Surya Namaskar Benefits And side effects In Hindi | surya namaska precautions

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Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi |75 crore surya namaska
Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi

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सूर्य नमस्कार के विषय में संस्कृत में कहा गया है।

आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते ॥

(जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है।)

Surya Namaskar Benefits And side effects In Hindi | surya namaska precautions In Hindi |75 crore surya namaska

Surya Namaskar : सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है।विश्व भर में कई लोग योगा से जुड़े हुए हैं और रोजाना कई प्रकार के योगा से जुड़े हुए आसन करते हैं. सूर्य नमस्कार के अभ्यास से फेफड़ों के अंदर शुद्ध हवा का पर्याप्त मात्रा में प्रवेश होता है।

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इस व्यायाम से रोग तो दूर भागते ही हैं।योगा के तहत ही सूर्य नमस्कार भी किया जाता है और ऐसा माना जाता है कि सूर्य नमस्कार या प्रणाम करने के दौरान ब्रह्मांड से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जो कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है.सूर्य नमस्कार के अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।

सूर्य नमस्कार क्या है | Surya Namaskar Meaning

 

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) एक प्रकार का शारीरिक क्रिया होति है जो कि सूर्योदय के समय की जाती है और इसलिए इसको सूर्य नमस्कार कहा जाता है. इस व्यायाम के दौरान सूर्य भगवान की पूजा की जाती है और इसके दैनिक अभ्यास से हमारा शरीर निरोगी, स्वस्थ और चेहरा ओजपूर्ण हो जाता है। इसे 12 चरणों के तहत किया जाता है. इन चरणों के अलग अलग नाम होते हैं और इनको अलग अलग तरह से किया जाता है.

सूर्य नमस्कार के 12 आसन कौन-कौन से हैं?

सूर्य नमस्कार में बारह आसन होते हैं |

  • प्रणाम आसन |  Prayer pose
  • हस्तउत्तानासन | Raised Arms pose
  • पाद-हस्तानसन /हस्तपाद आसन | Hand to Foot pose
  • अश्व संचालन आसन | Equestrian pose
  • दंडासन | Dandasan (Stick pose)
  • अष्टांग नमस्कार | Ashtang Namaskar
  • भुजंग आसन | Bhujangasana (Cobra pose)
  • पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose)
  • अश्वसंचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose)
  • हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose)
  • हस्तउत्थान आसन | Hastauttanasana (Raised Arms pose)
  • ताड़ासन | Tadasana

Surya Namaskar Steps In Hindi | सूर्य नमस्कार स्टेप्स

 

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सूर्य नमस्कार के फायदे |Health Benefits Of Surya Namaskar | Surya Namskar Steps & Precautions In Hindi

सूर्य नमस्कार से हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ हैं। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं।

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा सबल होते हैं। पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। सूर्य नमस्कार के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक कई लाभ हैं :

सूर्य नमस्कार करने से आप बनते हैं स्वस्थ और हृष्ट- पुष्ट – सूर्य नमस्कार न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य प्रदान करता है बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक बल भी प्रदान करता है। सूर्य नमस्कार के 12 आसन हमारे पूरे शरीर के आतंरिक और बाहरी अंगों को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखते हैं।

बेहतर होता है पाचन तंत्र (Digestive System)–  सूर्य नमस्कार के आसान हमारे पेट के आतंरिक भाग को मज़बूत बनाए रखने में सहायता करते हैं। यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर हैं। तो सूर्य नमस्कार जरूर करना चाहिए, क्योंकि नियमित रूप से सूर्य नमस्कार कर रहे हैं तो आपका पाचन तंत्र मज़बूत रहता है और पेट से सम्बन्धित बीमारियाँ आपको तंग नहीं करतीं।और गैस की समस्या से भी राहत प्रदान होती है. इसलिए जिन लोगों का पाचन तंत्र वीक है, वो इसे जरूर करें

उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) – सूर्य नमस्कार को अगर सही तरह से किया जाए, तो इसकी सहायता से उच्च रक्तचाप की परेशानी को सही किया जा सकता है. दरअसल इसे करने के दौरान शरीर में खून अच्छे से प्रवाह होने लगता है और ऐसा होने से उच्च रक्तचाप नियंत्रित हो जाता है. साथ में ही ये दिल की नसों को भी मजबूती प्रदान करता है.

