22 फरवरी विश्व चिंतन दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है

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अंतरराष्ट्रीय थिंकिंग डे 2021 (world thinking day)
अंतरराष्ट्रीय थिंकिंग डे 2021 (world thinking day)

22 फरवरी विश्व चिंतन दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है

स्काउट गाइड आंदोलन वर्ष 1908 में ब्रिटेन में सर बेडेन पॉवेल द्वारा आरम्भ किया गया। भारत में स्काउटिंग की शुरुआत वर्ष 1909 में हुई, धीरे-धीरे यह आंदोलन हर एक सुसंगठित राष्ट्र में फैलने लगा, जिसमे भारत भी शामिल था। तथा आगे चलकर भारत वर्ष 1938 में स्काउट आंदोलन के विश्व संगठन का सदस्य भी बना। 

 आज हम बात करने वाले हैं अंतरराष्ट्रीय थिंकिंग डे (World Thinking Day ) के बारे में, जिसमें मैं आपको बताऊगी कि थिंकिंग डे का इतिहास क्या है और साथ ही आप इस आर्टिकल से संबंधित वीडियो भी मेरे यूट्यूब चैनल sangeetaspen पर देख सकते है जिसका लिंक में यह दे रही हु

थिंकिंग डे दुनिया भर में गर्ल गाइड और गर्ल स्काउट्स को एक-दूसरे के लिए सराहना दिखाने की अनुमति देता है। इस दिन को खास तौर पर गर्ल गाइड और गर्ल स्काउट्स के बारे में सोचने के लिए विश्व भर में बनाया जाता है। इस दिन को महिलाओं के सम्मान के तौर पर मनाया जाता है।

विश्व चिंतन दिवस

  • लेडी ओलेव सेंट क्लेयर बेडेन-पॉवेल
  • लेडी बैडेन-पॉवेल
  • स्काउटिंग पोर्टल

World Thinking Day History, Themes & Shayari Status Quotes |22 फरवरी विश्व चिंतन दिवस यानि की थिंकिंग डे ,के रूप में क्यों मनाया जाता है ?

वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ गर्ल गाइड्स एंड गर्ल स्काउट्स ने प्रत्येक वर्ष के विश्व चिंतन दिवस के लिए विषय के रूप में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे का चयन किया है, और अपने प्रत्येक पांच विश्व क्षेत्रों में से एक फोकस देश का चयन किया है।

गर्ल गाइड और गर्ल स्काउट अन्य देशों और संस्कृतियों का अध्ययन और सराहना करने के अवसर के रूप में इनका उपयोग करते हैं, और वैश्विक चिंताओं पर जागरूकता और संवेदनशीलता को समान रूप से बढ़ाते हैं।

22 फरवरी विश्व चिंतन दिवस यानि की थिंकिंग डे के रूप में चुना गया क्योंकि यह स्काउटिंग एंड गाइडिंग के संस्थापक लॉर्ड रॉबर्ट बैडेन-पॉवेल और लेडी ओल्वे बाडेन-पॉवेल , उनकी पत्नी और विश्व की मुख्य मार्गदर्शक का जन्मदिन था । अन्य स्काउट्स इसे B.-P डे या फाउंडर्स डे के रूप में मनाते हैं।

कौन थे बी पी

22 फरवरी 1857 में लंदन में हैंनग्रेटा ग्रेस स्मिथ ने एक बालक को जन्म दिया जिसका पूरा नाम रॉबर्ट स्टीफेनसन स्मिथ बेडन पाउल था। बच्चा 3 वर्ष का हुआ कि पिता का साया सर से उठ गया, माता ने अकेले ही बेडन पाउल को अच्छे संस्कार और अच्छी परवरिश दी और उसी परवरिश ने इस बालक को विश्व विख्यात कर दिया 

