अलसी क्या है,अलसी के फायदे और नुकसान

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अलसी क्या है,अलसी के फायदे और नुकसान
अलसी क्या है,अलसी के फायदे और नुकसान
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(What is the Flax Seeds, Benefits and Side Effects of Flax Seeds /Alsi in Hindi)

अलसी (Flax Seeds) को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल कर कई बीमारियों से अपनी रक्षा कि जा सकती है । आप अलसी (Flax Seeds) का उपयोग सुबह शाम एक एक करके पूरी तरह स्वस्थ रह सकते है, इसे पीसकर पानी के साथ भी लिया जाता है ।

इसके नियमित उपयोग से आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। अलसी में मौजूद पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी और अलसी (Flax Seeds) के फायदे एवं नुकसान आज मै अपने इस लेख में बता रही हु।

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अलसी क्या होती है? (What is Flax Seeds)

अलसी (Flax Seeds) उन स्थानों में उगाई जाती है जहा सर्दी और गर्मी समान मात्रा (समशीतोष्ण प्रदेश) में हो। अलसी (Flax Seeds) समशीतोष्ण प्रदेश उगने वाला एक रेशेदार पौधा है। इसके रेशों से डोरी, रस्सी, टांट और मोटे कपड़े बनाने का काम किया जाता है। साथ ही, इसके बीजों को तेल निकालने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

अलसी (Flax Seeds) का तेल बहुत गाढ़ा होता है। इसलिए, इस तेल का उपयोग मुख्य रूप से वार्निश, रंग, साबुन और पेंट बनाने में किया जाता है।अलसी (Flax Seeds) के बीजों की पैदावार खासतौर से भारत, अर्जेंटीना और अमेरिका में की जाती है।

अलसी (Flax Seeds) को तीसी के नाम से भी पुकारा जाता है। और अंग्रेजी में इसे फ्लैक्स सीड्स (Flax Seeds) के नाम से जाना जाता है।अलसी (Flax Seeds) में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 (Omega 3) पाया जाता है साथ ही अन्य पोषक तत्व उपस्थित होते हैं, जिस कारण इसे आयुर्वेद में एक औषधि माना गया है।

अलसी (तीसी) कहां पाई या उगाई जाती है? (Where is Alsi Found or Grown?)

अलसी (Flax Seeds) की खेती पूरे भारत में की जाती है। भारत में अलसी (Flax Seeds) की खेती शरद ऋतु की फसल के साथ की जाती है। हिमाचल प्रदेश में भी 1800 मीटर की ऊंचाई तक अलसी /तीसी (Flax Seeds) बोई जाती है।

अलसी (Flax Seeds) भारतवर्ष में भी पैदा होती है। भारत में इसकी तीन उपजातियाँ (लाल, श्वेत तथा धूसर रंग) होती है। इसके पौधे दो या ढाई फुट ऊँचे, डालियां बंधती हैं, जिनमें बीज रहता है। इन बीजों से तेल निकलता है,तेल निकालने के बाद बची हुई सीठी को खली कहते हैं

जो कि गाय तथा भैंस को बड़ी प्रिय होती है। इससे बहुधा पुल्टिस बनाई जाती है। अलसी (Flax Seeds) के बीज निकालने वाले देशों में भारत, संयुक्त राज्य अमरीका तथा अर्जेण्टाइना के नाम उल्लेखनीय हैं।

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अलसी (Flax Seeds) के बीजों के रंग-रूप और आकार में अलग – अलग स्थानों की प्रकृति के अनुसार अंतर पाया जाता है। देश भर में अलसी (Flax Seeds) के बीज सफेद, पीले, लाल, भूरे या थोड़े काले रंग के होते हैं।

