What is Amaranth | Chaulai in Hindi | know its Top Best Advantages And Disadvantage

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Chaulai (चौलाई) या अमरंथ क्या है? जानिए इसके फायदे नुकसान एवं इस्तेमाल | What is Amaranth (Chaulai) in Hindi know its Top Best Advantages And Disadvantage ?
जानिए इसके फायदे नुकसान एवं इस्तेमाल know its Top Best Advantages And Disadvantage ?

Chaulai (चौलाई) या अमरंथ क्या है? जानिए इसके फायदे नुकसान एवं इस्तेमाल | What is Amaranth (Chaulai) in Hindi know its Top Best Advantages And Disadvantage ?

अमरंथ – Amaranth: हरी सब्जियों की श्रेणी में आने वाला लाल साग है. चौलाई का साग तो आपने कभी-कभार खाया ही होगा. यह सब्जी बहुत ही आसानी से मिल जाती है.एक ऐसा साग है जो की लाल और हरे दोनों ही रंग में आता है. चौलाई (Chaulai)

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को तंदुलीय भी कहते हैं. इसे अमरंथ (Amaranth)भी कहते हैं. अमरंथ एक पौधा है ज‍िसकी जड़, पत्‍त‍ियां, दाने, फूल आद‍ि का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है.

इसके अलावा चौलाई का सेवन कई अन्य तरीको से भी किया जाता है, खासकर व्रत के समय में चौलाई के आटे की रोटी, परांठा या हलवा बनाकर खाया जाता हैं। साथ ही नवरात्रि के दौरान चौलाई के लड्डुओं का भी सेवन किया जाता है। जितना स्वादिष्ट चौलाई की सब्जी होती है

उतने ही स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं चौलाई के लड्डू,बल्कि चौलाई के फायदे इतने होते हैं जो बहुत से रोगों को ठीक कर सकते है.आज sangeetaspen.com के माध्यम से हम जानेंगे की चौलाई के लड्डुओं के स्वास्थ्य संबंधी फायदों क्या क्या है और चौलाई के लड्डुओं को घर पर कैसे बनाये


चौलाई – Chaulai : चौलाई का पौधा एक ऐसा पौधा है जिसकी खेती प्राचीन काल से की जाती है, चौलाई की खेती लगभग 8000 साल पहले से की जाती है चौलाई (Chaulai) के पौधे के फूल हरे लाल तथा बैंगनी रंग के होते हैं अमरंथ (Amaranth)के बीजों को राजगिरा तथा रामदाना भी कहा जाता है,

चौलाई का वैज्ञानिक नाम एमरेंथ डबियस है पत्तों के रंग के वजह से इसका नाम लाल साग या रेड स्पिनेच पड़ा। इसके पत्ते पालक के पत्तों के जैसे ही होते हैं लेकिन स्वाद में ये दोनों बेहद ही अलग हैं। भारत में चौलाई (Chaulai) सबसे ज्यादा खाने वाला खाद्य पदार्थ है

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भारत में चौलाई (Chaulai) से बहुत खाने की चीजें भी बनाई जाती है जैसे अमरंथ (Amaranth) के लड्डू चौलाई (Chaulai)की बर्फी तथा चौलाई (Chaulai)के पौधे की सब्जी भी बनाई जाती है

यदि चौलाई (Chaulai) को इतना ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है तो इसका यही कारण है कि इसमें बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं, और यही कारण है कि प्राचीन काल से अमरंथ (Amaranth)का इस्तेमाल किया जा रहा है

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विटामिन सी से भरी चौलाई दो तरह की होती है- एक सामान्य पत्तों वाली तथा दूसरी लाल पत्तों वाली.. इनमें से लाल वाली चौलाई ज्यादा फायदेमंद होती है. यह हरी पत्तेदार सब्जी है जिसके डंठल और पत्तों में प्रोटीन, विटामिन ए और खनिज की प्रचुर मात्रा होती है.

चौलाई में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-ए, मिनरल्स और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इस सब्जी को खाने से आपके पेट और कब्ज संबंधी किसी भी प्रकार के रोग में लाभ मिलेगा. चौलाई की सब्जी का नियमित सेवन करने से वात, रक्त व त्वचा विकार दूर होते हैं.