सूर्य नमस्कार करने से पेट की चर्बी घटती है (Helps Lose Weight) – जो लोग मोटापे से परेशान है.और दिन- रात गूगल पर केवल अपने पेट की चर्बी कम करने की तरकीबें ढूंढते रहते हैं, उनके लिए शरीर को फिट बनाने वाली खुशखबरी है। आज ही सूर्य नमस्कार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लें, आप पाएंगे कि कुछ दिन में ही आप अपने ही सपनों के राजकुमार या राजकुमारी से भी फिट दिखने लगेंगे।और इसकी मदद से उपापचय को भी सही किया जा सकता है.

शरीर को डीटॉक्स करता है सूर्य नमस्कार – हमारा शरीर, आये दिन के तनाव और जीवन शैली के बदलाव के कारण टॉक्सिंस इकठ्ठा करता रहता है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास हमारे शरीर के अनचाहे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलने में हमारी मदद करता है।

मांसपेशियों और जोड़ों को करे मजबूत (Helps Strengthen muscles And Joints) – विभिन्न प्रकार के आसन सूर्य नमस्कार के दौरान किए जाते हैं जिनकी मदद से मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूती मिलती है. इनके अलावा गर्दन हाथ और पैर भी मजबूत हो जाते हैं.

मन की हर चिंता और तनाव को आपसे दूर रखता है सूर्य नमस्कार – सूर्य नमस्कार न केवल हमें शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रखता है बल्कि मानसिक रूप से भी चिंतामुक्त और तनावमुक्त बनाए रखता है। सूर्य नमस्कार के 12 आसन हमें दिन भर तारो ताज़ा अनुभव करने में हमारी मदद करते हैं।

शरीर में लचीलापन चाहिए तो सूर्य नमस्कार है कुंजी – सूर्य नमस्कार 12 आसनों का एक व्यायाम है। अलग-अलग आसन, शरीर के अलग-अलग अंगों पर अपना प्रभाव डालते हैं । जब हम एक आसन से दूसरे आसन में जाते हैं तो व्यायाम की निरंतरता बनी रहती है और हमारे शरीर के सभी अंगों में लचीलापन और दृढ़ता आती है। अगर आप प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं तो आप पायेंगे कि आपके शरीर में अकड़न नहीं रहती और आप अपने आपको अधिक लचीला अनुभव करते हैं।

मासिक-धर्म करना है नियमित, तो रोज़ करें सूर्य नमस्कार (Regular Menstrual Cycle)  – जो महिलायें अपने मासिक धर्म में अनियमितता से परेशान हैं,और जिनको इन दिनों के दौरान पेट में काफी दर्द रहती है, सूर्य नमस्कार आपके लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है। नियमित सूर्य नमस्कार पेट के निचले हिस्से, नितम्ब, गर्भाशय (यूट्रस) और अंडाशय (ओवरी) को स्वस्थ बनाता है और मासिक धर्म की अनियमितता की समस्य को जड़ से दूर करता है।इसके अलावा सूर्य नमस्कार करने से डिलेवरी के समय ज्यादा परेशानी भी नहीं होती है और आसानी से डिलेवरी हो जाती है

Surya Namaskar Benefits: You Get These Tremendous Health Benefits By Doing  Suryanamaskar Every Morning, Include It In Your Daily Routine | Surya  Namaskar Benefits: रोजाना सुबह सूर्यनमस्कार करने से मिलते हैं ये

स्वास्थ्य के प्रति सचेत महिलाओं के लिए यह एक वरदान है। इससे आप न केवल अतिरिक्त कैलोरी कम करते है बल्कि पेट की मांसपेशियो के सहज खिचाव से बिना खर्चे सही आकार पा सकते हैं।

कई बीमारियों से मिले राहत – सूर्य नमस्कार के कई आसन कुछ ग्रंथियो को उत्तेजित कर देते हैं, जैसे कि थाईरॉइड ग्रंथि (जो हमारे वजन पर ख़ासा असर डालती है) के हॉर्मोन के स्राव को बढ़ाकर पेट की अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त ब्लड शुगर, चिंता, गुर्दे से जुड़ी बीमारी और अन्य तरह की बीमारियों से ग्रस्त लोग अगर रोजाना इस योगा (सूर्य नमस्कार surya namaska) को करें, तो वो इन प्रकार की बीमारियों से निजात पा सकते हैं और सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास से एक सेहत मंद जीवन जी सकते हैं.

