Sweet Potato Benefits in hindi |Shakarkand ke fayde or nukshan

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sweet potato khane ke fayde hindi
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शकरकंद क्या है ? Introduction of Sweet Potato

Sweet Potato : शकरकंद को मीठा आलू (sweet potato in hindi) भी कहते हैं। आम तौर पर उपवास के समय शकरकंद को उबालकर खाया जाता है क्योंकि ये एनर्जी या ऊर्जा का स्रोत होता है। शकरकंद (shakarkand) में कई तरह की पौष्टिकताएं होती है जिसके कारण आयुर्वेद में औषधि के रुप में उपयोग किया जाता है।इसका वैज्ञानिक नाम : Ipomoea batatas – ईपोमोएआ बातातास्) कॉन्वॉल्वुलेसी (Convolvulaceae – कोन्वोल्वूलाकेऐ ) कुल का एकवर्षी पौधा है, पर यह अनुकूल परिस्थिति में बहुवर्षी पौधा है।

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शकरकंद  में अनेक विटामिन रहते हैं लेकिन विटामिन “ए’ और “सी’ की मात्रा सर्वाधिक है।शकरकंद में (sweet potato) साथ ही विटामिन सी, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, फॉस्फोरस और बीटा कैरोटीन का स्रोत होता है जिसके कारण पौष्टिकता से भरपूर होता है। शकरकंद मीठा, थोड़ा ठंडा और गरम, वात और पित्त को कम करने वाला, कफ को बढ़ाने वाला, कब्ज से राहत दिलाने वाला होता है।

इसमें आलू की अपेक्षा अधिक स्टार्च रहता है। यह उबालकर, या आग में पकाकर, खाया जाता है। कच्चा भी खाया जा सकता है। सूखे में यह खाद्यान्न का स्थान ले सकता है। इससे स्टार्च और ऐल्कोहॉल भी तैयार होता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इसकी खेती होती है। फलाहारियों का यह बहुमूल्य आहार है। इसका पौधा गरमी सहन कर सकता है, पर यह पाले से भी शीघ्र मर जाता है।

शकरकंद के विषय में एक खास बात जानकर आपको शायदआश्चर्य होगा कि शकरकंद मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद (benefits of shakarkandi) होता है। शकरकंद की तीन जातियाँ, पीली, श्वेत और लाल, ही साधारणतया उगाई जाती हैं। पीली जाति के गूदे में पानी का अंश कम रहता है और विटामिन “ए’ की मात्रा अधिक रहती है। श्वेत जातियों में जल की मात्रा अधिक रहती है। लाल जातियाँ साधारणतया खुरखुरी होती है, चलिये शकरकंद के बारे में और शकरकंद के फायदों (sweet potato benefits) के बारे में आगे विस्तार से बात करते हैं।

शकरकंद के फायदे (Sweet Potato Benefits and Uses in Hindi)

ठंड में शकरकंद खूब मिलती है.सैलानी गर्मागरम मसालेदार शकरकंद का जमकर लुफ्त उठाते हैं. शकरकंद में मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.

अक्सर हमारे आहार में फेरबदल होने पर कब्ज की परेशानी होती है या किसी-किसी को लंबे समय तक कब्ज के समस्या से ग्रस्त रहना पड़ता है। शकरकंद को भूनकर सेवन करने से कब्ज के कष्ट से निजात मिलता है।

महिलाओं को अपने बाल लंबे करने है तो उन्हें शकरकंद का सेवन करना चाहिए क्योकि शकरकंद में स्तिथ एंटी आक्सीडेंट और विटामिन सी जैसे तत्व बालो की जड़ो को मजबूत करता है।

शकरकंद आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है. इससे आंखों की रोशनी अच्छी होती है. अगर आप लंबे समय तक अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो शकरकंद अपनी डाइट में जरूर शामिल करें.

अगर आपकी त्वचा अधिक तैलीय है तो शकरकंद का उपयोग करना बहुत लाभदायक होता है। शकरकंद का उपयोग चेहरे पर इस्तेमाल करे।

चेहरे पर उपयोग करने की विधि- शकरकंद को उबालकर उसे ठंडा कर ले फिर इसमें शहद मिलाकर पेस्ट बनाये और चेहरे पर लगा ले और कुछ देर बाद चेहरे को धो ले। यह करने से तैलीय त्वचा अच्छी हो जाती है।

महिलाओं को सुंदर दिखना बहुत पसंद होता है अगर महिलाये अपने चेहरे को और आकर्षित बनाना चाहती है तो शकरकंद का उपयोग करे।

शकरकंद में एंटी आक्सीडेंट तत्व होता है जो चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद होता है और चेहरों को सूर्य की किरणों के दुष प्रभाव से भी बचाता है।

अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तो आपको शकरकंद का सेवन जरूर करना चाहिए. शकरकंद में आयरन पाया जाता है, जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है.

बहुत महिलाये की त्वचा रूखी होती है उनके लिए शकरकंद रामबाण की तरह काम करता है। केवल तैलीय त्वचा नहीं रूखी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। रूखी त्वचा पर लगाने की विधि: शकरकंद को उबाल कर उसे ठंडा कर ले उसमे ओट्स व दही मिलाकर पेस्ट बनाले और चेहरे पर लगा ले थोड़ी देर बाद पानी से चेहरे को अच्छी तरह से धो ले। यह करने से रूखी त्वचा की समस्या दूर हो जाती है।

शकरकंद से पाचन तंत्र मजबूत होता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. शकरकंद कब्ज जैसी बीमारियों से राहत दिलाने का काम करता है.

