लीप ईयर क्या होता है

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leap year february 2020
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लीप ईयर क्या होता है ?

लीप ईयर:– हर चार साल में एक बार आता है। इसे अधिवर्ष भी कहा जाता है। लीप ईयर में 365 दिनों के स्थान पर 366 दिन होते हैं। वर्ष का एक दिन अधिक होने से ही इसे लीप ईयर कहा जाता है। और यह पृथ्वी के द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने से जुड़ा हुआ है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है जिसके कारण दिन-रात होते हैं। और दिन -रात से महीने और फिर साल बनता है।

कैसे बनता है लीप ईयर?

पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा करने में 365 दिन और लगभग 6 घंटे (365 दिन, 5 घंटे, 48 मिनट और 45 सेकंड) में पूरी करती है। एक वर्ष में 365 दिन होते हैं। लेकिन प्रत्येक ४ वर्षों में एक दिन अधिक होता है। अतः पृथ्वी की परिक्रमा के समय अतिरिक्त ६ घंटे का जो समय शेष रहता है व​ह चार वर्षो में जुड़कर 1 पूर्ण दिन बनता है। यही कारण है कि हर चौथा साल 366 दिन का होता है। अतः इसी कारण से हर छोटे साल में फरवरी 28 की जगह 29 दिनों की होती है।

लीप ईयर की कुछ ख़ास बातें

1) 29 फरवरी को प्रभावशाली लोगों का जन्म होता है। इनमें देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई (चौथे प्रधानमंत्री सन् 1977 से 79 तक) का भी नाम शामिल है।
2) २९ फरवरी को जन्मे लोग अपना जन्मदिन चार वर्ष में एक बार ही मना पाते है।
3) २९ फरवरी को जन्में व्यक्ति को अपना 25वां जन्मदिन मनाने के लिए 100 साल का होना होगा।
४) लीप ईयर में कर्मचारी को भी 29 दिन काम करना होता है, जबकि वह सामान्य वर्ष में 28 दिन का वेतन लेता है।

लीप ईयर का इतिहास

जूलियस सीजर (इटली के शासक) के शासन काल में जो कैलेंडर उपयोग किया जाता था उसमें एक वर्ष में 365 दिन होते थे। लेकिन कुछ खामियों के कारण उसमें परिवर्तन किया गया और तब से आज तक एक वर्ष में 365 दिन तथा प्रत्येक 4 वर्ष में 1 दिन जोड़कर 366 दिन का एक वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया जिसे सभी ने स्वीकार किया।

लीप ईयर के कुछ खास नियम

जिस साल को चार से भाग किया जा सकता हो उसे लीप ईयर कहा जाता है। जैसे की वर्ष 2008 को 4 से भाग दिया जा सकता है। इसी प्रकार से 2012, 2016, 2020 भी चार से भाज्य है। अगर कोई साल 100 से विभाजित हो जाए तो वो लीप ईयर नहीं है, लेकिन यदि वही साल पूरी तरह से 400 से विभाजित हो जाये तो वो लीप ईयर है। जैसे 1300 सौ से तो विभाजित हो जाता है ।
लेकिन चार सौ से पूरी तरह से विभाजित नहीं है लेकिन 2000 सौ से विभाजित होता है लेकिन यह 400 से पूरी तरह से विभाजित होता है अत: यह लीप ईयर है।

लीप ईयर में 366 दिन क्यों होते है

क्योंकि विश्व में लोगों के द्वारा जोर्जियन कैलेंडर का पालन किया जाता है। और इसके सही तरीके से कामकाज को बनाये रखने के लिए हर साल में एक दिन जोड़ना आवश्यक होता है। अगर हम हर चौथे में एक दिन नहीं जोड़ते है तो हम प्रकृति के कैलेंडर से हर साल 6 घंटे आगे निकल जायेंगे ऐसी स्थिति में हम मौसम और महीने को आपस में जोड़कर नहीं देख पायेंगे। तात्पर्य यह है कि आज जो गर्मी मई,जून में देखी जाती है वह अगले 500 सालों बाद दिसंबर महीने में आने लगेगी।

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