त्वचा को निखारे (Gives Glowing Skin) – सूर्य नमस्कार  त्वचा में निखार लाने के  साथ ही ये चेहरे पर  झुर्रियों को आने से रोकता है ये आसन करते समय शरीर में खून सही से प्रवाह होता है जिससे की त्वचा में रौनक आ जाती है और झुर्रियां भी समाप्त हो जाती हैं.


सूर्य नमस्कार से अंतर्दृष्टि (इंट्यूशन) विकसित होती है –  सूर्य नमस्कार व ध्यान के नियमित अभ्यास से मणिपुर चक्र बादाम के आकार से बढ़कर हथेली के आकार का हो जाता है। मणिपुर चक्र का यह विकास जो कि हमारा दूसरा मस्तिष्क भी कहलाता है, हमारी अंतरदृष्टि विकसित कर हमें अधिक स्पष्ट और केंद्रित बनाता है। मणिपुर चक्र का सिकुड़ना अवसाद और दूसरी नकारात्मक प्रवृत्तियों की ओर ले जाता है।

सूर्य नमस्कार के ढेरों लाभ हमारे शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखते हैं, इसीलिए सभी योग विशेषज्ञ सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास पर विशेष बल देते हैं।

रीढ़ की हड्डी को मिलती है मजबूती – सूर्य नमस्कार से रीढ़ की हड्डी की निचले भाग से लेकर उपरी भाग तक पूरी रीढ़ की हड्डी का बढ़ियाँ व्यायाम होता है। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीलापन और मजबूती दोनों मिलते हैं ।

बच्चों में एकाग्रता बढ़ाता है सूर्य नमस्कार – सूर्य नमस्कार मन शांत करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है। आजकल बच्चे प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं इसलिए उन्हे नित्यप्रति सूर्य नमस्कार करना चाहिए क्योंकि इससे उनकी सहनशक्ति बढ़ती है और परीक्षा के दिनों की चिंता और असहजता कम होती है।

सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शरीर में शक्ति और ओज की वृद्धि होती है। यह माँसपेशियों का सबसे अच्छा व्यायाम है और हमारे भविष्य के खिलाड़ियों के मेरुदण्ड और अंगो के लचीलेपन को बढ़ता है। 5 वर्ष तक के बच्चे नियमित सूर्य नमस्कार करना प्रारंभ कर सकते हैं।

सूर्य नमस्कार करने से जुड़ी सावधानी | Precautions for Surya Namaskar

  • सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) करते समय थोड़ी सी सावधानी बरतनी जरूरी होती है और हो सके तो योग सिखाने वाले किसी व्यक्ति से पहले इसे अच्छे से सीख लें और उसके बाद ही इसे खुद से करना शुरू करें.
  • सूर्य नमस्कार के तहत किए जाने वाले हर आसन को सही से करना चाहिए और आपको ये पता होना चाहिए की किस आसन को करते समय कब सांस लेनी होती है और किस वक्त सांस छोड़नी होती है.
  • अगर किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट लगी हो या फिर उसकी रीढ़ की हड्डी में कोई दिक्कत हो तो उसे ये व्यायाम नहीं करना चाहिए.
  • अक्सर लोग सूर्य नमस्कार करने के तुरंत बाद स्नान कर लेते हैं, जो कि गलत होता है और कहा जाता है कि लोगों को ये व्यायाम करने के बाद कम से कम 15 -20 मिनट रुक कर स्नान करना चाहिए.
  • मासिक धर्म के समय महिलाओं को इस क्रिया को नहीं करने की सलाह दी जाती है, इसलिए इन दिनों के समय महिलाओं को इसे नहीं करना चाहिए.

सूर्य नमस्कार कब करें?| सूर्य नमस्कार करने का सही समय |Best Time And How Many Time In A Day

सूर्य नमस्कार करने का सबसे सही समय सुबह का होता है, इसलिए सुबह के समय खुले में पूर्व दिशा में, उगते सूरज की ओर करने की सलाह दी जाती है। उगते सूर्य के प्रकाश से हमारे शरीर को ‘विटामिन डी’ मिलता है, हड्डियां मज़बूत होती हैं, त्वचा स्वस्थ रहती है और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है।

जो लोग ये व्यायाम करना चाहते हैं वो रोज सुबह 6 बजे से पहले इस व्यायाम को करें. साथ में ही इस व्यायाम को करते समय आपका पेट एक दम खाली होना चाहिए. वहीं आप सुबह सबसे पहले पानी पीने के 15 मिनट बाद ही इसे शुरू करें.