लंबे समय से बीमार पड़ने से कमजोरी हो जाती है। शकरकंद के मूल या जड़ का सेवन करने से कमजोरी दूर होती है।

शरीर को हाइड्रेटेड रखने में शकरकंद उपयोगी होता है क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार यह शकरकंद में प्रचुर मात्रा में जलीय तत्त्व पाया जाता है जो की शरीर को हाइड्रेटेड करने में मदद करता है।

शकरकंद अच्छी मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है. अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है तो आपको शकरकंद जरूर खानी चाहिए. इससे हाई ब्लड प्रेशर से बचा जा सकता है.

एंटी डायबिटिक गुण होने के कारण यह डायबिटीज यानि मधुमेह में भी लाभदायक होता है। आयुर्वेद अनुसार यह रसायन होने के कारण मधुमेह के लक्षणों को काम करता है।

शकरकंद में गाजर की तुलना में दोगुना बीटा कैरोटीन है। बीटा कैरोटीन किसी भी फल में पाया जाने वाला ऐसा पोषक तत्व है, जो शरीर में विटामिन-ए की जरूरतों को पूरा करता है। शकरकंद में बीटा कैरोटीन के अलावा जिंक और आयरन की मात्रा है। इस वजह से यह गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद है।

शंकरकंद खाने से दिल की बीमारियों को दूर किया जा सकता है. इसमें फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है, जो खराब कोलेस्टॉल को कम करता है.

शकरकंद खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. आयरन अच्छी मात्रा में होने की वजह से ब्लड सेल्स के निर्माण में भी मदद मिलती है

क्या शकरकंद वजन बढ़ाता है

नहीं शकरकंद में डायटरी फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती ह, जो कई तरह से वजन को कम करने में मदद करते हैं। डायटरी फाइबर युक्त भोजन करने से काफी देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और इसे पचने में काफी समय लगता है। इससे शरीर में कैलरी का संतुलन बना रहता है और वजन भी नियंत्रित रहता है।

शकरकंद की चाट रेसिपी बनाने की विधि

शकरकंदी चाट रेसिपी 

कितने लोगों के लिए : 2 – 4

समय : 30 मिनट से 1 घंटा

मील टाइप : वेज

शकरकंदी चाट आवश्यक सामग्री

3 से 4 शकरकंद
3 कटोरी गेहूं का आटा
3 से 4 बारीक कटी हरी मिर्च
एक चम्मच सौंफ
आधी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा टुकड़ा कद्दूकस किया अदरक
बारीक कटा हरा धनिया
स्वादानुसार नमक
पूरी फ्राई करने के लिए तेल

शकरकंदी चाट रेसिपी विधि

शकरकंद को धोकर एक कुकर में उबालकर, शकरकंद उबालने के बाद उन्हें छीलकर कद्दूकस कर लें.
फिर कद्दूकस किए शकरकंद में गेहूं का आटा, हरी मिर्च, सौंफ, लाल मिर्च पाउडर, कद्दूकस किया अदरक, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक अच्छी तरह मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर आटा गूंद लें.
आटा 10 से 15 मिनट के लिए रख दें.

शकरकंद की पूरी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर, पूरी बेल लें.
फिर एक कढ़ाही में तेल गर्म करें और पूरियों को गर्म तेल में अच्छे से सेक लें, जब पूरी कुरकुरी हो जाएं, तो एक प्लेट में निकालकर रखें.और अब गर्म-गर्म शकरकंद की पूरी दही या किसी चटनी के साथ खाएं.

आप शकरकंद की पूरी में गेहूं के आटे की जगह राजगिरि का आटा और सादा नमक की जगह फलहारी नमक मिलाकर व्रत में बनाकर भी खा सकते हैं

शकरकंद खाने से नुकसान (Side Effects of Shakarkand)

सही मात्रा में लिए गए शकरकंद के नुकसान नहीं होते है।यदि मात्रा से अधिक सेवन किया जाये तो यह कफ दोष को बढ़ा सकता है जिससे खांसी – जुकाम जैसी परेशानिया हो सकती है साथ ही इसके गुरु गुण के कारण यह देर से पचता है जिससे कमजोर पाचन शक्ति वालों को इसे पचाने में समय लग सकता है।

शकरकंद का इस्तेमाल कैसे करें ?(How to Use Sweet Potato in Hindi?)

हर बीमारी के लिए शकरकंद का सेवन और इस्तेमाल कैसे करना चाहिए, इसके बारे में पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए शकरकंद का उपयोग कर रहें हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

शकरकंद कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Sweet Potato Found or Grown in Hindi?)

समस्त भारत में शकरकंद की खेती की जाती है। इसके मीठे कंद को भूनकर या उबालकर व्रत-उपवास में उपयोग किया जाता है।

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि शकरकंद क्या है जड़ या तना. तो आपको बता दें कि शकरकंद जड़ से मिलती है. शकरकंद के पकवान भी खूब पसंद किए जाते हैं.शकरकंद की खेती भारत के कई हिस्सों में की जाती है. इसकी तासीर गर्म होती है और हाई कैलोरी के मामले में ये एक कंप्लीट फूड है। शकरकंद को लोग कई प्रकार से बनाते और खाते हैं।

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