Soft Drink are Injurious to Health | soft drink pine ke nuksan

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Soft Drink are Injurious to Health | Soft Drink pine ke nuksan  | क्या आप जानते है जो कोल्ड ड्रिंक आपकी प्यास बुझाती है , वही धरती का गला सुखाती है | 
Soft Drink are Injurious to Health

Soft Drink are Injurious to Health | Soft Drink pine ke nuksan  | क्या आप जानते है जो कोल्ड ड्रिंक आपकी प्यास बुझाती है , वही धरती का गला सुखाती है | 

गर्मियों का मौसम आ गया हैं और इसी के चलते हमें फ्रिज में सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) जरूर दिख जायेगी . घर, दफ्तर से लेकर लोग पार्टी फंक्‍शन में भी सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) को पीना पसंद करते हैं.यह हर उम्र के लोगों को खूब पसंद होती है।लेकिन युवाओं में तो इसका खासा क्रेज देखने को मिलता है. यही कारण है की बाजार में ज्यादातर डिमांड सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) की होती है जिससे सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) का कारोबार अरबो खरबो का होता है

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लेकिन इस सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) के क्रेज के कारण शरीर पर बहुत ही बुरा प्रभाव प़ड़ता है.यह आपके वजन को तो बढ़ाता है साथ ही इंसुलिन की समस्‍या को भी बढ़ाता है. इसके अलावा यह डाइबिटीज टाइप 2 की वजह भी बन सकता है. ऐसी ही कई अन्य समस्याएं जैसे मेटाबॉलिज्‍म का डिस्‍टर्ब होना, पेट की चर्बी बढ़ना, मधुमेह, दिल के रोग, अस्वस्थ दांत, आदि ये सभी सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) लेने से होते है तो

आइए आज की इस पोस्ट में जानते हैं कि अगर आप सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) का सेवन करें तो आपकी सेहत को क्‍या क्‍या नुकसान (Health Problems) हो सकता है.साथ ही ये भी जानेगे कुछ ऐसे देशी पेय पदार्थ जिन्हे आप घर पर आसानी से बनाकर सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) का एक बहुत अच्छा विकल्प तैयारी कर सकते है

इन पेय पदार्थो से आपको गर्मी से राहत मिलने के साथ ही अन्य शाररिक लाभ भी होंगे तो जानते है सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) सेहत को होने वाले नुकसान (Health Problems) के बारे में लेकिन सबसे पहले जानते है सॉफ्ट ड्रिंक किसे कहते है ?

सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पर हुयी लगातार कई रिसर्चों के माध्यम से सामने आता रहा है कि ये सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) हमारे शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हैं, लेकिन फिर भी आज के युवा और बच्चे इसका सेवन करने से बाज नहीं आते।

Cold Drinks are Injurious to Health cold drink pine ke nuksan
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ऐसा नहीं है कि देश में इसे बैन करने के लिए आवाज नहीं उठी, लेकिन फिर भी सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए है। हालांकि रिसर्च में बार-बार जो सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) के दुष्प्रभावों की बात सामने आ रही है जो बहुत चिंताजनक है और सरकार को इस पर जल्द से जल्द कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

सॉफ्ट ड्रिंक किसे कहते है ?

सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) को सॉफ्ट इसलिए कहा जाता है कि यह हार्ड ड्रिंक्स (अल्कोहल पेयों) से अलग होते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स नॉन अल्कोहलिक ड्रिंक्स होते हैं अर्थात इनमें अल्कोहल नहीं होता है। इसलिए ये ‘सॉफ्ट’ होते हैं। हालांकि इनमें भी अल्कोहल की थोड़ी-सी मात्रा हो सकती है,

लेकिन यह मात्रा कुल मात्रा की 0.5 फीसदी से भी कम होती है। सॉफ्ट ड्रिंक्स में कोला, फ्लेवर्ड, वाटर, सोडा पानी, नींबू पानी (यदि सोडे में है तो), आइस्ड टी, फ्रूट जूस, चाय और ऐसे ही गैर-अल्कोहल पेयों की गिनती होती है।

वहीं एक सवाल इसमें ये भी उठाता है कि जब यह सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) देश की संसद की कैंटिन में बैन है तो इसे आम जनता के लिए क्यों बैन नही किया गया।जी हां संसद की कैंटिन में सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) बैन है

अब ऐसी कुछ रिसर्चों के बारे में बताती हु। जिनमें सामने आया है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीना कितना हानिकारक हो सकता है।

2015 में ब्रिटेन के एक बहुत बड़े अखबार ने एक रिसर्च को प्रकाशित किया था। ये रिसर्च दुनिया के मशहूर हेल्थ मामलों पर लिखने वाले वेड मेरेडिथ ने किया था। आज उसी रिसर्च के आधार पर आपको बता रही हु कि सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) आपके शरीर में जाने के 1 घंटे के भीतर क्या प्रभाव करती है।

