Tokyo Olympics : मैरी कॉम ने पहले राउंड में धमाकेदार जीत के साथ प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

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Tokyo Olympics  : मैरी कॉम  बॉक्सर
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Tokyo Olympics : मैरी कॉम बॉक्सर

Tokyo Olympics : छह बार की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरी कॉम (Mary Kom) ने रविवार को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics)के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. उन्होंने 51 किग्रा वर्ग के शुरुआती दौर में डोमेनिका गणराज्य की मिगुएलिना हर्नांडिज गार्सिया को मात दी.

इस जीत के बाद मैरी कॉम (Mary Kom) ने उम्मीद जताई कि ओलंपिक में उनका स्वर्ण जीतने का सपना जरूर पूरा होगा. उन्होंने कहा कि वह इस सपने को पूरा करने का मकसद लिए ही आगे बढ़ रही हैं.

2012 ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम (Mary Kom) ने गार्सिया को 4-1 से हराया. गार्सिया पैन अमेरिकी खेलों की कांस्य पदक विजेता हैं. मुकाबला शुरू से काफी रोमांचक रहा जिसमें मैरीकॉम ने कुछ शानदार तकनीक दिखाई और गार्सिया की कड़ी चुनौती को पस्त किया.

चार बच्चों की मां मैरी कॉम अब अगले दौर के मुकाबले में कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से भिड़ेंगी जो 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं.

मणिपुर की इस दिग्गज बॉक्सर ने कहा, ‘मेरे पास अब सारे पदक हैं. ओलंपिक पदक (कांस्य) 2012 में जीता, राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण, छह बार का स्वर्ण विश्व चैंपियनशिप में. इन्हें गिनना आसान है

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लेकिन मुश्किल चीज लगातार जीतते रहना है, यह आसान नहीं है. सिर्फ ओलंपिक स्वर्ण पदक रह गया है. यही मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है. मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश कर रही हूं, अगर मैं कर सकी तो यह शानदार होगा लेकिन अगर नहीं हो पाया तो भी मैं अपने सभी पदकों से खुश हूं.’

मैरी कॉम (Mary Kom) ने जीत के बाद ‘मिक्स्ड जोन’ में कहा, ‘‘महामारी के कारण पिछले दो वर्ष काफी दर्दनाक रहे हैं जब सब कुछ बंद था. हम सभी एक ही तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को घर पर ट्रेनिंग करने पड़ी लेकिन हम मुक्केबाजों को ट्रेनिंग जोड़ीदार की जरूरत होती है.’

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उन्होंने कोविड-19 महामारी के बीच खेलों की तैयारियों की चुनौतियों के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि मैं उपकरणों के साथ छोटा सा जिम बना सकी लेकिन अभ्यास जोड़ीदार की कमी थी जो ‘आई कॉन्टेक्ट’ और सब चीज के लिए काफी अहम होता है.

पहले राउंड में मैरी कॉम (Mary Kom) ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को परखने का समय लिया लेकिन इसके बाद अनुभवी मुक्केबाज ने तीसरे राउंड के तीन मिनट में आक्रामकता दिखाई. गार्सिया ने हालांकि दूसरे राउंड में कुछ दमदार मुक्कों से अंक जुटाए.

मैरी ने अपने दमदार ‘राइट हुक’ से पूरे मुकाबले के दौरान दबदबा बनाए रखा. उन्होंने गार्सिया को खुद की ओर बढ़ने के लिए भी उकसाया ताकि उन्हें सटीक मुक्के जड़ने के लिए जगह मिल सके. डोमेनिका गणराज्य की मुक्केबाज ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन

वह मुक्के सही तरीके से नहीं जड़ पाईं. मैरी कॉम का अब वालेसिंया से मुकाबला होगा. वह दो बार इस कोलंबियाई मुक्केबाज से भिड़ी हैं और दोनों में जीती हैं जिसमें 2019 विश्व चैंपियनशिप का क्वार्टरफाइनल भी शामिल है.

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news by :grabin.in

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