गन्ने से चीनी बनाने की पूरी जानकारी

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गन्ने से शक्कर (चीनी ) बनाने की पूरी जानकारी- chini kaise banti hai

चीनी कैसे बनती है
चीनी कैसे बनती है

चीनी कैसे बनती है ?

sugar making  : सबसे पहली चीनी बनने को खेतों से गन्ने

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को काटकर शुगर मिल तक लाया जाता है । और यह चीनी बनने (sugar making) की पहली प्रक्रिया है । हालांकि इसे बनाने में शकरकंदी का भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन भारी मात्रा में ही चीनी बनाने (sugar making) में उपयोगी होता है । तो इस वजह से जब गन्ने को खेतों से काटकर शुगर मिल तक लाया जाता है । उन के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाते हैं। और उन टुकड़े के लिए इन्हें चोपर नामी मशीन में डाला जाता है। 

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और इस मशीन में गन्ने बराबर साइज के टुकड़े होते हैं।ऐसा इसलिए होता है । कि ताकि सही मात्रा में गन्ने को निचोड़ कर ज्यादा से ज्यादा रस निकाला जा सके। और फिर गन्ने को धोया जाता है। और उसके बाद कैंकसर मैं डाल दिया जाता है।

ताकि गन्ने का रस पूरी तरह से अलग हो जाए। अब इसके बाद रो-रो शुगर को अलग करने के लिए एक खास तरीके के छलनी से गुजारा जाता है जहां देसी चीनी और सिरे को अलग कर दिया जाता है ।

उसे को मौला शो कहते हैं और इसे कई तरीके के प्रोसेस से गुजार कर चीनी बनाया (sugar making) जाता है। आखिर में जो मोना सो बचता है उसे फाइनल मोना शो कहते हैं।

और यह शुगर एडीडास बाय प्रोडक्ट होता है। जबकि असली होने वाले देसी चीनी को गर्म पानी में डालकर दोबारा से गर्म किया जाता है। और फिर निकाल कर लिकर मे डाल दिया जाता है। जिसके अंदर कई तरीके के फूड केमिकल डाल दिए जाते हैं । ताकि चीनी का कलर सफेद हो जाए ।

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और फिर इसे छानकर वेरीफाई किया जाता है ।और फिर उससे हासिल होने वाले चीनी को गर्म हवा से पूरी तरह से साफ कर दिया जाता है जिसके बाद फाइनली चीनी के दानों को चीनी की साइज की छलनी से गुजार तक अलग अलग कर दिया जाता है । जहां बारिक वह मोटे दाने वाली चीनी को पैक (sugar making) करके सप्लाई करने के लिए भेज दिया जाता है । जो दाने छोटे-छोटे रह जाते हैं उसे पीसकर शुगर पाउडर बना दिया जाता है।

इस प्रक्रिया द्वारा गन्ने के रस (sugar making) में स्थित सारे विटामिन्स (थायामिन, नायसिन,राइबोफ्लेविन, फौलिक एसिड, विटामिन बी- काम्प्लेक्स) और मिनिरल्स (कैल्शियम,मैग्नीशियम, पोटेशियम,फास्फोरस,आयरन, सोडियम, व् में जिंक व् क्रोमियम (कम मात्रा) आदि सब निकाल दिए जाते हैं । इतने विटामिन्स और मिनिरल्स निकल जाने के बाद बच्चे चीनी रूपी उत्पाद में सिर्फ ग्लूकोस ही बचता है ।

 

चीनी अपनी मिठास के कारण बहुत ज्यादा प्रचलित है परन्तु क्या आप जानते है की यह हमारी सेहत को कितना नुक्सान पहुँचता है

जी हां मीठी लगने वाली यह चीनी (sugar making) हमारे सेहत के लिए कड़वी साबित होती है ।शुगर का बहुत अधिक प्रयोग आपके शरीर में बीमारियों की कड़वाहट घोल सकता है । इसे जितना कम खाने की आदत डालो उतना ही अच्‍छा । चीनी की अधिक मात्रा होने से मोटापा, मधुमेह, और दाँतों तथा हडियो की समस्या होती है। चीनी का केमिकल नाम C12H2OH 

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लेकिन चीनी (शुगर) का प्रयोग तो कई वर्षों से किया जा रहा है, अब इसके सेहत पर असर को इतना गंभीर क्‍यों माना जा रहा है । इस सवाल का जवाब आपकी जीवनशैली में छिपा है।

यह किसी जहर से कम नहीं चीनी एक स्लो पॉयजन के रूप में काम करती है जिससे हमे अनेको बीमारियों का सामना करना पड़ता है जी हां चीनी गन्ने (sugar making) से ही बनती है पर इसकी प्रोसेसिंग में बहुत ज्यादा केमिकल यूज किये जाते है आज हम आपसे चीनी के अन्य विकल्पों के बारे में और चीनी से होने वाली बीमारियों के बारे में बात करेंगे

चीनी से होने वाली बीमारियों के बारे में

बीपी हाई होना — चीनी हमारे शरीर में पहुंचकर रक्त के दबाव को कम-ज्यादा करने लगती है क्युकी इसमें कार्बोहाइड्रेट होती है जिसके कारण हाई बीपी का खतरा रहता है और बीपी हाई होने से कई अन्य बीमारिया होती हैं जैसे की हार्ट अटैक की सम्भावनाये बाद जाती है

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खाना पचने में मुश्किल — शुगर पचाने में 500 कैलोरी ऊर्जा खपत होती है।अगर आप मेहनत नहीं करेंगे तो आपके शरीर में अम्‍ल पैदा होने लगता जिससे पाचन तंत्र को नुकसान होता हैं

मधुमेह का कारक– चीनी अधिक मात्रा में खाने से डायबिटीज की समस्‍या हो जाती है

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ब्रेन अटैक के चांस — ज्यादा चीनी खाने से रक्‍त के दबाव को प्रभावित करता है जिसके कारण हाई बीपी की समस्या बढ़ती है ।और ब्‍लड असंतुलन होने से इसका असर हमारे मस्तिष्‍क पर पड़ने लगता है और व्‍यक्ति को ब्रेन अटैक या ब्रेन हैमरेज तक हो सकता है ।

चीनी के विकल्प


गुड़ – गुड़ की मिठास से हम सेहतमंद रह सकते हैं इसे बनाने का तरीका प्राकृतिक होता है। कहा जाता हे की गुड़ जितना काला होता है, वह उतना ही शुद्ध् और स्वस्थ होता है चमकदार लाल गुड़ सही होता हे परन्तु उतना सही नहीं होता है

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धागे वाली मिश्री – मिश्री को खांड भी कहा जाता है मिश्री चीनी से अधिक हेल्दी माना जाता है। पुराने समय में खांड (मिश्री ) ही यूज हुआ करती थी लेकिन चीनी के प्रचलन से मिश्री की लोकपिर्यता कम होने लगी है।

खजूर से बना गुड़ – सेहतमंद रहने के लिए खजूर से बना गुड़ बहुत फायदेमंद होता है। इसे भी प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है और इसमें भी किसी केमिकल का यूज नहीं होता। ये स्वादिष्ट भी खूब होता है।

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चीनी के स्थान पर दिए गए गए विकल्प किसी भी किराने की दुकान पर आसानी से मिल जायेगे

तो अब आपको अच्छे समझ आ गया होगा कि चीनी किस तरह से खेतों में लगे गन्ने से लेकर चीनी के दानों तक का सफर तय करके हमारे किचन तक पहुँचती है। बाकी आपको इसके बारे में क्या कहना है ।

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