लेकिन सबसे पहले ये बता दू ही ये रिसर्च 350 ml की सोफ्ट ड्रिंक (soft Drink) की कैन/बोतल पर आधारित है। इस रिसर्च के मुताबिक जब आप 350 ml सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीते हैं तो शुरुआती 10 मिनट में ही आपके शरीर में 10 चम्मच चीनी चली जाती है। ये चीनी आपके दिनभर की जरूरत के बराबर से भी ज्यादा है।

sugar
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हालांकि अगर कोई सीधे तौर पर इतनी चीनी खाए (sugar) तो अक्सर उसे उलटी हो जाती है, लेकिन सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीने पर ऐसा इसलिए नहीं होता क्योंकि इसमें फॉस्फोरिक एसिड मौजूद होता है, जो कोल्ड ड्रिंक की मिठास को कम करता है।

सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीने के 20 मिनट बाद आपके शरीर में ब्लड शुगर बढ़ जाती है। इससे शरीर में इंसुलिन का बहाव तेजी से होने लगता है और आपका लिवर इसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है,ऐसा करने के लिए लिवर इस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदल देता है।

वहीं सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीने के 40 मिनट बाद शरीर उसमें मजूद कैफीन को पूरी तरह से ग्रहण कर लेता है। इससे आपकी आंखों की पुतलियां फैलने लगती हैं और आप अलर्ट महसूस करने लगते हैं। आपकी नींद टूटने लगती है और आलस दूर होने लगता है। इस दौरान आपका बल्ड प्रेशर बढ़ जाता है जिसे काबू करने के लिए आपका लिवर और ज्याद शुगर छोड़ने लगता है।

45 मिनट के बाद शरीर में डोपामाइन नामक केमिकल की मात्रा बढ़ने लगती है। ये केमिकल दिमाग के खुशी देने वाले हिस्से को सक्रिय कर देता है। आपकी जानकारी के लिए बता दू कि हिरोइन जैसे ड्रग्स भी आपके शरीर में इसी तरह से काम करते हैं।

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वहीं सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पीने के 60 मिनट बाद फॉसफोरिक एसिड अपना असर दिखाते हुए कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे मिनरल्स को शरीर की स्मॉल इंटैस्टाइन यानि छोटी आंत में भेज देता है।

इसकी वजह से आप यूरिनेशन के लिए मजबूर हो जाते हैं। इस तरह आपके शरीर में कोल्ड ड्रिंक के जरिए पहुंचा हुआ सारा पानी शरीर से पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है। इसके अलावा फॉसफोरिक एसिड और कैफिन की मौजूदगी की वजह से कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे मिनरल्स आपकी हड्डियों तक नहीं पहुंच पाते जिससे वह कमजोर होने लगती हैं।

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1 घंटे बाद आपका शरीर थका हुआ महसूस करने लगता है और शरीर में मौजूद जरूरी पोषक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। इससे आपकी हड्डियों और दातों को भारी नुकसान पहुंचता है। साथ ही आपका शरीर ठीक से हाइड्रेट नहीं हो पाता। यानि सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) आपके शरीर में मौजूद पानी को सुखा देती है। मतलब साफ है कि प्यास बुझाने के लिए पी जाने वाली सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) असल में आपकी प्यास और बढ़ा देती है।

अक्टूबर 2016 में स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने पेप्सी, कोकाकोला, माउंटेन ड्यू, स्प्राइट और सेवन अप के जो सैंपल लिए गए थे इनमें लेड, क्रोमियम, कैडमियम और डाई पैथलेट की पुष्टि हुई थी। ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने 5 सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, इन्हें कोलकाता के नेशनल टेस्ट हाउस भेजा गया था और जांच रिपोर्ट में इनमें जहरीले पदार्थ पाए गए हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक्स के हेल्थ पर प्रभाव की रिपोर्ट अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की मीटिंग में प्रस्तुत हुई जिसमे ख़तरनाक बीमारी को बुलावा देने की बात सामने आई थी।

हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की स्टडी

हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की स्टडी से पता चला है कि अति मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स केवल मोटापा ही नहीं बढ़ाते बल्कि जान के दुश्मन भी हैं, मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन पूरे विश्व में हर साल लगभग पौने दो लाख (1,80000) लोगों की मौत का कारण बनता हैं। इनके सेवन के चलते हर साल लगभग एक लाख तैंतीस हज़ार लोग डायबिटीज़ के शिकार होकर, लगभग 6000 लोग कैंसर का शिकार होकर और लगभग 44,000 लोग दिल की बीमारियों का शिकार होकर मर जाते हैं।