सूर्य नमस्कार के आसन, हल्के व्यायाम और योगासनो के बीच की कड़ी की तरह है

इस व्यायाम का अधिक लाभ लेने के लिए आप इसे कुल 13 बार जरूर करें. अगर आपके पास सूर्य नमस्कार करने के लिए ज्यादा समय नहीं है, तो आप इसे 13 की जगह 6 बार भी कर सकते है.

सूर्य नमस्कार करते समय आपका चेहरा सूरज के सामने होना चाहिए और इस व्यायाम को धीरे धीरे करना चाहिए.
रोजाना इस व्यायाम को करने से शरीर को काफी लाभ पहुंचता है, शरीर हर समय चुस्त रहता है और जो व्यक्ति ये करते हैं उन्हें किसी भी प्रकार की थकावट भी नहीं होती है.

हालाँकि सूर्य नमस्कार के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह मन व शरीर को ऊर्जान्वित कर तरो ताज़ा कर देता है और दिनभर के कामो के लिए तैयार कर देता है। यदि यह दोपहर में किया जाता है तो यह शरीर को तत्काल ऊर्जा से भर देता है, वहीं शाम को करने पर तनाव को कम करने में मदद करता है। यदि सूर्य नमस्कार तेज गति के साथ किया जाए तो बहुत अच्छा व्यायाम साबित हो सकता है तो वजन और मोटापा घटाने में भी सूर्य नमस्कार बहुत लाभदायक है।

Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi |75 crore surya namaska
Surya Namaskar Benefits And precautions In Hindi |75 crore surya namaska

75 surya namaskar login 75 करोड़ सूर्य नमस्कार

75वें आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 करोड़ सूर्य नमस्कार (75 surya namaskar login) का आयोजन शनिवार से 20 फरवरी तक किया जा रहा है।सूर्य नमस्कार अभियान के लिए एक पत्र जारी हुआ है। जिसके तहत बच्चों को प्रतिदिन 21 सेकेंड की वीडियो बनाकर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। इसके लिए जिले के सभी निजी व सरकारी विद्यालयों से ज्यादा से ज्यादा संपर्क साधा जा रहा है। इसके तहत 21 दिन तक प्रतिदिन विद्यार्थी व शिक्षक अपनी वीडियो पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

75 सूर्य नमस्कार कॉम

75वें आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में ऑनलाइन 20 फरवरी तक सूर्य नमस्कार योग गतिविधियां कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम स्कूलों में 21 दिन तक चलेगा। जिसमें विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अपनी सुविधा अनुसार 21 दिन तक सूर्य नमस्कार करना होगा, प्रतिदिन कम से कम 13 बार अवश्य करना होगा। व्यक्तिगत करने वाले को 30 सेकेंड का वीडियो व फोटो संस्था द्वारा एक मिनट की वीडियो व फोटो डालनी होगी। किसी भी उम्र का व्यक्ति भाग ले सकता है। इसके उपरांत आन लाईन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। 

.ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

सूर्य नमस्कार अभियान के दौरान विद्यार्थी डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट 75सूर्यनमस्कार डॉट कॉम पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। जिसके बाद विद्यार्थी इस वेबसाइट पर इनडिविजनल लिंक पर क्लिक करें। क्लिक करने के बाद जो फॉर्म खुलेगा उसमें अपनी जानकारी भरनी होगी। अपना नाम लिखते समय उसमें कोई दोष न हो इसका ध्यान रखें, क्योंकि इसी नाम को प्रशस्ति-पत्र पर लिखा जाएगा। रजिस्टर करते समय विद्यार्थी को अपना व्हाट्स एप नंबर और पासवर्ड डालना होगा। वहीं वेबसाइट पर दिए गए वीडियो की सहायता से सूर्य नमस्कार सीख सकतें हैं।

प्रतिदिन करना होगा विद्यार्थियों को वीडियो अपलोड

प्रतिदिन के सूर्य नमस्कार के बाद अपनी प्रोफाइल पर जाकर इसकी जानकारी देनी होगी। इसके लिए गूगल लिंक या फिर पंजीकृत व्हाट्स एप नंबर, पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। प्रोफाइल पर कैलेंडर लिंक पर जाकर अपने दिन के अनुसार दिन – 1 से दिन 21 पर उचित स्थान पर जाकर क्लिक करना होगा।

