यशवंत सिन्हा: 88 साल की उम्र में श्रीधरन को सीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया

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e sreedharan vs yashwant sinha

एक व्यक्ति के रिटायरमेंट का सही समय कब होना चाहिए यह कहना मुश्किल है। पर प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की अवधि 60 साल निश्चित है।

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राजनीति एक ऐसा प्रोफेशन है जहाँ उम्र की कोई सीमा नहीं है। राजनेताओ की मृत्यु के बाद भी उनको वोट बैंक के लिए याद किया जाता है।

‘मेट्रोमैन’ के नाम से मशहूर श्रीधरन, (E. Sreedharan) 88 वर्ष की आयु में भाजपा में शामिल हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी। 

E. Sreedharan एक भारतीय इंजीनियर हैं, जिन्हें कोंकण रेलवे और दिल्ली मेट्रो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें भारत में सार्वजनिक परिवहन का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है, साथ ही उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया।

ई श्रीधरन (E. Sreedharan) को केरल में बीजेपी के सीएम पद का कैंडिडेट बनाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “88 साल की उम्र में श्रीधरन को सीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया तो फिर 75 साल उम्र के नियम का क्या हुआ।

यशवंत सिन्हा ने Ndtv की वेबसाइट पर इस पर एक पोस्ट लिखा है यशवंत सिन्हा लिखते है की 2014 में, मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले, जानबूझकर एक अफवाह फैलाई गई थी कि 75 वर्ष से अधिक आयु के भाजपा सदस्य को नई सरकार में मंत्री पद के लिए योग्य नहीं माना जाएगा।

साल 2014 के बाद भाजपा ने अपने कई बुजुर्ग नेताओ को पार्टी नेतृत्व से हटा दिया था जिसमे मुख्य रूप से लालकृष्ण आडवाणी जो अब 93 साल के है और मुरली मनोहर जोशी उनकी भी उम्र 87 साल है।

इस सूचि में यशवंत सिन्हा का नाम भी शामिल है जब से यशवंत सिन्हा को बीजेपी ने टिकट देने से मना किया तब से वह मोदी सरकार और पार्टी की कार्य प्रणाली पर मुखर होकर अपने विचार व्यक्त करते रहते है।

जब यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया तो बीजेपी नेता Tajinder Pal Singh Bagga ने उनको जवाब देते हुए ट्वीट किया

सर, वो रूल सेंटर के लिए है स्टेट के लिए नही । आप दिल छोटा न करो, आपको उम्र के कारण निकाला गया है नालायकी के कारण नही”

Tajinder Pal Singh Bagga

ई श्रीधरन (E. Sreedharan) की तरह येदियुरप्पा (B. S. Yediyurappa) अभी भी कर्नाटक की राजनीती में सक्रीय है वह अभी 78 साल के है।

भाजपा के पास केरल में केवल एक विधायक है। केरल में बीजेपी का वोट बैंक नहीं है वह इसीलिए वहां ई श्रीधरन (E. Sreedharan) पर दाव लगा रही है। अब देखना है की बीजेपी का यह दाव उनके लिए कितना फायदे मंद साबित होता है।

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मुझे भी लगता है की राजनेताओ के लिए भी राजनीति करने की एक समय सीमा निश्चित होनी चाहिए। जिससे युवाओ को मौका मिल सके और यह संभव है अगर वोटर ऐसे नेताओ को नकार दे।

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