सन 1900 में दक्षिण अफ्रीका के बोर युद्ध में बीपी ने 20 बालकों की टोली बनायी और उस टोली में असीम शौर्य साहस कर्तव्य परायणता का प्रशिक्षण देते हुए उन बच्चों की जो मिसाल बनाई वह आज प्रतिष्ठित संस्था के रूप में जानी जाती है सारे बालक जनसाधारण से लिए गए थे .असीम शक्ति से उनका परिचय करा कर बी पी ने असम्भव को सम्भव कर दिखाया 

भारत में स्काउट गाइड का प्रवेश

स्काउट का सही अर्थ है गुप्तचर और वह मिसाल पेश की जय स्काउट गाइड के पूरे दल में सिखाई जाती है,

वर्ष 1911 में भारत में गाइडिंग की शुरुआत हुई, तथा भारत स्काउटिंग 1913 में ऐनी बेसेन्ट द्वारा प्रारम्भ करायी थी। लेकिन कुछ लोग मानते है सन 1913 में पंडित श्रीराम बाजपेई शाहजहांपुर से स्काउट दल का निर्माण किया।

और फिर 1916 में लड़कियों के लिए भी गाइड दल बना  पहले सिर्फ लड़के ही स्काउट दल के सदस्य होते थे। अब भारत स्काउट व गाइड संस्था है। स्काउट-गाइड के माध्यम से बालकों का सर्वांगीण विकास कर उनमें सेवा का भाव विकसित किया जाता है।

इतिहास

थिंकिंग डे पर एक शब्द है बीपी लेकिन स्काउट गाइडिंग में इस नाम का अर्थ है लार्ड बेडेन पावेल स्काउट एवं गाइड आंदोलन वर्ष 1908 में ब्रिटेन में सर बेडेन पॉवेल द्वारा आरम्भ किया गया। धीरे-धीरे यह आंदोलन हर एक सुसंगठित राष्ट्र में फैलने लगा, जिसमे भारत भी शामिल था।


प्रतिनिधियों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि यह दिन 22 फरवरी को होगा, जो लॉर्ड बेडेन-पॉवेल, बॉय स्काउट आंदोलन के संस्थापक और लेडी ओलेव बेडेन-पॉवेल, उनकी पत्नी और प्रथम विश्व मुख्य मार्गदर्शक दोनों का जन्मदिन होगा।

1999 में, आयरलैंड में आयोजित 30 वें विश्व सम्मेलन में, इस विशेष दिन के वैश्विक पहलू पर जोर देने के लिए, नाम को “थिंकिंग डे” से बदलकर “वर्ल्ड थिंकिंग डे” कर दिया गया।

आन्दोलन की सार्थकता

स्काउट-गाइड में राज्य पुरस्कार व राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त विद्यार्थियों को सरकारी नौकरियों व प्रवेश में वरियता दी जाती थी।

कुछ वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ़ गर्ल गाइड्स और गर्ल स्काउट्स के सदस्य संगठन अपने ‘जुड़वा’ संगठन के साथ परियोजनाओं को करने के लिए एक अवसर के रूप में उपयोग करते हैं, जैसे कि कनाडा और डोमिनिका ।

थिंकिंग डे से पहले अन्य स्काउट और गाइड को पत्र या पोस्टकार्ड भेजना भी एक परंपरा है। 2009, 2010,2011, 2012 और 2013 में एक पोस्टकार्ड अभियान द्वारा आयोजित किया

स्काउट/गाइड आन्दोलन के तीन आधार-भूत सिद्धान्त

  •  ईश्वर के प्रति कर्तव्य
  • दूसरों के प्रति कर्तव्य
  •  स्वयं के प्रति कर्तव्य

World Thinking Day themes

डे की इस साल की Theme “शांति के लिए एक साथ खड़े रहें” (Stand Together for Peace) होने वाली है।

मै आशा करती हु कि आपको मेरे द्वारा लिखा गया अंतरराष्ट्रीय थिंकिंग डे (World Thinking Day ) आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा इसी प्रकार के आने वाले post की जानकारी सबसे पहले जानने के लिए आप मेरी वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं। धन्यवाद।

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