World Hepatitis Day 2022 | World Hepatitis Day | These Lifestyle Habits Put You At Risk Of Hepatitis

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हेपेटाइटिस किसे कहते है ?

हेपाटाइटिस बी वायरस (HBV) के काऱण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है जो मनुष्य के साथ बंदरों की प्रजाति के लीवर को भी संक्रमित करती है, जिसके कारण लीवर में सूजन और जलन पैदा होती है जिसे हेपाटाइटिस कहते हैं।

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इस बीमारी के कारण एशिया और अफ्रिका में महामारी पैदा हो चुकी है और चीन में यह स्थानिक मारक है। विश्व की जनसंख्या के एक तिहाई लोग, दो अरब से अधिक, हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित हो चुके हैं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ोंके अनुसार विश्वभर में लगभग 32 करोड़ 50 लाख लोग हेपेटाइटिस (Hepatitis) इंफेक्शन का शिकार हैं और इस बीमारी के साथ जिंदगी जीने के लिए मजबूर है।

हेपेटाइटिस (Hepatitis) एक ऐसा इन्फेक्शन है, जो लिवर को प्रभावित करता है। लिवर शरीर की विभिन्न क्रियाओं में मदद करता है, जैसे- खाना पचाने में, एनर्जी को जमा करके रखने में और शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर को डीटॉक्स करने में।

हेपेटाइटिस (Hepatitis) की समस्या होने पर लिवर में इन्फ्लेमेशन यानी सूजन और जलन की होने लगती है। जिस कारण लिवर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होना सुरु हो जाता है। और इससे लिवर कैंसर का भी खतरा हो सकता है

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World Hepatitis Day 2022 | World Hepatitis Day | These Lifestyle Habits Put You At Risk Of Hepatitis

 Hepatitis : हेपेटाइटिस (Hepatitis) लीवर की सूजन है, जो संक्रमण या चोट के कारण हो सकता है. मानसून में हेपेटाइटिस संक्रमण की दर बढ़ जाती है क्योंकि दूषित पानी जोखिम कारकों में से एक है.

हमारी कुछ बुरी लाइफस्टाइल की आदतों की वजह से लीवर लगातार डैमेज होता रहता है. हालांकि इसका पता हमें तब चलता है जब हम हेपेटाइटिस जैसी लीवर की बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं. हेपेटाइटिस लीवर में एक वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) है. वायरल हेपेटाइटिस (Hepatitis) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है.

हेपेटाइटिस कारण और बचाव के तरीके

शराब का सेवन – शराब आपके लीवर की हेपेटाइटिस वायरस से लड़ने की क्षमता को कम कर देता है. इसलिए, अगर आप हेपेटाइटिस संक्रमण से सुरक्षित रहना चाहते हैं तो भारी शराब के सेवन से बचना सबसे अच्छा है.

अस्वच्छ भोजन की आदतें – खाने से पहले और बाद में हाथ नहीं धोना, स्ट्रीट फूड का ज्यादा सेवन आदि हेपेटाइटिस के जोखिम कारक हैं क्योंकि इससे आपके वायरस से संक्रमित होने संभावना बढ़ जाती है.

बाहर का पानी पीना – हेपेटाइटिस वायरस दूषित पानी में लंबे समय तक जीवित रह सकता है और अगर इसका सेवन किया जाए तो यह किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है.

निष्क्रिय जीवनशैली – निष्क्रिय जीवनशैली भी हेपेटाइटिस के लिए एक जोखिम कारक बन जाती है क्योंकि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस से लड़ने की क्षमता खो देती है.

एक से ज्यादा पार्टनर के साथ असुरक्षित संबंध – एक से ज्यादा पार्टनर के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से आप हेपेटाइटिस वायरस के संपर्क में आ सकते हैं. संबंध बनाते समय बहुत सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि इससे आपको वायरस होने का खतरा बढ़ सकता है.

हेपेटाइटिस के लक्षण क्या क्या है ?

  • लीवर में सूजन (Liver Inflammation) होना
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • बहुत तेज बुखार
  • थकान होना
  • भूख न लगना
  • पेट में दर्द
  • गहरे पीले रंग की पेशाब
  • त्वचा में खुजली
  • त्वचा और आंखों में पीलापन (पीलिया के संकेत)
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • डायरिया

अगर बीमारी बाद के स्टेज में पहुंच जाए तो मरीज में कई और गंभीर लक्षण भी नजर आ सकते हैं जैसे- पैर और टखने में सूजन, भ्रम या असमंजस की स्थिति और उल्टी या मल में खून आना।


हेपेटाइटिस के लक्षण दिखने पर क्या करे

  • हेपेटाइटिस के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. क्योंकि इस बीमारी में लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
  • हेपेटाइटिस होने पर हरी पत्तेदार सब्जियां, विटमिन सी युक्त फल, शाकाहारी आहार, ब्राउन राइस, पपीता, नारियल पानी, सूखे खजूर, किशमिश, बादाम और इलायची का अधिक से अधिक सेवन करे।

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