गर्म प्रदेशों की अलसी (Flax Seeds) सबसे अच्छी मानी जाती है। आमतौर पर लोग तीसी के बीज,और तेल को उपयोग में लाते हैं।अलसी (Flax Seeds) की तासीर गर्म होती है, लेकिन इसका सेवन सही मात्रा में करने से अलसी के फायदे (alsi ke fayde) आसानी से मिल सकते हैं।

अलसी (Flax Seeds) का सेवन करते समय ज्यादा पानी पीने की सलाह भी दी जाती है। अलसी के फायदे और नुकसान Benefits and Side Effects of Flax Seeds /Alsi in Hindi)

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अलसी के फायदे, (Benefits of Flax Seeds /Alsi)

अलसी (Flax Seeds) के बीजो को अपनी डाइट में शामिल करने के कुछ हफ्तों बाद आपको अलसी के फायदे (Benefits of Flax Seeds /Alsi ke fayde) दिखने लग जाएंगे।

थायराइड में अलसी का उपयोग लाभदायक

अगर आपको थायराइड कि शिकायत है तो आप अलसी (Flax Seeds) का प्रयोग कर थायराइड का उपचार आसानी से कर सकते है । अलसी के लाभ का पूरा फायदा उठाने के लिए बराबर-बराबर मात्रा में

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अलसी (Flax Seeds) के बीज, शमी, सरसों, सहिजन के बीज, जपा के फूल, तथा मूली की बीज को छाछ से पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गले की गांठों आदि पर लेप करने से धीरे धीरे थायराइड में लाभ मिलेगा ।

आग से जलने पर अलसी का प्रयोग 

आग से जलने पर राहत पाने (दर्द ठीक) के लिए शुद्ध अलसी (Flax Seeds oil) का तेल, और चूने का निथरा हुआ जल को बराबर-बराबर मात्रा में मिला लें। जब यह सफेद मलहम (अंग्रेजी में इसे Carron oil कहते हैं।) जैसा बन जाए ।

इसको आग से जले हुए स्थान पर लगाएं। इससे तुरंत आग से जले हुए घाव का दर्द ठीक हो जाता है। रोज 1 या दो बार लेप करते रहने से घाव ठीक होता है और जले का निशाँ भी ख़त्म हो जाता है।

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What is the Flax Seeds, Benefits and Side Effects of Flax Seeds /Alsi,
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टीबी में अलसी के बीजों के सेवन से लाभ 

टीबी के रोगी के लिए 25 ग्राम अलसी (Flax Seeds) के बीजों को पीसकर, रात भर ठंडे पानी में भिगोकर रखें। इस पानी को सुबह हल्का गर्म करें, और इसमें नींबू का रस मिलाकर, टी.बी.के रोगी को पिलाये । इससे टी.बी. के रोगी को बहुत लाभ मिलता है।

गर्भवती स्त्रियों और स्तनपान कराने वाली महिलाएं जरुर करें अलसी का सेवन

आज भी अनेक शहरो और कस्बों में कई परिवारों में ऐसी स्त्रियों को अलसी (Flax Seeds) के बने लड्डू और अन्य भोज्य पदार्थ दिए जाते हैं।

इससे बीमारियों से लड़ने कि ताकत मिलती है। हमारे पूर्वज अलसी (Flax Seeds) का महत्व अच्छी तरह जानते थे इसलिए वह दवाइयों से जयादा घरेलु नुस्खों पर विश्वास करते थे। यह इस बात का प्रमाण है

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अलसी के बीजों के सेवन से कैंसर से राहत

हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अलसी (Flax Seeds) में ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कोलोन कैंसर से बचाने का गुण पाया जाता है। इसमें पाया जाने वाला लिगनन कैंसर से बचाता है। यह हार्मोन के प्रति संवेदनशील होता है और ब्रेस्ट कैंसर के ड्रग टामॉक्सीफेन पर असर नहीं डालता है।