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चौलाई के फायदे नुकसान Top Best Advantages And Disadvantage ?

इम्यूनिटी को करती है बूस्ट – चौलाई में भरपूर मात्रा में प्रोटिन और विटामिन सी पाया जाता है, जो हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है. संक्रमण रोगों से हमें बचाती है.

गठिया, रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद – चौलाई का रस गठिया, रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. वैसे ज्यादातर लोग चौलाई की सब्जी खाना पसंद करते हैं. पेट के रोग, कब्ज और बाल गिरने पर चौलाई की सब्जी खाना लाभदायक होता है.

कब्ज होगी दूर – चौलाई के फायदे और भी तरह से मिल सकते हैं जैसे चौलाई उबाल कर इसके पानी में नमक मिला कर पीने से कब्ज दूर होती है तथा पेट दर्द में काफी आराम मिलता है.

हड्डियों की मजबूती के लिए – मज़बूत हड्डियों के लिए कैल्शियम बहुत ही आवश्यक होता है. शरीर में यदि कैल्शियम भरपूर मात्रा में हो तो हड्डियों के टूटने या फ्रैक्चर का खतरा कम होता है नाखून और दांत स्वस्थ और मज़बूत रहते हैं.

आंखो की हेल्थ के लिए बढ़िया – चौलाई में vitamin A प्रचुर मात्रा में होता है। तो यदि आपको आँखों का अच्छा स्वास्थ्य चाहिए तो चौलाई का सेवन शुरू कर दें.

चौलाई के सेवन से मोटापा कम – चौलाई के सेवन से शरीर में इन्सुलिन का स्तर कम होता है. जिससे की पेट भरा होने का अहसास होता है. इससे हम नाश्ते और भोजन के बीच में कुछ भी नहीं खाते. यदि आप मोटापा कम करना चाहते हैं तो चलाई का सेवन शुरू कर दें.

बालों के लिए भी उपयोगी – चौलाई में लाइसिन और अमीनो एसिड होता है जो बालों की सेहत के लिए वरदान है. चौलाई के नियमित सेवन से बाल काले बने रहते है और चौलाई का ताज़ा रस सुबह शाम पीने से बाल गिरना रुक जाता है.

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चौलाई के लड्डू कैसे बनाएं

बाजार में आपको चौलाई आराम से मिल जाएगी. आप किसी भी राशन की दुकान से चौलाई या रामदाना या राजगिरा के नाम से इसे खरीद सकते हैं.

इसे घर लाकर धीमी आंच पर भून लें. इसके साथ ही गुड़ की चाशनी तैयार कर लें. इस चाशनी को तब तक पकाएं, जब तक कि इसमें एक से दो तार ना बनने लगें.तार चेक करने के लिए आप सावधानी के साथ बहुत थोड़ी सी चाशनी को उंगली पर लगाएं और फिर अंगूठे की मदद से यह जांचें कि चाशनी में तार बन रहे हैं या नहीं.

जब तार बनने लगें तो समझ जाएं कि आपकी चाशनी लड्डू बनाने के लिए तैयार हो चुकी है. अब एक बड़े बर्तन में भुनी हुई चौलाई को निकालें और ऊपर से गुड़ की चाशनी डालें. हाथों पर पानी लगाकर तुरंत इस चाशनी को चौलाई में मिलाएं और लड्डू बनाएं

Chaulai (चौलाई) या अमरंथ क्या है? जानिए इसके फायदे नुकसान एवं इस्तेमाल | What is Amaranth (Chaulai) in Hindi know its Top Best Advantages And Disadvantage ?
What is Amaranth Chaulai in Hindi

चोलाई से बने लड्डू खाने का क्या फायदा है?

