, अनिद्रा, तनाव, अचानक वजन बढ़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जिक रिएक्शन्स – सोयाबीनखाने का एक बड़ा नुकसान यह भी है कि इसके सेवन से कई प्रकार के एलर्जिक रिएक्शन्स हो सकते हैं। विशेषकर बच्चों को सोयाबीन खिलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनमें एलर्जिक रिएक्शन का खतरा अधिक होता है। कुछ मामलों में एलर्जी जल्दी कम हो जाती है तो वहीं कुछ के लिए यह हमेशा की समस्या बन सकती है।

हृदय रोग के मरीज – कुछ शोधकर्ताओं की मानें तो सोयाबीन में ट्रांसफैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा सकता है और इसलिए जिन लोगों को पहले से हृदय रोग की समस्या है उन्हें सोयाबीन नहीं खाना चाहिए या फिर बेहद सीमित मात्रा में कभी-कभार ही सेवन करना चाहिए।

आपको किन सोया उत्पादों से बचना चाहिए?

सही प्रकार के सोया उत्पादों को चुनना आपको ऊपर बताए गए प्रतिकूल प्रभावों से बचा सकता है। यदि आपके शरीर में आयोडीन की कमी या थायरॉइड असंतुलन की समस्‍या है तो प्राकृतिक सोया खाद्य पदार्थों का चुनाव करें।

​एक दिन में कितना सोया खाना सुरक्षित है?

यूएस एफडीए के मुताबिक, रोजाना 25 ग्राम सोया का सेवन सुरक्षित लगता है। सोया की यह मात्रा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकती है।

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