लव जिहाद पर लगाम लगाने वाले यूपी सरकार के अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी,

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Devbhoomi Uttarakhand :50 thousand reward for love jihad in Uttarakhand,
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लव जिहाद एक चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस पर उत्तर प्रदेश में अध्यादेश लाया गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लव जिहाद के खिलाफ बने विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 पर हस्ताक्षर कर इसे मंजूरी दे दी है। इसके बाद ये प्रदेश में औपचारिक रूप से लागू हो गया है और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ बना अध्यादेश कानून में तब्दील हो गया है।

राज्यपाल की अनुमति मिलते ही ये अपराध गैर-जमानती हो गया है और इसे 6 महीनों के भीतर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा।

अगर कोई सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाता है तो उसे 3 साल से 10 साल तक सजा दी जाएगी। इसके अलावा कम से कम 50,000 रुपए का जुर्माना भी देना होगा।

साथ ही धर्म परिवर्तन में शामिल संगठनों का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नाम छिपा कर छद्म नाम से शादी करने वालों को 10 साल तक की सज़ा मिलेगी। इसके साथ ही यह अपराध संज्ञेय अपराध की श्रेणी में होगा और गैर जमानती (Non Bailable) होगा। अभियोग का विचारण प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में किया जाएगा।

लव जिहाद क्या है

लव जिहाद कथित रूप से मुस्लिम पुरुषों द्वारा गैर-मुस्लिम समुदायों से जुड़ी महिलाओं को इस्लाम  में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेम का ढोंग रचना है।

2009 में भारत में राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार केरल और उसके बाद कर्नाटक में कई केस दर्ज किये गए। इसी तरह के केस यूके आदि देशों में भी सामने आये है ।

केरल हाईकोर्ट के द्वारा दिए एक फैसले में लव जेहाद को सत्य पाया है। नवंबर 2009 में, पुलिस महानिदेशक जैकब पुन्नोज ने कहा कि कोई भी ऐसा संगठन नहीं है जिसके सदस्य केरल में लड़कियों को मुस्लिम बनाने के इरादे से प्यार करते थे।

दिसंबर 2009 में, न्यायमूर्ति के.टी. शंकरन ने पुन्नोज की रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और निष्कर्ष निकाला कि जबरदस्ती धर्मांतरण के संकेत हैं। अदालत ने “लव जिहाद” मामलों में दो अभियुक्तों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में इस तरह के 3,000-4,000 सामने आये थे।

लव जिहाद के आरोपों ने विभिन्न हिन्दू, सिख और ईसाई संगठनों में चिंता जताई हैं।    

इससे पहले भी मैंने एक पोस्ट लिखते हुए बताया था की उत्तराखंड में इंटरकॉस्ट मैरिज पर 50000 रूपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब खबरे सामने आ रही है की उत्तराखंड सरकार ने इसे नकारते हुए इसकी जांच के आदेश दिए है।

2017 में, केरल उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में लव जिहाद के आधार पर एक मुस्लिम पुरुष से हिंदू महिला के विवाह को अमान्य घोषित किया। तब मुस्लिम पति द्वारा भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक अपील दायर की गई थी, जहां अदालत ने लव जिहाद के पैटर्न की स्थापना के लिए सभी समान मामलों की जांच करने के लिए एनआईए को निर्देश दिया।

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने कमलरुख ने उनके परिवार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।  उनपर धर्म परिवर्तन के लिए दवाब बनाया गया था।

इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए बॉलीवुड म्यूजिक कंपोजर वाजिद खान की पत्नी कमलरुख खान ने सोशल मीडिया पर अपनी इंटर-कास्ट मैरिज के बारे में पोस्ट शेयर कर अपनी इंटर कास्ट शादी का अनुभव शेयर किया है।  read more

हाल के दिनों मैं देश भर में ऐसे मामले दर्ज किये गए जहाँ पर पहचान छुपा कर शादी कर जबरन धर्म परिवर्तन करने की कोशिस की गयी और नही मानने पर हत्या कर दी गयी।

उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार और हरियाणा में भी लव जिहाद को रोकने के लिए कानून बनाया जाएगा। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में लव जिहाद को रोकने के लिए कानून बनाने पर विचार की बात कही थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया है शादी ब्याह के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक नहीं है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए और न ही इसे मान्यता मिलनी चाहिए। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार भी निर्णय ले रही है कि हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का प्रयास करेंगे।”

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