गुड़ और चौलाई के लड्डू के फायदे gur chaulai or amaranth jaggery ladoos

आयुर्वेद में चौलाई या राजगिरा को बहुत तरह की बीमारियों के लिए एक औषधि माना जाता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें आयरन और फायबर की उच्च मात्रा होती है। साथ ही यह विटामिन-सी, बी-6, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फासफोरस, सोडियम और जिंक सहित विटामिन और मिनरल से भरपूर हैं।

वहीं गुड़ की बात करें तो गुड़ के स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभ हैं। ऐसे में चौलाई और गुड़ का यह मिश्रण सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि हमारे लिए कई औषधीय गुणों से भी भरपूर है।

डायबिटीज में भी है सेहत के लिए फायदेमंदद – गुड़ और चौलाई के लड्डुओं का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए भी सेफ हैं, क्योंकि गुड़ एक नेचुरल शुगर है इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह चीनी की तुलना में डायबिटीज के रोगियों में ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता है। साथ ही कुछ रिसर्च के मुताबिक चौलाई में कुछ एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। जिससे कि यह डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में करता है मदद – अगर आप कॉलेस्ट्रोल की समस्या से परेशान रहती हैं, तो इसका प्रबंधन करने के लिए भी चौलाई काफी कारगर साबित हो सकती है। शोध में पाया गया है कि चौलाई में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो कि कॉलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार हैं।

चौलाई के लड्डू कि सेवन विधि

चौलाई के लड्डू आप दिन में कभी भी खा सकते हैं. बेहतर होगा कि दूध के साथ इनका सेवन करें. क्योंकि इनकी तासीर बहुत गर्म होती है और अधिक मात्रा में इन्हें खाने पर पेट में एसिडिटी की समस्या हो सकती है.
मीठा खाने की इच्छा शांत करने के लिए भी आप चौलाई या रामदाना के लड्डू खा सकते हैं. इन्हें खाने से फैट और हेवीनेस का डर नहीं सताएगा.

चौलाई के नुकसान In Hindi – Disadvantage Of Amaranth In Hindi?

Anaranth के नुकसान जानेंगे कि Chaulai का सेवन करने से हमें किस प्रकार के नुकसान हो सकते हैं 

वैसे तो Chaulai अनाज की तरह ही होती है इसका कुछ ज्यादा नुकसान नहीं होता परंतु यह है, हमारे शरीर में जाकर इंसुलिन की मात्रा को घटा भी सकती है यदि हम इसका ज्यादा सेवन करते हैं।

Chaulai Amaranth में भरपूर मात्रा में लियासिनिक प्रोटीन पाया जाता है, जो कि बच्चे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकते यदि बच्चे Chaulai का सेवन ज्यादा करते हैं, तो इसके कारण उनका पेट दर्द भी हो सकता है इसके अतिरिक्त उनको दस्त जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है, इसलिए बच्चों को इसका ज्यादा सेवन बिल्कुल भी ना करवाएं।

ज्यादातर देखा जाता है, कि कुछ लोग Chaulai से बने लड्डू के साथ दूध का सेवन भी करते हैं यदि आप इसका एक साथ सेवन करते हैं तो फिर भी आपको परेशानी हो सकती है, क्योंकि Chaulai में भरपूर मात्रा में लाइसिन प्रोटीन पाया जाता है और दूध में कैल्शियम जब यह दोनों आपस में मिलते हैं तो यह हमारे शरीर में सिर्फ नुकसान करते हैं, नुकसान के अलावा और कुछ नहीं इसीलिए भूल कर भी ऐसा ना करें।

FAQ :

Q : चौलाई की तासीर

Ans :चौलाई तासीर में गर्म होती है

Q : रामदाना कैसे खाया जाता है?

Ans : रामदाना का सेवन अक्सर पूजा के समय उपवास करने पर किया जाता है। व्रत में राजगिरी के आटे (rajgiri ka Atta) का परांठा या हलवा बनाकर खाया जाता है। नवरात्री के समय रामदाने का लड्डू (rajgira ladoo) भी बनाकर खाया जाता है।

Q : प्रेगनेंसी में चौलाई के लड्डू खाने से क्या होता है?

Ans : चौलाई में कैल्यिशम भरपूर मात्रा में होता है।गर्भवती महिला को चौलाई या चौलाई के लड्डू का सेवन करना जरूरी है लेकिन एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य ले तब चौलाई या चौलाई के लड्डू का उपयोग करे

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