कार्यक्रम के अनुसार 20 फरवरी तक बच्चे और शिक्षक को 21 दिन तक सूर्य नमस्कार करना होगा। इसके साथ कार्यक्रम में चयन लिए उसका फोटो और वीडियो अपलोड करना होगा। सरकार के निर्देशानुसार 26 जनवरी और 7, 12 व 20 फरवरी को सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 21 दिन के बाद वेबसाइट से सभी प्रतिभागी अपना योग सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे।

Q : सूर्य नमस्कार कब नहीं करना चाहिए?

Ans : हर्निया के कारण पीड़ित लोगों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से भी बचना चाहिए। अगर आपको कलाई में गंभीर चोट लगी है, तो आप इस योग को न करें। गर्भवती महिलाओं को सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे पीठ और पेट के क्षेत्रों पर दबाव पड़ता है, जिससे मां और भ्रूण दोनों को नुकसान पहुंचता है।

Q : सूर्य नमस्कार 1 दिन में कितनी बार करना चाहिए?

Ans : सूर्य नमस्‍कार कम से कम पांच बार करना चाहिए लेकिन शुरुआत के समय आप इसे अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें.

Q : सूर्य नमस्कार से कितनी कैलोरी बर्न होती है?

Ans : सूर्य की रोशनी में इसे करने से शरीर को विटामिन डी मिलता है, जिससे आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं नहीं होतीं। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह उपयोगी है, क्योंकि इसे 24 बार करने से करीब 400 कैलोरी बर्न हो जाती हैं।

Q : क्या सूर्य नमस्कार को कभी भी किया जा सकता है?

Ans : जी हां, सूर्य नमस्कार को कभी भी किया जा सकता है। हां, इसे सुबह खाली पेट करना सबसे प्रभावकारी माना जाता है

Q : सूर्य नमस्कार के बाद क्या करना चाहिए?

Ans : जब आपका सूर्य नमस्कार का आखरी राउंड भी पूरा हो जाए तो आप को लेट जाना है और अपने शरीर को रिलैक्स कर लेना है। योग निद्रा में लेटें ताकि की गई स्ट्रेच का आपके शरीर को अधिक लाभ मिल सके। अपने शरीर और मस्तिष्क को पूर्ण विश्राम देने के लिए आप शवासन में भी लेट सकते हैं।

Q : क्या सूर्य नमस्कार से बेहतर वॉकिंग (चलना) है?

Ans : हां, माना जाता है कि सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर का लचीलापन बढ़ता है और एक्सरसाइज हो जाती है। ऐसे में सूर्य नमस्कार को वॉकिंग से बेहतर माना जा सकता है।

Q : सूर्य नमस्कार करने से क्या बेहतर होता है?

Ans : पाचन तंत्र को करें मजबूत यदि आप प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करें, तो आपका पाचन तंत्र मजबूत हो सकता है। …
शरीर में लाए लचीलापन …
वजन को करें कंट्रोल …
शारीरिक मुद्राओं में लाएं सुधार …
हड्डियों को करे मजबूत …
तनाव को कम करने में लाभदायक …
कब्ज दूर करे …
अनिद्रा की समस्या करे दूर

Q : सूर्य नमस्कार कितनी देर करना चाहिए?

Ans : सूर्य नमस्कार को 5 से 10 मिनट तक करना काफी है। इसे सूर्य के सामने किया जाए, तो फायदा ज्यादा होता है। यदि सूर्य नमस्कार रोजाना पांच से बारह बार तक कर लिया जाए तो कोई और आसन करने की आवश्यकता नहीं रह जाती। इसे करने से शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती है और अनावश्यक तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं।

Q : क्या सूर्य नमस्कार से वेट लॉस होता है?

Ans : वजन कम करने के लिए सुर्य नमस्कार
इसका एक राउंड करने में लगभग 13.90 कैलोरी बर्न होती हैं, और वजन घटाने के लिए इसे 12 बार करें, लेकिन शुरूआत में इसके 5 सेट काफी हैं। धीरे-धीरे सेट बढ़ाएं तभी आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी।

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