अलसी के बीजों के सेवन से ठंड और बीमारियों से राहत

सर्दी जुखाम तथा अन्य बीमारियों से बचने के लिए हमें नियमित रूप से अलसी (Flax Seeds) का उपयोग करना चाहिए। क्युकी इसमें तरह – तरह के एंटीवायरल तथा जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जिसे नियमित खाने से सर्दी में होने वाले वायरल और फ्लू से बचा जा सकता है।


अलसी के नुकसान (Side Effects of Flax Seeds /Alsi in Hindi)

लूज मोशंस

अगर अलसी (Flax Seeds) ज्‍यादा मात्रा में खाई जाए तो लूज़-मोशन हो सकते हैं. अगर इन्‍हें सही मात्रा में खाया जाए तो कब्‍ज से राहत म‍िलती है और अच्‍छी तरह पेट की सफाई भी हो जाती है.

हालांकि, जरूरत से ज्‍यादा खाने पर आपको बार-बार वॉशरूम जाना पड़ेगा. यही नहीं डायरिया की आशंका भी रहती है. ऐसे लोग जो पहले से ही इन दिक्‍कतों का सामना कर रहे हैं उन्‍हें किसी भी हाल में अलसी (Flax Seeds) का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए.

एलर्जी

ज्‍यादा अलसी (Flax Seeds) खाने वाले कुछ लोग एलर्जी की श‍िकायत कर चुके हैं. ज्‍यादा अलसी खाने से सांस लेने में रुकावट, लो ब्‍लड प्रेशर और तीव्रग्राहिता जैसे एलर्जिक रिएक्‍शन हो सकते हैं. यही नहीं घबराहट, पेट में दर्द और उल्‍टी की श‍िकायत भी हो सकती है.

प्रेग्‍नेंसी के दौरान असुरक्ष‍ित

चूंकि अलसी (Flax Seeds) के बीजों में एस्‍ट्रोजन जैसे गुण होते हैं इसलिए इससे पीरियड्स आ सकते हैं. प्रेग्‍नेंट महिलाओं को अलसी के बीज खाने की सलाह नहीं दी जाती है क्‍योंकि इन्‍हें खाने से पीरियड्स आ सकते हैं जो होने वाले बच्‍चे और मां दोनों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी हैं.


आंतों में ब्‍लॉकेज 

विशेषज्ञों की मानें तो पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थ लिए बिना जरूरत से ज्‍यादा अलसी (Flax Seeds) खाने से आंतों में ब्‍लॉकेज आ सकता है. जिन्‍हें पहले से ही इस तरह की श‍िकायत रही है उन्‍हें अलसी के बीज नहीं खाने चाहिए.

 खासतौर से Scleroderma के मरीजों को इन्‍हें नहीं खाना चाहिए क्‍योंकि इससे भयानक कब्‍ज हो सकता है. हालांकि अलसी के तेल का इस्‍तेमाल Scleroderma के इलाज के लिए किया जाता है.

अलसी के बीज कैसे खाये (How To Eat Flax seeds?)

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप कोई भी अच्छी चीज खाएं तो उसे सही तरीके से खाएं, जिससे वह आपको पूरा फायदा पहुंचा सके. यहाँ पर यह जानना जरूरी है

कि आप अलसी को किस तरह खाएं (How To Eat Flaxseeds). तो मै बताती हु कि आप अलसी को कच्चा भी खा सकते हैं लेकिन स्वाद इसका बढ़ाने के लिए अलसी के बीज को 5 मिनट तक भून लें.

भूने अलसी के बीज (roasted Flax Seeds) को ग्राइंडर में पीस लें. अब आप इस पाउडर को रोज़ एक चम्मच ले सकते हैं.यह एक महीने तक खराब नहीं होता है आप इसे दाल, सब्जी, रायता, सलाद आदि सभी चीजों मै उपयोग कर सकते है

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(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. https://sangeetaspen.com/ इनकी पुष्टि नहीं करता है.अलसी का पूरा लाभ लेने के लिए आप चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें)
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