 क्या आप जानते है गर्मियों में प्यास बुझाने के लिए पी जाने वाली सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) कैसे बढ़ाती है आपकी प्यास। 

अब एक और ध्यान देने वाली ये है कि ये सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) सिर्फ आपके शरीर को ही नुकसान नहीं पहुंचा रही है बल्कि धरती को भी नुकसान पहुंचा रही है। दरअसल, एक नामी कोला कंपनी द्वारा कराए गए रिसर्च में सामने आया है कि आधा लीटर यानि 500 ml सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) को तैयार करने के लिए 35 लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

अब सभी को सोचना चाहिए कि सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) बनाने वाली कंपनियां न केवल आपके शरीर को खराब कर रही है बल्कि पानी का इतनी मात्रा में इस्तेमाल करके आने वाली पीढ़ी की भी मुसिबतें बढ़ा रही है।कई बार बहुत से लोग ये कहते है की सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) पिने से पेट की गैस निकल जाती है आइये जानते है इस बात में कितनी सच्चाई है

क्या सच में पेट की गैस निकाल देती है कोल्ड ड्रिंक ?


कई लोग पेट फूलने या गैस की समस्या का घरेलू इलाज सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) से करते रहते हैं. इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो कई-कई महीनों तक इस आदत को जारी रखते हैं. यह एक बिल्कुल गलत आदत है. क्योंकि, इससे एक तो वह पेट फूलने की मूल वजहों को नजरअंदाज करते रहते हैं और उन्हें विकराल बना लेते हैं. दूसरा सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) के अपने दुष्प्रभावों से नई समस्याओं को उत्पन्न कर लेते हैं.


डकार का कारण (Burp after drinking cold drink)

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में घुली हुई कार्बन डाईऑक्साइड गैस (carbondioxide in cold drink) होती है, जिसके कारण उसमें बबल्स या फिज बनती है. जब सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) आपके पेट में पहुंचती है, तो घुली हुई कार्बन डाईऑक्साइड वापिस गैस के रूप में परिवर्तित होती है और डकार के माध्यम से बाहर निकल जाती है.

लोगों को लगता है कि इससे उनकी पेट में फंसी हुई गैस निकली है, जबकि इस सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) से बनी बहुत ज्यादा गैस के कारण डकार आती है। यह डकार लोगों को बस मेंटल सेटिस्फेक्शन (मानसिक शांति) देती है, जिससे वे इसे लगातार लेते रहते हैं और अपनी परेशानियों को बढ़ाते रहते हैं।

पेट फूलना या गैस बनने के कारण (Causes of Bloating or Gas in stomach)

भोजन के बाद पेट फूलने की कई वजहें हो सकती हैं, जिसमें अल्सर्स, गॉल ब्लैडर में सूजन या स्टोन्स, गुर्दे की पथरी, लिवर में समस्या, हार्ट की कमजोरी आदि प्रमुख हैं.

सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) कितनी ख़तरनाक है इस बात का अंदाजा लगाने के लिए याद करे की कुछ समय पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मशहूर पुर्तगाली फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Portuguese footballer Cristiano Ronaldo) ने सामने रखी कोल्ड ड्रिंक्स को हटाकर पानी पीने का संदेश दिया था.ये वाक्या आप सभी को याद होगा

अब बात करते है कोल्ड ड्रिंक (cold drink)की जगह पर हमें क्या पेय पदार्थ लेने चाहिए

हम गर्मी से राहत पाने के लिए और सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drink) से होने वाले नुकसानो से अपने शरीर को बचने के लिए घर पर बने पेय पदार्थ ले सकते है जिनसे नीबू की शिकंजी,आम का पना,सत्तू, लस्सी, छाछ, पुदीना, शर्बत, ठंडाई, गन्ने का रस, बेल का शर्बत, तरबूज का रस, फालसे का शर्बत, ताजे फलों का जूस,Iced Tea, जलजीरा, आदि है।

इसके अलावा आप कुछ शर्बत भी बनाकर ले सकते है जिनमे मुख्य है गुलाब शर्बत, खस शर्बत, ब्राह्मी शर्बत, शंखपुष्पी शर्बत, चंदन शर्बत, उशीर शर्बत आदि ये पेय पदार्थ स्वादिस्ट होने के साथ साथ शुद्ध भी है क्युकी इन्हे हम खुद बना रहे है या अपनी नजरो के सामने तैयार होता देख रहे है साथ ही इनमे कोई मिलावट भी नहीं है

इन शर्बत एवं घरेलु पेय पदार्थो के बारे अधिक जानकारी के लिए विजिट करे

यह जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.आशा करती हु आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर पोस्ट से सहमत है तो इसे अन्य लोगो के साथ साझा अवश्य करे साथ ही अपनी राय कमेंट के माध्यम से अवश्य दे

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